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बैंक और NBFCs बिज़नेस या उससे संबंधित गतिविधियों को फाइनेंस करने के लिए सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड बिज़नेस लोन प्रदान करते हैं। इसका लाभ स्व-नियोजित व्यक्ति, स्व-नियोजित पेशेवर, प्राइवेट कंपनियां और पार्टनशिप फर्म, MSMEs आदि उठा सकते हैं। इस लेख में बिज़नेस लोन की ब्याज दरों, योग्यता शर्तों, बिज़नेस लोन लेने के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ों और फीस और चार्ज़ेस समेत कई जानकारी दी गई है।
बिज़नेस लोन एक ऐसा लोन है जिसका इस्तेमाल बिज़नेस संबंधित खर्चों जैसे-वर्किंग कैपिटल की ज़रूरत, मशीनरी खरीदने और नया बिज़नेस शुरू करने आदि के लिए किया जा सकता है। इस लोन का लाभ स्व-नियोजित व्यक्ति और स्व-नियोजित प्रोफेशनल्स, निजी कंपनियां, पार्टनरशिप फर्म और MSMEs आदि उठा सकते हैं।
बिज़नेस लोन की ब्याज दरें हर बैंक या NBFC में अलग-अलग होती हैं। ये दरें इस बात पर निर्भर करती हैं कि आवेदक की क्रेडिट प्रोफाइल कैसी है, उसका बिज़नेस किस तरह का है, आवेदक ने कौन-सी लोन सुविधा चुनी है और उसने लोन के लिए किस प्रकार की कोलैटरल/सिक्योरिटी बैंक या लोन संस्थान में जमा की है।
कम ब्याज दरों पर या फिर सस्ता बिज़नेस पाने के लिए ज़रूरी है, आवेदक विभिन्न बैंकों और NBFC द्वारा दिए जाने वाले बिज़नेस लोन की ब्याज दरों को जानें और उनकी तुलना करें। नीचे बिज़नेस लोन प्रदान करने वाले टॉप बैंक और लोन संस्थानों की ब्याज दरों (Business Loan Interest rates) की जानकारी नीचे दी गई है:-
| बैंक/NBFCs | ब्याज दरें (प्रति वर्ष%) |
| HDFC बैंक | 10.75% |
| एक्सिस बैंक | 15% – 19.25% |
| बजाज फिनसर्व | 14% – 25% |
| यस बैंक | 17.25% से शुरू |
| टाटा कैपिटल | 12% से शुरू |
| लेंडिगकार्ट | 13.5% से शुरू |
| IDFC फर्स्ट बैंक | 12.99% से शुरू |
| फ्लेक्सिलोन्स | 12% से शुरू |
| कोटक महिंद्रा बैंक | 9.50% – 30.50% |
| मुथुट फिनकॉर्प | 15% – 36% |
| श्रीराम फाइनेंस | 12% से 42% |
| इंडिफी कैपिटल | 18% से शुरू |
बैंक और NBFC आमतौर पर नीचे दिए गए कारकों के आधार पर अपने बिज़नेस लोन की योग्यता शर्तें निर्धारित करते हैं :-
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बिज़नेस लोन लेने के लिए क्या-क्या डॉक्यूमेंट्स चाहिए, इसके बारे में नीचे टेबल में बताया गया है:-
| विवरण | सेल्फ एंप्लॉएड प्रोफेशनल्स/नॉन-प्रोफेशनल्स |
| पहचान प्रमाण | पासपोर्ट, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड या पैन कार्ड |
| पता प्रमाण | आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट या यूटिलिटी बिल |
| उम्र का प्रमाण | जन्म प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट आदि। |
