प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर के बैंकों द्वारा दी जाने वाली ओवरड्राफ्ट लोन पर ब्याज दर (Interest Rate on Overdraft) आवेदकों के लिए अलग-अलग होती हैं और आवश्यक लोन राशि, भुगतान अवधि और संबंधित बैंक या फाइनेंशियल संस्थान के साथ संबंधों पर निर्भर करती है।
ओवरड्राफ्ट अकांउट की विशेषताएं
ओवरड्राफ्ट का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की ज़रूरत पड़ने पर और बिज़नेस कैश फ्लो को मैनेज करने के लिए किया जाता है। व्यवसायियों को आमतौर पर अपने ग्राहकों से भुगतान की रकम प्राप्त करने के लिए इंतजार करना पड़ता है और कई बार इसमें देरी हो जाती है। इस बीच पैसे की ज़रूरत पड़ने पर अपने करंट ओवरड्राफ्ट की सुविधा से व्यवसायी पैसे निकाल सकते हैं। कोई भी व्यवसायी किसी तरह के भुगतान के लिए अपने ओवरड्राफ्ट अकाउंट का चेक भी दे सकता है। यह चेक डिसओनर और बिज़नेस के रेप्यूटेशन को बनाएं रखने में मदद करता है।
हालांकि, यह सुविधा सभी लोगों को प्रदान नहीं की जाती है। यह सुविधा बैंक के मौजूदा कस्टमर्स को प्रदान की जाती है जिन्होंने लगातार समय पर भुगतान किया है और जिनका क्रेडिट स्कोर अच्छा है वह इस सुविधा को ले सकते हैं। इससे भी अधिक, इस ओवरड्राफ्ट सुविधा में एक वार्षिक शुल्क लगता है और ग्राहक जब भी चाहे इस सेवा को बंद करा सकते हैं।
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ओवरड्राफ्ट के लाभ व नुकसान क्या हैं?
ओवरड्राफ्ट के लाभ व नुकसान निम्नलिखित हैं:
| लाभ | नुकसान |
| व्यवसाय के कैश फ्लो के मैनेजमेंट में मदद करता है | अधिक ब्याज दर |
| तत्काल नकदी की कमी की आवश्यकताओं को पूरा करता है | केवल बैंक खाताधारकों को ऑफर किया जाता है |
| ब्याज का भुगतान केवल उपयोग की गई राशि पर किया जाता है | स्वीकार लिमिट आवेदक के फाइनेंस पर निर्भर करती है |
| कम समय में राशि निकाली जा सकती है | शॉर्ट टर्म के लिए मिलता है- हर साल बदलता है |
| बैंक द्वारा कोई कोलैटरल नहीं लिया जाता | लॉन्ग टर्म फाइनेंस के लिए उपयुक्त नहीं है |
ओवरड्राफ्ट (OD) अकांउट के प्रकार
विभिन्न प्रकार के ओवरड्राफ्ट अकांउट के लिए अलग-अलग योग्यता शर्तें होती हैं:-
सैलरी अकाउंट के बदले ओवरड्राफ्ट
कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों के लिए खोले गए सैलरी अकाउंट पर ओवरड्राफ्ट (Salary Account Overdraft) सुविधा मिल सकती है। लेकिन इसके लिए ज़रूरी है कि आवेदक की मंथली सैलरी उसी अकाउंट में जमा होती हो और कंपनी बैंक की अप्रूव्ल लिस्ट में होनी चाहिए।
विशेषताएँ
सेविंग अकांउट के बदले ओवरड्राफ्ट
प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत खोले गए सभी सेविंग अंकाउट 5,000 रु. या पिछले महीने में मौजूदा बैलेंस (जो भी कम हो) की 4 गुना राशि ओवरड्राफ्ट (Overdraft) के रूप में ले सकते हैं। इसके लिए बैंक अकाउंट 6 महीने से एक्टिवेट होना चाहिए और परिवार का केवल एक सदस्य ही इसके लिए योग्य होता है। यह सुविधा परिवार में कमाने वाले सदस्य को ही दी जाती है, विशेषकर महिला। इसमें अकांउट को आधार कार्ड के साथ जोड़ा गया हो।
RBI के निर्देशों के पालन के लिए अकांउट होल्डर के पास दूसरा सेविंग अकांउट भी हो। नाबालिग और KCC (किसान क्रेडिट कार्ड) वाले व्यक्ति इस स्कीम को लेने के लिए मान्य नहीं होते हैं। यहाँ इस सुविधा के लिए वार्षिक फीस देनी पड़ती है। हालांकि, ब्याज दर बेस रेट से 2% से अधिक नहीं हो सकती है। इस सुविधा में कोई प्रॉसेसिंग फीस नहीं लगती है।
सेविंग्स अकांउट के लिए ओवरड्राफ्ट (Overdraft) का दूसरा अच्छा उदाहरण है सिटीबैंक सुविधा बचत अकांउट। इसमें आपको 5 लाख रु. ओवरड्राफ्ट के रूप में मिल सकते हैं। बैंक ब्याज दर के साथ न्यूनतम EMI राशि तय करता है। हालांकि, ग्राहक अपनी सुविधा अनुसार किसी भी समय EMI की राशि को बढ़ाने का चयन कर सकते हैं। इस स्कीम में प्री-पेमेंट फीस शामिल नहीं होती है।
टाइम डिपॉज़िट (FD) के बदले ओवरड्राफ्ट
टाइम डिपाज़िट जैसे कि फिक्सड डिपाज़िट के बदले भी ओवरड्राफ्ट (Time Deposit Overdraft) लिया जा सकता है। हालांकि, सभी बैंक इस सुविधा को प्रदान नहीं करते हैं क्योंकि यह केवल बैंक की पॉलसी के अधीन है। देश के पब्लिक सेक्टर बैकों में से SBI, टाइम डिपाज़िट के लिए ओवरड्राफ्ट की सुविधा प्रदान करता है। सभी ग्राहक जिनके पास SBI की किसी भी शाखा में सिंगल/ जॉइन्ट टाइम डिपाज़िट है जैसे कि TDR /STDR और RD जिसमें NRI/ NRO RFC शामिल है, वे इस सुविधा को ले सकते हैं। कस्टमर इंटरनेट बैकिंग के द्वारा भी TDR और STDR ओवरड्राफ्ट के लिए आवेदन कर सकते हैं।
ओवरड्राफ्ट (Overdraft) की राशि को न्यूनतम 25,000 रु. और अधिकतम 5 करोड़ रु. होती है। ओवरड्राफ्ट की राशि टाइम डिपॉज़िट की राशि के 90% से अधिक नहीं हो सकती। भुगतान अवधि को उधारकर्ता की भुगतान क्षमता और ओवरड्राफ्ट की राशि के अनुसार निर्धारित किया जाता है। SBI कोई भी प्रोसेसिंग फीस और प्री-पेमेंट चार्ज नहीं वसूलता है। इस तरह के ओवरड्राफ्ट को सिक्योर्ड ओवरड्राफ्ट भी कहा जाता है।


