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प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) एक क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी कार्यक्रम है जिसे एमएसएमई मंत्रालय द्वारा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर पैदा करने के लिए शुरू किया गया है। इस योजना के तहत बेरोज़गार युवाओं को उनका अपना बिज़नेस शुरू करने के लिए 20 लाख रु. से 50 लाख तक का लोन दिया जाता है। आप जो व्यवसाय शुरू करने वाले हैं उसकी लागत का 5% से 10% तक आपको देना होता है, 15% से 35% तक सरकार की ओर से सब्सिडी के रूप में दिया जाता है और बाकी बैंक देता है टर्म लोन के रूप में, जिसे PMEGP लोन भी कहते हैं। सर्विस यूनिट के लिए प्रोजेक्ट कॉस्ट 20 लाख रुपये और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए 50 लाख रु. तक है। अधिक जानकारी के लिए ये लेख पढ़ें।
| ब्याज दर | अलग-अलग बैंक व लोन संस्थानों पर निर्भर करती है |
| आय | न्यूनतम 18 वर्ष |
| अधिकतम प्रोजेक्ट कॉस्ट | मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट के लिए ₹25 लाख |
| सर्विस यूनिट के लिए ₹20 लाख | |
| प्रोजेक्ट पर सब्सिडी | 15% से 35% |
| योग्य आवेदक | बिज़नेस मालिक, संस्थान, को-ऑपरेटिव सोसाइटी, चैरिटेबल ट्रस्ट व स्वयं सहायता समूह |
| शैक्षणिक योग्यता | कम से कम 8वीं पास |
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) योजना को दो योजनाओं, प्रधानमंत्री रोजगार योजना (PMRY) और ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम (REGP), को मिलाकर बनाया गया है। ये दोनों योजनाएं युवाओं के बीच रोज़गार पैदा करने के लिए काम कर रही थीं।
सरकार ने 2021-22 से 2025-26 तक 5 साल के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) को बढ़ाने के लिए मंज़ूरी प्रदान की।
पीएमईजीपी योजना के बारे में आगे विस्तार से चर्चा की गई है:
इस पेज पर:
PMEGP के चार मुख्य उद्देश्य हैं:
| लाभार्थी श्रेणियाँ | लाभार्थी का हिस्सा
(कुल प्रोजेक्ट का) |
सब्सिडी दर
(सरकार से) – शहरी |
सब्सिडी दर
(सरकार से) – ग्रामीण |
| सामान्य | 10% | 15% | 25% |
| विशेष | 5% | 25% | 35% |
बैंक कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट की शेष राशि को माइक्रो यूनिट उद्यमी को टर्म लोन के रूप में प्रदान करते हैं। इस टर्म लोन को आमतौर पर PMEGP लोन के रूप में जाना जाता है।
पीएमईजीपी योजना के तहत दी जाने वाली ब्याज दर और सब्सिडी हर बैंक/ लोन संस्थान में अलग-अलग हो सकती है। यह आवेदक की प्रोफाइल, क्रेडिट योग्यता, भुगतान क्षमता, बिज़नेस कितने सालों से चल रहा है और कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट पर निर्भर करती है।
PMEGP के तहत एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा, बैंक ऑफ इंडिया जैसे बैंक और साथ ही अन्य निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक/ लोन संस्थानों द्वारा लोन दिया जाता है।
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PMEGP लोन व्यक्तियों के साथ -साथ अन्य संगठनों को भी प्रदान किया जाता है जो इस तरह के टर्म लोन के लिए निर्धारित योग्यता शर्तों को पूरा करते हैं। योग्यता शर्तों के बारे में नीचे बताया गया है:
नोट: इस लोन का लाभ उठाने के लिए कोई आय सीमा नहीं है। PMEGP लोन केवल नए बिज़नेस के लिए दिया जाता है। यह PMRY, REGP या किसी अन्य सरकारी योजना के तहत स्थापित मौजूदा व्यवसायों के लिए उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा, कोई भी व्यवसाय जिसे अन्य योजना के तहत सब्सिडी मिली है, वह PMEGP लोन के लिए योग्य नहीं है।
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मौजूदा PMEGP/ REGP/ मुद्रा व्यवसायों को बढ़ाने के लिए, आवेदक अब दूसरे लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं जिसकी राशि 1 करोड़ रु. तक होती है। आवेदक PMEGP योजना के तहत, दूसरे लोन के लिए 15% से 20% तक की सरकारी सब्सिडी का भी लाभ उठा सकते हैं।
पीएमईजीपी के लिए एप्लीकेशन फॉर्म को पीडीएफ फॉर्मेट में इसकी वेबसाइट से या यहां क्लिक करके डाउनलोड किया जा सकता है।
PMEGP लोन आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
https://www.kviconline.gov.in/pmegpeportal/jsp/pmegponline.jsp”>PMEGP ई-पोर्टल पर आवेदक ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म जमा करके PMEGP रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
PMEGP लोन हेल्पलाइन नंबर 1800 3000 0034 है और राज्यवार कॉन्टैक्ट नंबर प्राप्त करने के लिए आवेदक ऑफिशियल वेबसाइट पर जा सकते हैं।
इसके अलावा, आइए, PMEGP ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रक्रिया के बारे में चर्चा करते हैं।
PMEGP लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन का तरीका निम्नलिखित है:
यह योजना विभिन्न मापदंडों के आधार पर लोगों की आर्थिक मदद करती है। जैसा कि, इस योजना में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) शामिल हैं, इसलिए योग्य प्रोजेक्ट कितने हैं और ऑफर किए जाने वाले लोन का राशि कितनी है, इसे लेकर कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं।
सामान्य वर्ग (जनरल कैटेगरी) के आवेदक को 10% और एससी/ एसटी/ ओबीसी, अल्पसंख्यक, महिला, पूर्व-रक्षा कर्मचारी, शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति और उत्तर- पूर्व क्षेत्र, पहाड़ियों और सीमा क्षेत्र में रहने वाले स्पेशल कैटेगरी के आवेदक को 5% की राशि का योगदान करना होता है।
शहरी क्षेत्रों में सब्सिडी की दर जनरल कैटेगरी के लिए 15% और ग्रामीण क्षेत्रों में 25% होगी। स्पेशल कैटेगरी के लोगों के लिए सब्सिडी रेट शहरी क्षेत्रों के लिए 25% और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 35% होगी।
| प्राप्त आवेदन | बैंक द्वारा मंज़ूरी | मार्जिन मनी कितनों को मिला |
| आवेदकों की संख्या: 396608 | प्रोजेक्ट की संख्या: 112797 | प्रोजेक्ट की संख्या: 329349 |
| बैंक में : ₹340364 करोड़ | मार्जिन मनी: ₹105734 करोड़ | मार्जिन मनी: ₹102595 करोड़ |
प्रश्न. पीएमईजीपी के तहत प्रदान की जाने वाली अधिकतम प्रोजेक्ट कॉस्ट कितनी है?