| आय का प्रमाण | सीए द्वारा प्रमाणित पिछले 2 साल की इनकम कंप्यूटेशन, B/S, पिछले 2 साल प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट स्टेटमेंट के साथ नवीनतम आईटीआर – नवीनतम जीएसटी रिटर्न – पिछले 6 महीनों का बैंक स्टेटमेंट |
| अन्य दस्तावेज़ | कंपनी के पैन की कॉपी – निवास या ऑफिस की ओनरशिप का प्रमाण – बिज़नेस चल रहा है उसका प्रमाण – बिज़नेस रजिस्ट्रेशन का प्रमाण – सोल प्रोपराइटरशिप का सर्टिफिकेट या डिक्लेरेशन, पार्टनरशिप डीड की कॉपी, MOA, AOA और बोर्ड रिज़ॉल्यूशन की सर्टिफाइड कॉपी- पासपोर्ट साइज़ फोटो |
आमतौर पर, बैंक और लोन संस्थान बिज़नेस लोन लेने पर प्रोसेसिंग फीस, प्रीपेमेंट फीस और कमिटमेंट चार्ज, इंस्पेक्शन चार्ज, अकाउंट सर्विस चार्ज, पीनल इंटरेस्ट और डॉक्यूमेंटेशन चार्ज आदि लेते हैं।
हालांकि, बिज़नेस लोन की फीस और चार्ज़ेस बैंक/लोन संस्थानों के आधार पर अलग-अलग होती हैं। नीचे बिज़नेस लोन पर लगने वाली कुछ सामान्य फीस और चार्ज़ेस के बारे में बताया गया है:-
| विवरण | फीस और चार्ज़ेस |
| प्रोसेसिंग फीस | लोन राशि के 6% तक |
| प्रीपेमेंट चार्ज़ेस | मूल बकाया राशि के 5% तक |
| पीनल इंटरेस्ट | बकाया लोन राशि पर 2%-6% |
बिज़नेस लोन के लिए आवेदन करने से पहले आवेदकों को नीचे दी गई बातों की जानकारी होनी चाहिए:-
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अनसिक्योर्ड बिज़नेस लोन (Unsecured Business Loan) के मामले में लोन लेने के लिए कोई गारंटी या सिक्योरिटी की ज़रूरत नहीं होती। इस लोन का इस्तेमाल बिज़नेस का विस्तार करने, मशीनरी या टेक्नोलॉजी अपग्रेड करने और कैश फ्लो संबंधित ज़रूरतों आदि को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
सिक्योर्ड टर्म लोन (Secured Term Loan) एक ऐसा बिज़नेस लोन है जो किसी कोलैटरल या सिक्योरिटी के बदले दिया जाता है। यह सिक्योरिटी संपत्ति, मशीनरी, मौजूदा बिज़नेस एसेट या अन्य फाइनेंशियल गारंटी हो सकती है।
अनसिक्योर्ड ओवरड्राफ्ट लोन (Unsecured Overdraft Loan) एक कोलैटरल-फ्री बिज़नेस लोन है जिसमें आवेदक को तय लिमिट के साथ एक ओवरड्राफ्ट अकाउंट दिया जाता है। यह ओवरड्राफ्ट अकाउंट, करंट अकाउंट से लिंक होता है जिससे कस्टमर्स ज़रूरत पड़ने रकम निकाल सकते हैं।
बैंक और लोन संस्थानों के मौजूदा कस्टमर्स को सिक्योर्ड ओवरड्राफ्ट बिज़नेस लोन (Secured Overdraft Loan) की सुविधा दी जाती है। इसकी मदद से कस्टमर्स अपनी प्रॉपर्टी, फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स आदि को गिरवी रख अपनी बिज़नेस संबंधित खर्चों और कैश फ्लो की ज़रूरतों को पूरा कर सकते हैं।
