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ITR (इनकम टैक्स रिटर्न): इनकम टैक्स स्लैब, ऑनलाइन टैक्स फाइल करने की प्रक्रिया

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आईटीआर किसे फाइल करना चाहिए?

आयकर अधिनियम 1961 की धारा 139(1) के अनुसार, कोई भी व्यक्ति जिसकी आय एक वित्तीय वर्ष में आयकर छूट सीमा से अधिक है, वह आयकर रिटर्न दाखिल करने के योग्य है। इसके अलावा भारत से बाहर स्थित या भारत में कारोबार करने वाली कोई भी निजी या सार्वजनिक कंपनी, फर्म, हिंदू अविभाजित परिवार (HUFs) एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स (AOP), बॉडी ऑफ इंडिविजुअल (BOI) आदि भी वर्ष के शुद्ध लाभ/हानि की घोषणा करने और आईटीआर दाखिल करके अपनी कर देनदारी का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी हैं।

निम्नलिखित इंडिविजुअल/HUFs को इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की ज़रूरत होती है:

  • एक व्यक्ति जो भारत का निवासी और सामान्य निवासी है, उसे अपना आईटीआर दाखिल करना होगा, भले ही उसकी आय निम्नलिखित स्थिति में अधिकतम छूट सीमा से अधिक न हो:
  1. वह एक लाभकारी मालिक के रूप में या अन्यथा भारत के बाहर स्थित कोई भी संपत्ति (किसी भी इकाई में किसी भी वित्तीय हित सहित) रखता है
  2. भारत से बाहर किसी अकाउंट में हस्ताक्षर करने की ऑथोरिटी रखता हो
  3. वह भारत के बाहर स्थित किसी भी संपत्ति (किसी भी इकाई में किसी भी वित्तीय हित सहित) का लाभार्थी है
  • एक व्यक्ति/एचयूएफ जिसने किसी बैंकिंग कंपनी/सहकारी बैंक में एक या एक से अधिक चालू खातों में 1 करोड़ रु या उससे अधिक राशि जमा की हो
  • एक व्यक्ति/एचयूएफ जिसने स्वयं/किसी अन्य व्यक्ति की विदेश यात्रा पर 2 लाख रु. से अधिक खर्च किया हो
  • एक व्यक्ति/एचयूएफ जो इलेक्ट्रिसीटी पर 1 लाख रु. से अधिक खर्च कर रहा हो
  • पिछले वर्ष में बिजनेस का कुल बिक्री, टर्नओवर या ग्रॉस रिसिप्ट 1 लाख रु. से अधिक हो
  • पिछले साल में प्रोफेशन का टोटल ग्रॉस रिसिप्ट 10 लाख रु. से अधिक हो
  • यदि किसी व्यक्ति का पिछले वर्ष के दौरान काटा और एकत्र किया गया कुल कर 25,000 रु. या अधिक (निवासी वरिष्ठ नागरिकों के मामले में 50,000 रुपये) हो
  • अगर किसी व्यक्ति के एक या अधिक बचत बैंक खातों में कुल जमा राशि पिछले वर्ष के दौरान 50 लाख रु. या उससे अधिक हो

ITR फ़ार्म के प्रकार

इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट पर बहुत से फॉर्म होते हैं जिनका उपयोग विभिन्न इनकम और टैक्स देने वालों के आधार पर ITR फाइल करने के लिए किया जाता है। असेसमेंट ईयर 2022-23 में, ITR-1 से ITR-7 तक सात फॉर्म मौज़ूद हैं। इनमें से कुछ फॉर्म अन्य फॉर्मों की अपेक्षा बड़े हो सकते हैं और उनके लिये प्रॉफिट एंड लॉस स्टेटमेंट जैसी अतिरिक्त जानकारी की जरूरत हो सकती है। इसलिए यह जानकारी प्राप्त करना ज़रूरी है कि कौन सा फार्म आपके लिए उचित होगा।

