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होम लोन कई तरह के होते हैं और उनकी शर्तें भी अलग-अलग होती हैं। होम लोन की ब्याज दरें भी होम लोन योजनाओं के आधार पर अलग-अलग होती हैं। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि होम लोन क्या है (Home Loan kya Hai), होम लोन कैसे ले सकते हैं (Home Loan Kaise Milega), और कम इंटरेस्ट रेट पर लोन कैसे मिलेगा (Home Loan on Low Interest rates) और बैंक क्यों किसी की होम लोन एप्लीकेशन को स्वीकार और अस्वीकार करते हैं।
लगभग सभी बैंक और कई हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां (एचएफसी) घर/ फ्लैट/ जमीन खरीदने के लिए होम लोन प्रदान करती हैं। आमतौर पर आवेदक के क्रेडिट स्कोर, मासिक इनकम, लोन राशि, लोन टू वैल्यू (LTV) रेश्यो, जॉब प्रोफ़ाइल, नियोक्ता/ कंपनी की प्रोफ़ाइल आदि के आधार पर 30 वर्षों तक की अवधि के लिए होम लोन प्रदान किया जाता है। आवेदक की क्रेडिट प्रोफाइल और बैंक/ लोन संस्थानों द्वारा निर्धारित एलटीवी रेश्यो के आधार पर लोन राशि होम प्रॉपर्टी वैल्यू की 75% से 90% तक होती है। Paisabazaar की वेबसाइट पर, आप टॉप बैंकों और HFC द्वारा दी जाने वाली ब्याज दरों और अन्य सुविधाओं की तुलना कर सकते हैं, और अपने लिए सबसे बेहतर गृह ऋण/ होम लोन चुन सकते हैं। पैसाबाज़ार पर लोन के लिए अप्लाई करने की पूरी प्रक्रिया डिजिटल है और आप घर बैठे लोन ले सकते हैं।
| होम लोन की विशेषताएं | |
| ब्याज दर | 7.10% प्रति वर्ष से शुरू |
| लोन राशि | आवेदन के आधार पर अलग-अलग राशि |
| एलटीवी रेश्यो | प्रॉपर्टी वैल्यू का 90% तक |
| लोन अवधि | 30 वर्ष तक |
| प्रोसेसिंग फीस | लोन राशि का 2% तक |
गृह ऋण एक सिक्योर्ड लोन है जो नया घर खरीदने, घर का निर्माण करने और रेनोवेशन आदि के लिए पड़ने वाली पैसों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है। यह लोन बैंक व HFCs द्वारा प्रदान किया जाता है। जिसका भुगतान EMI (समान मासिक किश्त) के माध्यम से एक निश्चित समयावधि में चुकना होता है।
इस पेज पर पढ़ें :
| फीस प्रकार | फीस/शुल्क |
| प्रोसेसिंग फीस | लोन राशि की 1% – 2% |
| फोरक्लोज़र/प्रीपेमेंट फीस | फ्लोटिंग रेट के लिए: शून्य |
| फिक्स्ड रेट के लिए: बकाया मूल राशि पर लगभग 2% – 4% | |
| ईएमआई पर बकाया फीस | उस EMI की 2% प्रति माह जिसका भुगतान नहीं किया गया है |
| ईएमआई बाउंस चार्ज | लगभग ₹400 |
| लीगल फीस | मौजूदा दरों के मुताबिक |
होम लोन की ईएमआई को तुरंत कैलकुलेट करने के लिए पैसाबाज़ार के होम लोन ईएमआई कैलकुलेटर का उपयोग करें। ऑनलाइन लोन कैलकुलेटर मूल राशि, ब्याज दर और अवधि के आधार पर आपको बताता है की आपको कितनी EMI देनी होगी। लोन कैलकुलेटर आपको ये भी बताता है की आप पूरी भुगतान अवधि के दौरान ब्याज कितना देंगे। लोन लेने से पहले अगर आप उसकी ईएमआई जान लेते हैं, तो आपको पता चल जाएगा कि आपकी जेब पर कितना भार पड़ने वाला है।
Monthly EMI ₹ 15,622
Total Amount Payble ₹ 5,62,395(Principal + interest)
Principal Amount ₹ 5,00,000
Total Interest Payble ₹ 62,395