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यह लोन सेल्फ-एंप्लॉएड पेशेवरों, जैसे कि डॉक्टर/मेडिकल प्रैक्टिशनर, आर्किटेक्ट, CA और CS को दिए जाते हैं। सेल्फ-एंप्लॉएड पेशेवर अपने बिज़नेस और वर्किंग कैपिटल की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए इस लोन सुविधा का लाभ उठा सकते हैं, जिसमें बिज़नेस का विस्तार, ऑफिस परिसर की खरीद या निर्माण, मशीनरी, फर्नीचर, उपकरण, मेडिसिन स्टॉक की खरीद आदि शामिल हैं।
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बिल डिस्काउंटिंग (Bill Discounting) के तहत व्यवसायों को उनके बकाया इनवॉइस के बदले समय से पहले पेमेंट पाने की सुविधा मिलती है। इसके तहत, कारोबारी अपने द्वारा बेची गई वस्तुओं व सेवाओं का बिल लेंडर्स को देते हैं। जिसके बाद लेंडर्स छूट या कमीशन के रूप में एक निश्चित राशि काटने के बाद बिल के समान रकम कारोबारी को देते हैं। बिल की ड्यू डेट पर लेंडर वापस कस्टमर से पूरा भुगतान ले लेता है। अगर इसके भुगतान में कस्टमर द्वारा देरी की जाती है, तो बैंक या NBFCs इस पर पहले से निर्धारित ब्याज लेता है।
मशीनरी फाइनेंस (machinery finance) एक लोन सुविधा है जिसका इस्तेमाल बिज़नेस संबंधित मशीनरी और उपकरणों की खरीद के लिए किया जाता है।
यह लोन मैन्युफैक्चर्रस, ट्रेडर्स और सर्विस प्रोवाइडर्स को सप्लायर्स से कच्चे माल और व्यापारिक वस्तुओं की खरीद के लिए दिया जाता है।
वर्किंग कैपिटल लोन (Working Capital Loan) व्यवसायों की रोज़मर्रा की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए प्रदान किया जाता है। जिसमें कच्चे माल की खरीद या कर्मचारियों को सैलरी देने आदि जैसी ज़रूरतें शामिल हैं।
लेटर ऑफ़ क्रेडिट (Letter of Credit) का उपयोग अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में किया जाता है। एक उद्योग जो इम्पोर्ट-एक्सोर्ट का बिज़नेस करता है, उसे दूसरे देश के सप्लायरों के साथ काम करना होता है। इन सप्लायरों को ये गारंटी चाहिए होती है कि उन्हें समय पर उनका भुगतान मिल जाएगा, ये गारंटी उद्योग की ओर से बैंक लैटर ऑफ़ क्रेडिट जारी करके देता है।
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पर्सनल लोन का इस्तेमाल निजी और बिज़नेस संबंधित ज़रूरतों दोनों को पूरा करने के लिए किया जा सकता है। वहीं बिज़नेस लोन का इस्तेमाल बिज़नेस संबंधित विभिन्न गतिविधियों जैसे- वर्किंग कैपिटल, बिज़नेस का विस्तार करने आदि को पूरा करने के लिए किया जाता है। एक तरफ जहां पर्सनल लोन अनसिक्योर्ड होते हैं, वहीं बिज़नेस लोन सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड दोनों हो सकते हैं।
पर्सनल लोन टर्म लोन के रूप में (जिसमें भुगतान EMI आधारित होता है) या ओवरड्राफ्ट के रूप में दिए जाते हैं। जबकि बिज़नेस लोन टर्म लोन फैसिलिटी, लिमिट बेस्ड फैसिलिटी जैसे- ओवरड्राफ्ट और कैश क्रेडिट अकाउंट, बिल डिस्काउंटिंग और नॉन फंड बेस्ड फैसिलिटी जैसे-लेटर ऑफ क्रेडिट और बैंक गारंटी आदि के रूप में दिए जाते हैं।