  • ITR-1: इस फ़ार्म को ‘SAHAJ’ भी कहा जाता है। यह फॉर्म एक ऐसे व्यक्ति द्वारा फाइल किया जाता है जो वेतन, पेंशन, वन हाउस प्रॉपर्टी, ब्याज या अन्य तरीकों से (लॉटरी और हॉर्स रेस से होने वाली कमाई को छोड़कर) इनकम प्राप्त करता है और जिसकी कुल इनकम 50 लाख रुपये तक है।
  • ITR-2: उन व्यक्तियों या HUF (हिंदू अविभाजित परिवारों) के लिए है जिनके पास इनकम तो है, लेकिन किसी बिज़नेस या पेशे से प्राप्त नहीं होती है।
  • ITR-3: उन अलग-अलग व्यक्तियों या HUF (हिंदू अविभाजित परिवारों) के लिए है जिनको आय किसी व्यवसाय या पेशे (डॉक्टर, CA) से प्राप्त होती है।
  • ITR-4 (सुगम): यह आयकर रिटर्न फॉर्म उन टैक्सपेयर्स के लिए है जिनकी आय व्यवसाय से होती है और जो आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 44AD, 44ADA और 44AE के अंतर्गत प्रिज़म्प्टिव आय योजना चुनते हैं।

  • ITR-5: यह फार्म व्यक्तियों, HUF (हिंदू अविभाजित परिवारों), कंपनी और फॉर्म ITR-7 फाइल करने वाले व्यक्तियों के अलावा अन्य सभी के लिए है।

  • ITR-6: यह फार्म उन सभी कंपनियों के लिए है जो इनकम टैक्स एक्ट की धारा 11 के तहत छूट का दावा नहीं कर रहे हैं।

  • ITR-7: यह फार्म उन व्यवसाय सहित उन सभी लोगों के लिए है जिन्हें धारा 139(4A), धारा 139(4B), धारा 139(4C), धारा 139(4D), धारा 139 (4E) या 139 (4F) के तहत टैक्स रिटर्न फाइल करना ज़रूरी है।

ITR Forms

ITR फ़ार्म डाउनलोड कैसे करें?

इनकम टैक्स विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट पर ITR फॉर्म मिल सकते हैं। फॉर्म डाउनलोड करने का तरीका नीचे दिया गया है:

  • इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट पर जाएं.
  • होम पेज पर, ‘Form/Downloads’ विकल्प पर क्लिक करें.
  • ड्रॉप-डाउन मेन्यू से ‘Income Tax Returns’ विकल्प चुनें.
  • एक बार जब आप ‘Income Tax Returns’ वेब पेज पर चले जाते हैं, तो वह फ़ॉर्म डाउनलोड करें जो आपकी आय और असेसमेंट ईयर के मुताबिक हो।

बजट 2025 अपडेट

सालाना 12 लाख रुपये तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं भरना होगा। पहले यह छूट 7 लाख रुपये तक सीमित थी। इसके अलावा नए टैक्स रिजिम में बेसिक एग्जम्पशन लिमिट को भी 3 लाख रु. से बढ़ाकर 4 लाख रु. कर दिया गया है।

पुराना टैक्स रिज़िम नया टैक्स रिज़िम
बेसिक एग्जम्पशन लिमिट ₹2.50 लाख ₹4 लाख
इनकम टैक्स रिबेट लिमिट  ₹5 लाख ₹12 लाख
स्टैंडर्ड डिडक्शन (केवल नौकरीपेशा के लिए) ₹50,000 ₹75,000

इनकम टैक्स स्लैब

टैक्स स्लैब के हिसाब से ही व्यक्ति को इनकम टैक्स भरना होता है। नीचे टेबल में नया और पुराना दोनों टैक्स रेजिम (New or Old Tax Regime) में लागू टैक्स दरों के बारे में बताया गया है। आप तुलना कर सकते हैं और अपने लिए बेहतर टैक्स रिज़िम चुन सकते हैं। ये आयकर स्लैब वित्त वर्ष 2025- 26 से लागू है:

मौजूदा/पुराना टैक्स रिज़िम  नया टैक्स रिज़िम
इनकम स्लैब आयकर दर इनकम स्लैब आयकर दर
₹2,50,000 तक शून्य ₹4,00,000 तक शून्य
₹2,50,001 - ₹5,00,000 5% ₹4,00,001 - ₹8,00,000 5%
₹5,00,001 - ₹10,00,000 20% ₹8,00,001 - ₹12,00,000 10%
₹10,00,000 से अधिक 30% ₹12,00,001 - ₹16,00,000 15%
₹16,00,001 - ₹20,00,000 20%
₹20,00,001 - ₹24,00,000 25%
₹24,00,000 से अधिक 30%

क्या ITR ऑनलाइन फाइल करना अनिवार्य है?