बैंक/ लोन संस्थान अलग- अलग उद्देश्यों के लिए गृह ऋण प्रदान करते हैं। इसलिए किसी भी प्रकार के लोन के लिए आवेदन करने से पहले, ये पता लगाए कि आपको अपनी किस ज़रूरत के लिए लोन चाहिए। उपलब्ध होम लोन के कुछ प्रकार निम्नलिखित हैं:
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होम लोन की योग्यता शर्तें बैंक/ लोन संस्थान और लोन योजनाओं के मुताबिक अलग- अलग होती हैं। हालांकि, कुछ सामान्य होम लोन योग्यता शर्तें निम्नलिखित हैं:
इनके अलावा, होम लोन की योग्यता शर्तें इस पर भी निर्भर करती हैं कि आप किस प्रकार की प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं और कहां खरीद रहे हैं।
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नोट: ऊपर दी गई लिस्ट के आलावा बैंक/ लोन संस्थान अतिरिक्त दस्तावेज़ भी मांग सकते है।
भारत सरकार, होम लोन लेने पर इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत टैक्स बेनिफिट (Tax Benefits of Home Loan) प्रदान करती है। हाउसिंग लोन पर मिलने वाले टैक्स बेनिफिट से आप हर साल अच्छी-खासी बचत कर सकते हैं। नीचे उन टैक्स लाभों की जानकारी दी गई है, जो आपको लोन EMI के भुगतान पर मिल सकते हैं:
| इनकम टैक्स एक्ट सेक्शन | किस पर होम लोन टैक्स लाभ मिलता है | अधिकतम टैक्स छूट राशि |
| सेक्शन 24(b) | ब्याज भरने पर | ₹2 लाख |
| सेक्शन 80C | मूल लोन राशि पर (स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस भी) | ₹1.5 लाख |
यह भी पढ़ें: भारत में होम लोन की प्रक्रिया
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आप 3 आसान स्टेप्स को फॉलो करके पैसाबाज़ार के ज़रिये होम लोन के लिए अप्लाई कर सकते है:
लोन के लिए सफलतापूर्वक आवेदन करने के बाद आपको होम लोन आवेदक की पुष्टि के साथ एक रेफरेंस नंबर दिया जाएगा। इसके बाद, हमारे लोन एक्सपर्ट इस आवेदन को आगे बढ़ाने के लिए 24 घंटे के भीतर संपर्क करेंगे।
महिलाओं के पास अपना घर हो, इसके लिए कुछ बैंक/ लोन संस्थान महिलाओं को होम लोन पर 0.05% जितनी कम ब्याज दर प्रदान करते हैं। इसलिए, जो भी कस्टमर हाउसिंग लोन लेने की सोच रहें है उन्हें अपनी पत्नी को प्राथमिक आवेदक बनाकर जॉइंट होम लोन लेने कि सलाह दी जाती है। ऐसा करने पर आपको कुछ बेनिफिट्स मिलते है जिनमे ब्याज में रियायत, टैक्स बेनिफिट और लोन अप्रूव्ल की बेहतर संभावनाएं शामिल हैं।
होम लोन प्राप्त करने की प्रक्रिया में कई स्टेप्स शामिल हैं, जिनके बारे में नीचे बताया गया है:
होम लोन प्रोसेस एप्लीकेशन फॉर्म भरने, केवाईसी दस्तावेज़, आय का प्रमाण और संपत्ति से संबंधित दस्तावेज़ जमा करने से शुरू होता है। सह-आवेदक (यदि कोई हो) को भी आवेदन पत्र पर हस्ताक्षर करना होगा और वही दस्तावेज़ जमा करने होंगे जो मुख्य आवेदक ने जमा किए हैं।
नोट: होम लोन के लिए जमा किये जाने वाले दस्तावेज़ों की पूरी लिस्ट यहां जाने।
बैंकिंग सेवाओं के डिजिटलीकरण के साथ, कई बैंकों और एचएफसी लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा प्रदान करते है। इस तरह की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रियाओं ने आवेदक को ‘इंस्टेंट’ ‘प्री-अप्रूव्ड’ होम लोन देने और लोन प्रक्रिया को तेज़ और अधिक सुविधाजनक बनाने में भी मदद की है।