ऐसे आवेदक जो बिना कोलैटरल के कम राशि का लोन लेना चाहते हैं, वे पर्सनल लोन या अनसिक्योर्ड बिज़नेस लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। लोग अपनी लोन संबंधित ज़रूरतों के आधार पर संबंधित बिज़नेस लोन योजनाओं का चयन कर सकते हैं।
बैंक और लोन संस्थान व्यक्तियों को उनकी व्यक्तिगत और व्यावसायिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्सनल लोन प्रदान करते हैं, सिवाय अवैध उद्देश्यों के। बिज़नेस लोन केवल विभिन्न व्यवसाय-संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लिया जा सकता है जैसे कि कैपिटल एक्सपेंडिचर फंडिंग, कच्चा माल/स्टॉक खरीदना, दिन-प्रतिदिन के व्यावसायिक कार्यों के वित्तपोषण के लिए वर्किंग कैपिटल जुटाना, आदि।
सिक्योर्ड बिज़नेस लोन और अनसिक्योर्ड बिज़नेस लोन के बीच मुख्य अंतर यह है कि सिक्योर्ड बिज़नेस लोन के लिए कोलैटरल की आवश्यकता होती है, जबकि अनसिक्योर्ड बिज़नेस लोन प्राप्त करने के लिए किसी कोलैटरल की आवश्यकता नहीं होती है।
भारत में विभिन्न प्रकार की बिज़नेस लोन योजनाओं में सिक्योर्ड बिज़नेस लोन, कैश क्रेडिट, अनसिक्योर्ड बिज़नेस लोन, वर्किंग कैपिटल लोन, टर्म लोन, ओवरड्राफ्ट, लेटर ऑफ क्रेडिट, बैंक गारंटी, बिल/इन्वॉइस डिस्काउंटिंग, मशीनरी/इक्विमेंट फाइनेंस, विशेष MSME योजनाएं आदि शामिल हैं।
बिज़नेस लोन के लिए MSMEs, लिमिटेड लायबिलिटी फर्म, प्रोपराइटर्स, सेल्फ एंप्लॉएड प्रोफेशनल्स (CA, CS, डॉक्टर्स, आर्किटेक्ट), सेल्फ एंप्लॉएड इंडिविजुअल्स, प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां, पब्लिक लिमिटेड कंपनियां, आदि योग्य हैं। हालांकि, योग्यता शर्तें बिज़नेस लोन प्रदान करने वाले लेंडर और चुनी गई बिज़नेस लोन स्कीम के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं।
बिज़नेस लोन की न्यूनतम लोन राशि लेंडर्स और लोन योजनाओं के आधार पर व्यापक रूप से भिन्न हो सकती हैं। हालांकि, बैंक और लोन संस्थान बिज़नेस की प्रकृति, भुगतान क्षमता, गिरवी रखे गए कोलैटरल के प्रकार, बिज़नेस कितना पुराना है और आवेदक की वार्षिक आय के आधार पर आवेदकों के लिए लोन राशि की योग्यता तय करते हैं।
आपको 50 लाख रु. का बिज़नेस लोन मिलेगा या नहीं इसकी संभावना इस बात पर निर्भर करेगी कि आप लोन संस्थान द्वारा निर्धारित योग्यता शर्तों को पूरा करते हैं या नहीं। 50 लाख रु. का बिज़नेस लोन अप्रूव करते समय लेंडर्स जिन कुछ कारकों पर विचार कर सकते है, उनमें वार्षिक आय, भुगतान क्षमता, मौजूदा लोन, कोलैटरल की उपलब्धता (अगर ज़रूरी हो) और मार्जिन मनी प्रदान करने की क्षमता (यदि आवश्यक हो) शामिल हैं।
किसी भी लोन के ब्याज पर जीएसटी नहीं लगाया जाता है। हालांकि, बिज़नेस लोन के वितरण से पहले और बाद के चरण के दौरान लगने वाले विभिन्न फीस और चार्ज़ेस पर जीएसटी लगाया जाता है।