निम्नलिखित में से किसी भी टैक्सपेयर को ई-फाइलिंग के माध्यम से ही अपना ITR फाइल करना अनिवार्य है:

  • 5 लाख रुपये से अधिक आय वाले व्यक्ति या HUF (हिंदू अविभाजित परिवारों) या वो जो टैक्स रिफंड का दावा करते हैं, उन्हें ऑनलाइन ही ITR फाइल करना होगा। हालांकि, अतिवरिष्ठ नागरिक (80 या उससे अधिक उम्र के व्यक्ति) ITR 1 या 4 फाइल करने के लिए मैन्युअल या इलेक्ट्रॉनिक तरीके से ITR फाइल का विकल्प चुन सकते हैं।
  • हर कंपनी को डिजिटल सिग्नेचर कर इलेक्ट्रॉनिक रूप से ITR फाइल करना जरूरी होता है।
  • एक फर्म या व्यक्ति या HUF (हिंदू अविभाजित परिवारों) जिसका धारा 44AB के तहत ऑडिट होना है, उस को ITR ई-फाइल ही करना होता है।
  • जिस व्यक्ति ने इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 90, 90A या 91 के तहत टैक्स छूट का दावा किया है, उसे ऑनलाइन ITR फाइल करना जरूरी है।
  • जिन टैक्स का भुगतान करने वाले भारतीयों की देश से बाहर प्रॉपर्टी है, उन्हें इलेक्ट्रॉनिक रूप से टैक्स रिटर्न जमा करना ज़रूरी है।

ITR फाइल करने के लिए ज़रूरी दस्तावेज

आयकर रिटर्न ऑनलाइन फाइल करने के लिए आवश्यक दस्तावेज नीचे दिए गए हैं:

  • पैन कार्ड
  • बैंक स्टेटमेंट
  • बैंकों या पोस्ट ऑफिस से ब्याज सर्टिफिकेट
  • टैक्स-बचत निवेशों का प्रमाण
  • फॉर्म 16 ( नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए)
  • सैलरी स्लिप
  • टीडीएस सर्टिफिकेट
  • फॉर्म 16A/16B/16C
  • फॉर्म 26AS

आईटीआर ऑनलाइन कैसे फाइल करें

  • स्टेप 1: सबसे पहले इनकम टैक्स विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाएं
  • स्टेप 2: यदि आप ई-फाइलिंग में नए है तो पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें
  • स्टेप 3: यदि आपने पहले से रजिस्ट्रेशन किया हुआ है तो, लॉग-इन करें। लॉग-इन करने के लिए अपनी यूज़र आईडी और अपना पासवर्ड दर्ज करें
  • स्टेप 4: लॉग-इन करने के बाद, स्क्रीन पर ‘e-file’ टैब के तहत ‘File Income Tax Return’ का ऑप्शन नज़र आएगा। इसी क्रम में आगे बढ़ते रहें
  • स्टेप 5: उस असेसमेंट ईयर को चुनें जिसके लिए आप आईटीआर फाइल करना चाहते हैं, और “Continue” पर क्लिक करें।
  • स्टेप 6: उसके बीचे नीचे दिए गए “Online” मोड को सलेक्ट करें।
  • स्टेप 7: चुनें कि आप एक व्यक्ति, हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ), या किस अन्य रूप में अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करना चाहते हैं। ‘individual’ का विकल्प चुनें।
  • स्टेप 8: फिर “Filling Type” में जाकर 139(1)- Original Return सलेक्ट करें और फिर अपनी कैटेगरी के आधार पर वह “ITR FORM” सलेक्ट करें जिसे आप फाइल करना चाहते हैं। आपके सिस्टम पर फॉर्म डाउनलोड हो जाएगा।
  • स्टेप 9: इसके बाद अपना रिटर्न फाइल करने का कारण दर्ज करें।
  • स्टेप 10: अपने बैंक अकाउंट संबंधी जानकारी दर्ज करें। अगर आपने पहले ही अपने बैंक अकाउंट की जानकारी प्रदान कर दी है, तो इसे प्री- वैलिडेट करें।
  • स्टेप 11: फिर आपको अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए एक नए पेज पर भेजा जाएगा। पेज में पहले से दर्ज की हुई बहुत सारी जानकारी होगी। चेक करें कि दी गई सभी जानकारी सही है। अपने रिटर्न की समरी को कंफर्म करें और इसे वैलिडेट करें।
  • स्टेप 12: आप आधार OTP या EVC (इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड) का उपयोग करके इलेक्टॉनिक रूप से या फिर ई-फाइलिंग की तारीख से 120 दिनों के भीतर ITR V का साइन किया हुआ प्रिंटआउट, सीपीसी बैंगलोर के लिए भेजकर अपना टैक्स रिटर्न वेरीफाई कर सकते हैं
  • स्टेप 13: एक बार आपका रिटर्न फाइल हो जाने के बाद ITR V की रसीद आपके रजिस्टर्ड ईमेल पर भेज दी जाएगी
  • स्टेप 14: आपके द्वारा ITR के वेरिफिकेशन के बाद, विभाग उसकी प्रक्रिया शुरू कर देगा और आपकी रजिस्टर की हुई ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर पर आपको इसकी सूचना मिल जाएगी।यह जरूरी नहीं है कि केवल भारत सरकार की ऑफिशियल साइट से ही ITR फाइल किया जाए बल्कि कई ऐसे प्राइवेट सेक्टर प्लेटफ़ॉर्म भी हैं जो ITR फाइल करते हैं। रिटर्न फाइल करने के बदले में वे आपसे कुछ फीस वसूलते हैं।