आवश्यक दस्तावेज़ों और आवेदन पत्र जमा करने के बाद, बैंक/HFCs क्रेडिट मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू करते है। जिसमे आवेदक की आय, नौकरी, क्रेडिट स्कोर, मौजूदा लोन या कोई EMI, नियोक्ता की प्रोफाइल, व्यवसाय (यदि स्व रोजगार है) आदि के आधार पर आवेदक की होम लोन योग्यता को निर्धारित किया जाता है। इसके साथ ही बैंक HFCs आपके द्वारा होम लोन आवेदन में दी गई जानकारी को चेक करने के लिए, बैंक/HFCs ऐजेंट आपके घर भी आ सकते हैं या आप जहां नौकरी करते हैं उस कंपनी/ संगठन से संपर्क कर सकते हैं।
लोन देने से पहले बैंक प्रॉपर्टी से जुड़ी चीजों को चेक करते है। जिसमे आपको टाइटल एग्रीमेंट की मूल कॉपी, NOC, एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट और अन्य दस्तावेज़ जमा करने होंगे जो आपसे लोन संस्थान ने मांगे हैं। यह भी चेक किया जाएगा कि जिस प्रॉपर्टी के लिए लोन आवेदन किया है वह संपत्ति आपकी है या नहीं, प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट ठीक है या नहीं। इसके अलावा बैंक प्रॉपर्टी की वर्तमान और रिसेल वैल्यू के साथ बिल्डिंग की उम्र, मौजूदा हालत और निर्माण क्वालिटी को भी चेक करते है। प्रॉपर्टी पर कानूनी जांच भी की जाएगी यह सुनिश्चित करने के लिए कि इसपर कोई विवाद नहीं है।
वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद बैंक आपको एक सेंक्शन लेटर देता है। जिसमे आपके होम लोन आवेदन को मंजूरी दी जाती है। इसके साथ ही सेंक्शन लेटर में ज़रूरी डिटेल्स भी होती हैं, जैसे:
सेंक्शन लेटर पर सिग्नेचर करने के बाद आवेदक को वन-टाइम सिक्योर पेमेंट फीस का भुगतान करना होता है। हालांकि बैंक आपको लोन मंजूरी से पहले या बाद में भी सिक्योर पेमेंट फीस का भुगतान करने को कह सकता है।
ऊपर बताए गए सभी चरणों को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद बैंक होम लोन आवेदन की मंजूरी देते है और आवेदक को एक फाइनल एग्रीमेंट लेटर दिया जाता है। यदि आप बने बनाएं घर या फ्लैट को खरीदते है तो बैंक एकमुश्त लोन राशि प्रदान करता है। जबकि घर बनने के मामले में बैंक निर्माण कार्य के हिसाब से लोन राशि देते है।
ध्यान दें: ऊपर बताए गए होम लोन प्रोसेस एक बैंक से दूसरे बैंक में अलग हो सकता है।
730 या उससे अधिक क्रेडिट स्कोर बनाए रखें
जिन आवेदकों का क्रेडिट स्कोर 730 या उससे अधिक होता है, उन्हें बैंक लोन देने में दिलचस्पी दिखाते है। अधिक क्रेडिट स्कोर वाले आवेदकों को कम इंटरेस्ट रेट पर लोन मिलने की संभावनाएं भी बढ़ जाती है। वहीं अगर बात करें कम क्रेडिट स्कोर वाले आवेदकों की तो उनके लोन स्वीकार होने की संभावना कम होती है और अगर लोन मिल भी जाए तो उसकी ब्याज दरें अधिक होती है।
अपने मौजूदा बैंकों और HFCs से संपर्क करें
कई बैंक/HFCs अपने मौजूदा ग्राहकों को उनकी क्रेडिट प्रोफाइल के हिसाब से कई सारे लाभ प्रदान करते है जिनमे प्री-अप्रूव्ड लोन और कम ब्याज दरों पर लोन आदि शामिल है। इसलिए, होम लोन के लिए अप्लाई करने से पहले उन बैंकों/हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों द्वारा दी जाने वाली ब्याज दरों को ज़रूर चेक करें जिनमे पहले से आपका लोन, डिपॉजिट या क्रेडिट कार्ड अकाउंट है।