आमतौर पर, बैंक और लोन संस्थान बिज़नेस लोन को समय से पहले बंद करने पर फोरक्लोज़र शुल्क लगाते हैं। हालाँकि, RBI के नियमों के अनुसार, लेंडर्स को इंडिविजुअल कस्टमर्स को फ्लोटिंग रेट पर दिए गए पर्सनल लोन पर फोरक्लोज़र शुल्क लगाने की अनुमति नहीं है।
बिज़नेस लोन आमतौर पर वेतनभोगी व्यक्तियों को नहीं दिए जाते हैं। हालांकि, वेतनभोगी व्यक्ति अपने बिज़नेस को फाइनेंस करने के लिए पर्सनल लोन और लोन अगेंस्ट सिक्योरिटीज जैसे लोन का लाभ उठा सकते हैं। ऐसे वेतनभोगी व्यक्ति जिन्होंने होम लोन लिया हैं, वे अपने बिज़नेस लोन से संबंधित वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए, अगर योग्य हैं, तो टॉप-अप होम लोन भी प्राप्त कर सकते हैं।
स्व-नियोजित व्यक्ति, स्व-नियोजित पेशेवर, पार्टनशिप फर्म और MSME स्मॉल बिज़नेस लोन का लाभ उठा सकते हैं।
फ्लोटिंग रेट बिज़नेस लोन के लिए, बैंक और NBFC कोई प्री-क्लोज़र या पार्ट-प्रीपेमेंट शुल्क नहीं लेते हैं। फिक्स्ड रेट बिज़नेस लोन के लिए प्री-क्लोज़र शुल्क 12 महीने की लॉक-इन अवधि के साथ 0%-6% हो सकती है। फिक्स्ड रेट बिज़नेस लोन के लिए पार्ट-प्रीपेमेंट शुल्क 5% तक हो सकती है । कस्टमर्स को लोन डिसबर्सल की तारीख से पहले 6 महीनों में अपने बिज़नेस लोन का पार्ट-प्रीपेमेंट करने की अनुमति नहीं है।
आप अपने बिज़नेस की प्रकृति, बिज़नेस कितना पुराना है, आपके क्रेडिट स्कोर और गिरवी रखे गए कोलैटरल के प्रकार के आधार पर 2 करोड़ रु. तक का बिज़नेस लोन प्राप्त कर सकते हैं।
MSME लोन सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को उनकी बिज़नेस से संबंधित फाइनेंशियल आवश्यकताओं, जैसे- व्यवसाय विस्तार और वर्किंग कैपिटल की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए दी जाने वाली लोन सुविधा है।
बिज़नेस लोन के लिए न्यूनतम क्रेडिट स्कोर की ज़रूरत विभिन्न अलग-अलग लेंडर्स के लिए भिन्न हो सकती है। क्रेडिट स्कोर के मामले में, 750 और उससे अधिक क्रेडिट स्कोर वाले आवेदकों को बिज़नेस लोन पाने की अधिक संभावना होती है, खासकर अनसिक्योर्ड बिज़नेस लोन के लिए।
बिज़नेस लोन में मार्जिन मनी से तात्पर्य उस राशि से है जो उधारकर्ता को किसी वस्तु या सेवाओं की खरीद के लिए बिज़नेस लोन लेने पर उसमें से खुद कुछ हिस्से का योगदान करना होता है।
उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि कोई कस्टमर 10 लाख रु. का बिज़नेस लोन लेकर उपकरण खरीदना चाहता है और लेंडर 25% मार्जिन मनी मांगता है। इस मामले में, बैंक उस उपकरण को खरीदने के लिए 7.5 लाख रु. का लोन देगा जबकि उस उपकरण की शेष लागत, यानी 2.5 लाख रु. का प्रबंध कस्टमर को खुद करना होगा।