ITR स्टेटस को ऑनलाइन कैसे चेक करें

अपना ITR फाइल करने के बाद आप इसका स्टेटस ट्रैक कर सकती हैं। इसके निम्नलिखित दो तरीके हैं:

एक्नॉलेजमेंट नंबर का उपयोग करके (लॉग-इन क्रेडेंशियल्स के बिना)

  • सबसे पहले इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट पर जाएं। ‘Services’ टैब के अंतर्गत होम पेज के बाईं ओर ‘ITR Status’ का विकल्प चुनें।
  • विकल्प चुनने के बाद, आपको एक नए वेबपेज पर रिडायरेक्ट किया जाएगा जहां आपको अपना पैन, ITR एक्नॉलेजमेंट नंबर और कैप्चा कोड आदि दर्ज करना होगा।
  • फिर जानकारी सबमिट करें और इसके बाद आपके डिवाइस की स्क्रीन पर ITR का स्टेटस डिस्प्ले किया जाएगा।

यूज़र नेम और पासवर्ड का उपयोग करके

  • ITR ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग-इन करें।
  • ‘Dashbord’ पर ‘‘View Returns/Forms’’ का विकल्प चुनें।
  • ड्रॉप-डाउन मेन्यू से ITR का विकल्प और असेसमेंट ईयर चुनें और सबमिट करें।
  • सभी जानकारी सफलतापूर्वक सबमिट होने के बाद ITR स्टेटस स्क्रीन पर दिखाई देगा।

ITR फाइल करने के लाभ

पहले ITR फाइल करना मुश्किल था, लेकिन ITR ई-फाइलिंग (ऑनलाइन) शुरू होने से यह बोझ अब कम हो गया है। इनकम टैक्स रिटर्न ऑनलाइन फाइल करने से नीचे दिए गए तरीकों से मदद मिलती है:

एक बार जब आप अपने अकाउंट में लॉग इन कर लेते हैं, तो “e-File” टैब पर क्लिक करें और “Income Tax Return” विकल्प चुनें।

  • हर साल, 31 मार्च तक इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर लेना चाहिए। एक या दो महीने पहले अपना टैक्स रिटर्न फाइल करने से आप अपना काम जल्दी पूरा कर सकते हैं क्योंकि इससे आपको वेबसाइट के व्यस्त होने संबंधी दिक्कत का सामना भी नहीं करना पड़ेगा।
  • समय पर आयकर रिटर्न दाखिल नहीं करने पर हर दिन तब तक आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है जब तक कि आप भुगतान नहीं कर देते हो। ऑनलाइन आयकर रिटर्न दाखिल करने से आप समय पर और कहीं से भी अपना रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
  • ऑनलाइन इनकम टैक्स फाइल करने से आप सही ढंग से आईटी विभाग के साथ सभी आर्थिक ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड रख सकते हैं। जब भी कोई व्यक्ति या संगठन किसी बैंक/ लोन संस्थान से लोन के लिए आवेदन करता है, तो आय का प्रमाण सबमिट करना ज़रूरी होता है।

FAQs

टैक्स रिटर्न फाइल करते समय मुझे कौन से दस्तावेज जमा करने होंगे?