बैंकों और HFCs द्वारा दी जाने वाली ब्याज दरों की तुलना करें
आप अपने मौजूदा बैंकों और एचएफसी के होम लोन ऑफर चेक करने के अलावा अन्य बैंकों/एचएफसी द्वारा दी जाने वाली हाउसिंग लोन ब्याज दरों की भी तुलना करें। ऐसा इसलिए क्योंकि बैंक अलग-अलग ग्राहकों को अलग-अलग ब्याज दरों पर लोन ऑफर करते हैं। यह आवेदकों के क्रेडिट स्कोर, मासिक आय और नियोक्ता/ कंपनी की प्रोफाइल जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है।
कम समय में कई सारे लोन अप्लाई करने से बचें
कम समय में कई लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने से बचें, इससे आपका क्रेडिट स्कोर प्रभावित हो सकता है और आपको लोन मिलने की संभावना भी कम हो सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि जब भी आप लोन के लिए आवेदन करते हैं, तब बैंक/ HFCs आपकी क्रेडिट योग्यता का मूल्यांकन करने के लिए क्रेडिट ब्यूरो से आपकी क्रेडिट रिपोर्ट मांगते हैं। इस पूरी प्रक्रिया को हार्ड-इन्क्वायरी कहा जाता है। हार्ड-इन्क्वायरी की वजह से आपका क्रेडिट स्कोर कुछ पॉइंट से कम हो सकता है। इसलिए, बैंक/ HFCs में सीधे लोन के लिए आवेदन करने के बजाय, Paisabazaar जैसी ऑनलाइन फाइनेंशियल मार्केटप्लेस का उपयोग करें। जहां आप कई लोन ऑफर की आपस में तुलना और लोन के लिए अप्लाई भी कर सकते हैं।
ब्याज लागत को कम करने के लिए बैलेंस ट्रांसफर करें
बैलेंस ट्रांसफर सुविधा के तहत ग्राहक अपने मौजूदा होम लोन की बकाया राशि को कम ब्याज दरों, बेहतर शर्तों और नियमों पर किसी अन्य बैंकों या HFCs में ट्रांसफर कर सकते हैं। कम ब्याज दर होने की वजह से ब्याज लागत में भी कमी आती है यानी कि आपको कम ब्याज राशि का भुगतान करना पड़ता है। क्योंकि हर बैंक की इंटरनल क्रेडिट असेसमेंट पॉलिसी अलग होती है, इसलिए एक आवेदक को बैलेंस ट्रांसफर पर दी जाने वाली ब्याज दरें भी एक बैंक से दूसरे बैंक में अलग हो सकती है। इसलिए अपना होम लोन ट्रांसफर करने से पहले विभिन्न बैंकों और HFCs की बैलेंस ट्रांसफर ब्याज दरों की तुलना ऑनलाइन फाइनेंशियल मार्केटप्लेस पर ज़रूर कर लें।
उत्तर: अधिकांश आवेदकों के लिए, बेस्ट होम लोन ब्याज दर ऑफर करने वाला बैंक/ लोन संस्थान वह होता है जो सबसे कम ब्याज दर प्रदान करता है। हालांकि, बैंक/ लोन संस्थान अपने क्रेडिट रिस्क के मूल्यांकन के आधार पर अपने लोन आवेदकों के लिए लोन की ब्याज दरें निर्धारित करते हैं। जैसा कि बैंक/ लोन संस्थानों द्वारा क्रेडिट रिस्क के मूल्यांकन करने की प्रक्रिया अलग- अलग हो सकती है, आवास ऋण आवेदकों को उनकी क्रेडिट प्रोफाइल पर उपलब्ध बेस्ट होम लोन दरों पर लोन प्राप्त करने के लिए अधिक से अधिक बैंक/ लोन संस्थानों द्वारा प्रदान किए जाने वाले लोन की तुलना करनी चाहिए।