बिज़नेस लोन का उपयोग बिज़नेस संबंधित आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया जा सकता है, जिसमें वर्किंग कैपिटल की ज़रूरतें जैसे कि इन्वेंट्री/कच्चा माल खरीदना, सैलरी/मज़दूरी, किराया आदि और कैपिटल एक्सपेंडिचर की आवश्यकताएं जैसे कि मशीनरी और उपकरण खरीदना, अन्य अचल संपत्तियों का अधिग्रहण और व्यवसाय विस्तार के लिए अन्य गतिविधियां करना शामिल है।
आमतौर पर, आवेदक उन बैंकों से बिज़नेस लोन लेना पसंद करते हैं जो सबसे कम ब्याज दरें ऑफर करते हैं, जिससे उन्हें पूरी अवधि के दौरान ब्याज में बचत करने में मदद मिलती है। ब्याज दरों के अलावा, आवेदक बिज़नेस लोन के लिए बेस्ट बैंक चुनते समय विभिन्न मापदंडों पर भी विचार करते हैं, जैसे- लोन अवधि, लोन राशि, मार्जिन मनी, कोलैटरल का प्रकार और वैल्यू, चार्ज़ेस, लोन गारंटी रिक्वायरमेंट, भुगतान अवधि और लोन डिसबर्सल में लगने वाला समय।
कई बैंक और लोन संस्थानों की आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के बजाय, आवेदक पैसाबाज़ार जैसे ऑनलाइन फाइनेंशियल मार्केटप्लेस पर जाकर विभिन्न लेंडर्स द्वारा दी जाने वाली बिज़नेस लोन की ब्याज दरों और अन्य सुविधाओं की तुलना करके अपने लिए बेस्ट लोन चुन सकते हैं।
बिज़नेस लोन के लिए आवश्यक दस्तावेज़ हर बैंक और NBFCs में अलग-अलग होते हैं। हालांकि, बिज़नेस लोन के लिए आवेदन करते समय मांगे जाने वाले आम दस्तावेज़ों में KYC दस्तावेज़ (आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट), पता प्रमाण (यूटिलिटी बिल, टेलीफोन बिल, बिजली बिल, सेल्स डीड, रजिस्टर्ड लीज डीड, नरेगा कार्ड), ऑफिस ओनरशिप, बिज़नेस कंटिन्युटी प्रूफ आदि शामिल हैं।
बैंक और लोन संस्थान आमतौर पर लोन आवेदन के समय आवेदक की उम्र कम से कम 21 साल और लोन मैच्योरिटी के समय 65 वर्ष की उम्र की अपेक्षा करते हैं, साथ ही उनका न्यूनतम बिज़नेस 3 साल का होना चाहिए। इनके अलावा, लोन संस्थान बिज़नेस के क्रेडिट स्कोर/क्रेडिट रेटिंग, न्यूनतम मार्जिन योगदान, कोलैटरल (यदि आवश्यक हो), वार्षिक कारोबार, अप्रूव्ल्स/पंजीकरण/लाइसेंस/सर्टिफिकेशन, व्यवसाय की प्रकृति, आईटी/जीएसटी रिटर्न आदि से संबंधित कुछ विशिष्ट योग्यता शर्तें भी निर्धारित करते हैं।
बिज़नेस लोन की ब्याज दरें बैंक/NBFC आवेदक द्वारा चुनी गई योजना, गिरवी रखे गए कोलैटरल के प्रकार आदि के आधार पर भिन्न हो सकती हैं। वहीं अधिकांश लेंडर्स ने अपनी विभिन्न बिज़नेस लोन योजनाओं की ब्याज दरों की जानकारी नहीं दी है।
बिज़नेस लोन के लिए संबंधित बैंक/NBFC की वेबसाइट/ऐप पर जाकर या फिर बैंक के नज़दीकी ब्रांच जाकर अप्लाई कर सकते हैं। इसके अलावा, आवेदक पैसाबाज़ार जैसे ऑनलाइन फाइनेंशियल मार्केटप्लेस पर जाकर लोन की ब्याज दरों और विभिन्न लेंडर्स द्वारा ऑफर की जा रही ब्याज दरों की तुलना कर सकते हैं।