अपना आयकर रिटर्न दाखिल करते समय आपको कोई दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, यदि आपको टैक्स डिपार्टमेंट से कोई नोटिस प्राप्त होता है और इन्हें टैक्स अधिकारियों को बाद में प्रदान करना होता है। इसलिए अपने फॉर्म 16, बिज़नेस बैलेंस शीट/ प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट स्टेटमेंट, ऑडिट रिपोर्ट, निवेश प्रमाण जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने पास रखें ।

अगर मैंने पहले आईटीआर फाइल करते समय कोई गलती की है तो मैं अपना आईटीआर कैसे ठीक करूं?

अगर आपने टैक्स रिटर्न फाइल करते समय कोई गलती की है तो आप रिवाइज़्ड रिटर्न फाइल करके अपनी गलती सुधार सकती हैं। रिवाइज़्ड रिटर्न फाइल करते समय आपको किसी पेनल्टी का भुगतान नहीं करना होता है, लेकिन इसका ख्याल ज़रूर रखें कि असेसमेंट ऑफिसर द्वारा असेसमेंट पूरा करने से पहले या लागू असेसमेंट ईयर के खत्म होने तक (जो भी पहले हो) आप अपना रिवाइज़्ड रिटर्न फाइल कर लें। वित्त वर्ष 2020-21 के लिए रिवाइज़्ड रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि 31 मार्च, 2022 तक बढ़ा दी गई है।

अगर मैं समय पर अपना आयकर रिटर्न फाइल नहीं कर पाती हूं तो क्या होगा?

यदि आपने समय पर इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया है, तो आप असेसमेंट ईयर के खत्म होने तक लेट रिटर्न दाखिल कर सकती हैं। असेसमेंट ईयर 2021-22 के लिए, आपकी वार्षिक आय और आप कितनी देर से अपना टैक्स रिटर्न फाइल कर रहे हैं, के आधार पर आपको अलग- अलग फीस का भुगतान करना पड़ सकता है। यदि आपकी टैक्स योग्य आय 5 लाख रु. या उससे अधिक है तो कोई भी व्यक्ति जो तय तारीख के बाद आईटीआर फाइल करता है, उसे 5,000 रुपये की लेट फीस का भुगतान करना होगा और यदि कर योग्य आय 5,00,000 रुपये से कम है तो जुर्माना 1,000 रुपये है।

मेरे पास पैन कार्ड नहीं है। क्या मैं अपना आयकर रिटर्न फाइल कर सकती हूँ?

हां, अगर आपके पास पैन कार्ड नहीं है तो आप आधार का उपयोग करके अपना आयकर रिटर्न फाइल कर सकती हैं।

पैसाबाज़ार एक लोन एग्रीगेटर है और अपने पार्टनर्स की ओर से सेवाएं प्रदान करने के लिए अधिकृत है।

पर्सनल लोन की APR (एनुअल परसेंटेज रेट) लोन लेने की कुल वार्षिक लागत को दर्शाती है। इसमें न केवल ब्याज दर, बल्कि प्रोसेसिंग फीस, डॉक्यूमेंटेशन फीस और लोन जारी करने की प्रक्रिया के दौरान लिए जाने वाले अन्य सभी शुल्क भी शामिल होते हैं।

APR को प्रतिशत के रूप में दिखाया जाता है। इससे आवेदकों को उन पर्सनल लोन योजनाओं की पहचान करने में मदद मिलती है जिनमें ब्याज दर तो कम होती है, लेकिन प्रोसेसिंग फीस या अन्य शुल्क अधिक होने के कारण उनकी वास्तविक लागत ज़्यादा हो सकती है। पर्सनल लोन की APR आमतौर पर 11.29% से 35% के बीच होती है।

उदाहरण के लिए, मान लीजिए आप 10.50% प्रति वर्ष की ब्याज दर पर 5 साल के लिए 5 लाख रु. का पर्सनल लोन लेते हैं। यदि इस पर 1.5% प्रोसेसिंग शुल्क (7,500 रु.) लगाया जाता है, तो आपके पर्सनल लोन की कुल वार्षिक लागत 1,52,317 रु. होगी और इसका APR 11.16% होगा।

पता: पैसाबाज़ार मार्केटिंग एंड कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड, 135 P, सेक्टर 44, गुरुग्राम (हरियाणा) - 122001

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