उत्तर: नहीं। होम लोन देते समय बैंक/ लोन संस्थान आमतौर पर 20% का मार्जिन रखते हैं। इसका मतलब यह है कि बैंक/ लोन संस्थान खरीदी जा रही प्रॉपर्टी की कीमत के 80% तक लोन देते हैं। बाकी की 20% राशि का इंतज़ाम आपको खुद करना होता है। कुछ मामलों में बैंक, प्रॉपर्टी के मूल्य का 90% तक लोन देने के लिए तैयार हो जाते हैं लेकिन ये कई कारकों पर निर्भर करता है जैसे, आवेदक की भुगतान क्षमता, उम्र, क्रेडिट स्कोर, प्रॉपर्टी संबंधित जानकारी (प्रॉपर्टी किस जगह पर है, कितनी पुरानी है, और मार्केट वैल्यू कितनी है)।
उत्तर: बैंक/ लोन संस्थान अपनी लोन एप्लीकेशन और लोन राशि की योग्यता का मूल्यांकन करते समय आवास ऋण आवेदकों की भुगतान क्षमता पर विचार करते हैं। होम लोन ऑफर करने वाले बैंक/ लोन संस्थान आमतौर पर उन आवेदकों को लोन प्रदान करना पसंद करते हैं जिनकी कुल ईएमआई (जिसमें वर्तमान मे चल रहे लोन और लिए जाने वाले लोन की ईएमआई शामिल है), उनकी मासिक आय के 50-60% तक होती है। इसलिए, आवेदक अपनी भुगतान क्षमता के आधार पर लोन की अधिकतम राशि और अवधि का पता लगाने के लिए ऑनलाइन होम लोन ईएमआई कैलकुलेटर का उपयोग कर सकते हैं।
होम लोन प्राप्त करने के लिए बैंक और HFCs कुछ योग्यता शर्तों को निर्धारित करते है। हालांकि यहां योग्यता शर्तें लोन योजनाओं के अनुसार अलग-अलग होती है। जैसे:
इसके अलावा, होम लोन की योग्यता शर्तें इस पर भी निर्भर करती हैं कि आप किस प्रकार की प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं और कहां खरीद रहे हैं।
उत्तर: बैंक व लोन संस्थान 730 या ज़्यादा सिबिल स्कोर वाले आवेदकों को लोन देना पसंद करते हैं। अधिक सिबिल स्कोर होने से आपको कम ब्याज दरों पर होम लोन मिल सकता है। हालांकि कई बैंक/ लोन संस्थान 730 से कम सिबिल स्कोर वालों को भी लोन प्रदान करते हैं, लेकिन अधिक ब्याज दरों पर। वे आवेदक जिनका क्रेडिट स्कोर कम है यै फिर है ही नहीं, वो सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड की मदद से अपने क्रेडिट स्कोर को बना सकते हैं या सुधार कर सकते हैं।
उत्तर: आपके परिवार का कोई सदस्य जैसे पिता, मां, बहन- भाई, पति-पत्नी या बच्चे आदि आपके साथ होम लोन में सह- आवेदक बन सकते हैं। इनके अलावा, प्रॉपर्टी के सह-मालिक आपके साथ लोन में भी सह-आवेदक होने चाहिए।
उत्तर: आरबीआई के नियमों के मुताबिक, बैंक फ्लोटिंग रेट पर दिए गए लोन पर प्री-पेमेंट फीस नहीं ले सकता है। हालांकि, अगर लोन फिक्स्ड रेट पर दिया गया है तो प्री-पेमेंट फीस लागू हो सकती है।
उत्तर: होम लोन बैलेंस ट्रांसफर (Home Loan Balance Transfer) से आप अपने मौज़ूदा होम लोन को कम ब्याज दर और बेहतर लोन शर्तों पर किसी अन्य बैंक में ट्रांसफर कर सकते हैं। इस सुविधा का उपयोग खासकर उन लोगों को करना चाहिए जिन्होंने पहले अधिक ब्याज दरों पर गृह ऋण लिया था लेकिन अब उनकी क्रेडिट प्रोफाइल में सुधार होने और मार्केट में ब्याज दर कम होने से वे कम ब्याज दरों पर लोन प्राप्त कर सकते हैं। बैलेंस ट्रांसफर की सुविधा का लाभ उठाने से पहले, कॉस्ट-बेनिफिट का विश्लेषण करें यानी कि ये पता कर लें कि बैलेंस ट्रांसफर में लगने वाली फीस की लागत ब्याज पर हो रही बचत से तो ज़्यादा नहीं है। दो बैंक/ लोन संस्थानों द्वारा दी जाने वाली ब्याज दरों, बकाया लोन राशि और बकाया अवधि के बीच के अंतर को कैलकुलेट करें।
अगर बकाया लोन राशि कम है या लोन का भुगतान करने के लिए कुछ ही साल बाकी हैं या फिर ब्याज दर में अंतर आने से बचत बहुत कम हो रही है तो लोन बैलेंस ट्रांसफर का विकल्प न चुनने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, प्रोसेसिंग फीस के बारे में पता करना न भूलें, जो कि नया बैंक/ लोन संस्थान बैलेंस ट्रांसफर के लिए चार्ज करेगा।
उत्तर: हां, अगर वह बैंक/ लोन संस्थान जिससे आप दूसरा होम लोन लेना चाहते हैं, आपकी भुगतान क्षमता, क्रेडिट प्रोफाइल और गिरवी रखी गई प्रॉपर्टी संबंधी जानकारी से संतुष्ट है, तो आप दूसरी प्रॉपर्टी के लिए दूसरा होम लोन प्राप्त कर सकते हैं।
उत्तर: आमतौर पर, बैंक/ लोन संस्थान होम लोन एप्लीकेशन को मंज़ूर करने में 1 से 2 सप्ताह का समय लेते हैं। हालांकि, यह बैंकों/एचएफसी की लोन मंज़ूरी की प्रक्रिया, आवेदक की क्रेडिट प्रोफाइल और खरीदी/निर्माण की जाने वाली प्रॉपर्टी की विशेषताओं के आधार पर अलग- अलग हो सकता है। हमारी सलाह है कि अपने बैंक/ लोन संस्थान की योग्यता शर्तों और दस्तावेज़ीकरण प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त कर लें ताकि आप पहले से तैयार रहें, और लोन एप्लीकेशन की मंज़ूरी की प्रक्रिया में लगने वाला समय कम हो सके।
उत्तर: फिक्स्ड रेट लोन के तहत इंटरेस्ट रेट पूरी लोन अवधि में समान रहती है। इस वजह से अगर बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी करता भी है तो फिक्स्ड रेट पर लिये गए लोन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। और अगर पूरी लोन अवधि के दौरान अगर मार्केट में ब्याज दरें कम होती हैं तो भी फिक्स्ड रेट समान ही रहेंगी और आपकी ईएमआई भी कम नही होगी।
वहीं फ्लोटिंग रेट लोन के मामले में ब्याज दरें बैंक/ लोन संस्थानों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली बेंचमार्क रेट में आए बदलाव के मुताबिक घटती-बढ़ती रहती हैं। फ्लोटिंग ब्याज दर वाले होम लोन आमतौर पर फिक्स्ड इंटरेस्ट रेट होम लोन से सस्ते होते हैं और आरबीआई फ्लोटिंग रेट होम लोन लेने वाले व्यक्तियों से कोई प्रीपेमेंट या फोरक्लोज़र फीस भी नहीं वसूलता है।
फ्लोटिंग या फिक्स्ड ब्याज दर में कौन सा बेहतर हाउसिंग लोन है यह जानने के लिए यहां क्लिक करें
उत्तर: हां, आप अपने बकाया लोन की प्रीपेमेंट कर सकती हैं। अगर आपने फ्लोटिंग रेट होम लोन लिया हुआ है, तो कोई प्रीपेमेंट फीस नहीं ली जाएगी। हालांकि, फिक्स्ड रेट हाउसिंग लोन के मामले में, बैंक/ लोन संस्थान लोन राशि की 2% से 4% तक प्रीपेमेंट फीस ले सकते हैं।
उत्तर. हां, हाउसिंग लोन की मूल राशि का भुगतान करने पर आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत टैक्स डिडक्शन का लाभ मिलता है। वहीं ब्याज का भुगतान करने पर इनकम टैक्स अधिनियम की धारा 24 (बी) के तहत टैक्स डिडक्शन का लाभ मिलता है।
उत्तर: हां, फिक्स्ड और फ्लोटिंग दोनों दरों पर होम लोन देने वाले अधिकांश बैंक/ लोन संस्थान अपने मौज़ूदा होम लोन उधारकर्ताओं को अपने फिक्स्ड रेट लोन को फ्लोटिंग रेट और फ्लोटिंग को फिक्स्ड रेट में लोन में बदलने की अनुमति देते हैं। इसके लिए आपको कन्वर्ज़न या स्विचिंग फीस का भुगतान करना पड़ सकता है।
उत्तर. हां, अगर आपका हाउसिंग लोन चल रहा है तो भी आप पर्सनल लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, आपके पर्सनल लोन एप्लीकेशन को मंजूरी मिलने की संभावना इस बात पर निर्भर करेगी कि आप आवेदन किए गए पर्सनल लोन का भुगतान करने में सक्षम है या नहीं। बैंक/NBFC आमतौर पर उन आवेदकों को पर्सनल लोन देना पसंद करते हैं जिनकी आवेदन किए गए लोन की ईएमआई सहित कुल खर्च उनकी मासिक आय के 50% से 55% के भीतर है।
इसके अलावा, कस्टमर्स टॉप-अप होम लोन का लाभ उठा सकते हैं। टॉप-अप होम लोन पर दी जाने वाली ब्याज दरें आमतौर पर हाउसिंग लोन की ब्याज दरों के समान या थोड़ी अधिक होती हैं, जो इसे पर्सनल लोन की तुलना में सस्ता विकल्प बनाती है।
इसके अलावा, पर्सनल लोन की अवधि आमतौर पर 7 साल तक होती है जबकि टॉप अप होम लोन की अवधि 15 साल तक हो सकती है, जो चल रहे हाउसिंग लोन की अवधि पर निर्भर करती है। इस प्रकार, लंबी लोन अवधि और टॉप-अप लोन की कम ब्याज दरों की वजह से इसकी ईएमआई भी पर्सनल लोन की तुलना में कम होगी जो इसे उपयुक्त विकल्प बनाती है।
उत्तर. होम लोन पर सबसे कम ब्याज दर प्रदान करने वाले बैंकों में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज़, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शामिल है जो 7.10% प्रति वर्ष से शुरू होने वाली ब्याज दर प्रदान करते है। पर आपको लोन किस ब्याज दर पर मिलेगा ये आपके एलटीवी रेश्यो, लोन राशि, आवेदक के क्रेडिट स्कोर, मासिक आय, जॉब प्रोफाइल और नियोक्ता की प्रोफाइल आदि जैसे कारकों पर निर्भर करता है।
उत्तर. होम लोन माफ नहीं होता। हालांकि जिसने लोन लिया है अगर उसकी मृत्यु हो जाती है तो ऐसे मामलों में सह आवेदक, लोन गारंटर या फिर कानूनी उत्तराधिकारी लोन की बकाया राशि का भुगतान करेंगे। वहीं दूसरी तरफ यदि आवेदक भविष्य में अपने परिवार पर कर्ज का बोझ नहीं डालना चाहते तो वह बैंक से लोन लेने के दौरान लोन बीमा लें सकते है। जिसके चलते बैंक बीमा कंपनियों में जमा प्रीमियम से लोन की राशि वसूलते हैं।
उत्तर. आप प्रीपेमेंट का विकल्प चुनकर जल्द से जल्द अपना हाउसिंग लोन कम कर सकते है। जब आप लोन प्रीपेमेंट का विकल्प चुनते हैं, तो आपके पास भुगतान अवधि या EMI कम करने का विकल्प होता है। ऐसी स्थिति में, भुगतान अवधि को कम करने का विकल्प चुनें। क्योंकि यदि आप अपने लोन टेन्योर को कम करते है तो इसमें आपको कम ब्याज का भुगतान करना पड़ेगा। पर यदि आप ईएमआई को कम करने का विकल्प चुनते है तो आपका लोन टेन्योर बढ़ेगा और साथ ही आपको लोन पर ज़्यादा ब्याज का भुगतान भी करना पड़ेगा। अपने गृह ऋण को जल्दी बंद करने का एक और तरीका है, होम लोन बैलेंस ट्रांसफर (HLBT)। इसमें आप अपनी बकाया लोन राशि को किसी दूसरे बैंक/ HFCs में ट्रांसफर कर सकते हैं जो हाउसिंग लोन पर कम ब्याज दर ऑफर कर रहा है।
उत्तर. आवेदक सीधे बैंकों और एचएफसी से होम लोन ले सकते हैं। आजकल लोन देने वाली कंपनियां ऑनलाइन लोन आवेदन प्रक्रिया की सुविधा देती हैं, इसलिए आवेदक ऐसे बैंक/HFCs की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप या इंटरनेट बैंकिंग प्लेटफार्म के ज़रिये आवेदन कर सकते हैं। वैकल्पिक रूप से, आवेदक पैसाबाज़ार जैसे ऑनलाइन फाइनेंशियल मार्केटप्लेस के ज़रिये भी हाउसिंग लोन प्राप्त कर सकते हैं। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि आवेदक अपनी क्रेडिट प्रोफाइल के आधार पर, एक ही जगह पर कई बैंक और HFCs की जानकारी प्राप्त कर सकता है जैसे ब्याज दर, लोन राशि आदि।
उत्तर. महिलाओं को होम लोन प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेज़ वही होते हैं जो पुरुषों के लिए होते हैं, जैसे पहचान प्रमाण, आयु का प्रमाण, पते का प्रमाण, आय प्रमाण (सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट, ITR), और प्रॉपर्टी दस्तावेज़। हालांकि, लोन प्रकार और क्रेडिट प्रोफाइल के आधार पर कुछ विशेष दस्तावेज़ों की आवश्यकता हो सकती है।
उत्तर. नौकरी छूटने या किसी अन्य कारण से यदि आप अपने होम लोन की EMI नहीं भर पाए हैं, तो सबसे पहले आपको अपने बैंक या HFCs को इस बारे में बताना चाहिए। अगर आपकी रीपेमेंट हिस्ट्री अच्छी है और आप समय पर लोन राशि का भुगतान करते आए है, तो बैंक EMI भुगतान को और आसान बनाने के लिए मोरेटोरियम पीरियड और लोन रिस्ट्रक्चरिंग जैसे विकल्प दे सकते हैं। अपने हाउसिंग लोन की ईएमआई भरने के लिए आप अपनी सेविंग्स का उपयोग करने, एसेट्स (जैसे गोल्ड, म्यूच्यूअल फंड्स आदि) को बेचने, या करीबी लोगों से लोन लेने पर भी विचार कर सकते हैं।
उत्तर. हां, इनकम प्रूफ के बिना भी गृह ऋण लिया जा सकता है, लेकिन यह बैंक और HFCs पर निर्भर करता है। इसके साथ ही आप योग्यता शर्तों को पूरा करने के लिए आय के प्रमाण के रूप में अपना बैंक अकाउंट डिटेल्स/फॉर्म 16 की एक कॉपी/नियोक्ता से एंपलॉयर सर्टिफिकेट आदि जमा कर सकते हैं। हालांकि, हमेशा बैंक के साथ आवश्यक दस्तावेज़ों की लिस्ट की पुष्टि करने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह एक बैंक से दूसरे बैंक में भिन्न हो सकता है।
उत्तर. कुछ बैंक/ लोन संस्थान है जो उन लोगों को भी होम लोन प्रदान करते हैं जिनके पास पर्याप्त आय प्रमाण नहीं हैं या फिर जो कैश में सैलरी प्राप्त करते हैं। इनमे पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस उन्नति होम लोन, HDFC रीच होम लोन, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस गृह सुविधा होम लोन, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और पीरामल हाउसिंग फाइनेंस जैसी कंपनियां और बैंक शामिल है।
उत्तर. आय के प्रमाण के रूप में, बैंक/HFCs अपने नौकरीपेशा आवेदकों से आम तौर पर पिछले 3 महीनों की सैलरी स्लिप की मांग करते हैं। हालांकि, यह एक बैंक से दूसरे बैंक में अलग हो सकती है।
उत्तर. हां, बेरोज़गार व्यक्ति हाउसिंग लोन मिलने की संभावना को बढ़ाने के लिए, सह-आवेदक के साथ लोन आवेदन पर विचार कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपने परिवार के किसी ऐसे सदस्य का चुनाव करना होगा जिसका क्रेडिट स्कोर तो अच्छा हो साथ ही उनके पास आय का कोई स्थिर स्रोत भी हो ताकि लोन मिलने की योग्यता को बेहतर किया जा सके।