उत्तर: इस योजना के तहत किसी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के प्रोजेक्ट के लिए 50 लाख और सर्विस यूनिट के प्रोजेक्ट के लिए 20 लाख रु. तक का लोन प्रदान किया जाता है।
प्रश्न. क्या पीएमईजीपी के तहत लोन लेने के लिए कोलैटरल/ सिक्योरिटी जमा कराने की ज़रूरत पड़ती है?
उत्तर: नहीं, पीएमईजीपी योजना के तहत 10 लाख रुपये तक की लागत वाले प्रोजेक्ट के लिए कौलैटरल या सिक्योरिटी प्रदान करने की ज़रूरत नहीं है। पीएमईजीपी योजना के तहत CGTMSE, 5 लाख रु. से 50 लाख रु. तक के प्रोजेक्ट के लिए कोलैटरल गारंटी प्रदान करता है।
प्रश्न. PMEGP के अंतर्गत कौन से बिज़नेस आते हैं?
उत्तर: PMEGP के अंतर्गत आने वाले बिज़नेस की प्रोजेक्ट लिस्ट को चेक करने के लिए, आप नीचे दी गई लिंक पर जा सकते हैं: https://www.kviconline.gov.in/pmegp/pmegpweb/docs/jsp/newprojectReports.jsp
प्रश्न. पीएमईजीपी सब्सिडी क्या है?
उत्तर: प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) सब्सिडी भारत सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली एक क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी है जिसमें लाभार्थी को कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट पर 15% -35% तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है। यह सब्सिडी देश भर में व्यक्तियों और एमएसएमई द्वारा प्रमुख रूप से प्राप्त की जा सकती है।
प्रश्न. कितनी मार्जिन मनी (सरकारी सब्सिडी) मंज़ूर की जा सकती है?
उत्तर: मार्जिन मनी सरकारी सब्सिडी के समान ही होती है जो कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट की 15% -35% है।
प्रश्न. पीएमईजीपी योजना के तहत कौन लोन ले सकता है?
उत्तर: नीचे दी गई संस्थाएं पीएमईजीपी योजना के तहत लोन ले सकती हैं:
प्रश्न. अगर मैं 28 साल का हूं और 10वीं पास हूं, तो क्या मैं पीएमईजीपी के तहत लोन के लिए अप्लाई कर सकता हूं?
उत्तर: हां, आवेदक जिनकी उम्र 18 वर्ष और उससे अधिक है और जिन्होंने आठवीं कक्षा पास कर रखी है, वे पीएमईजीपी योजना के तहत लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए कोई अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है, हालांकि बैंक अधिकतम आयु सीमा निर्धारित करने के लिए अपनी योग्यता शर्तों का उपयोग कर सकते हैं।
प्रश्न. पीएमईजीपी लोन कितने समय में मिल जाता है?
उत्तर: लगभग 16 दिनों का ट्रेनिंग प्रोग्राम पूरा होने के बाद, बैंक/ लोन संस्थान पीएमईजीपी के तहत लगभग 2 महीने के अंदर लोन राशि प्रदान कर सकते हैं।
प्रश्न. क्या मुझे फास्ट फूड रेस्तरां के लिए पीएमईजीपी लोन मिल सकता है?
उत्तर: हां, आप फास्ट-फूड रेस्तरां शुरू करने के लिए पीएमईजीपी योजना के तहत लोन प्राप्त कर सकते हैं। यदि आप लोन लेने की योग्यता शर्तों को पूरा करते हैं तो आप भारत सरकार द्वारा ऑफर की जाने वाली कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट के 90% तक की पीएमईजीपी सब्सिडी का भी लाभ उठा सकते हैं। पीएमईजीपी सब्सिडी 15% -35% तक होगी जो लोन राशि पर निर्भर करता है।
प्रश्न. क्या पीएमईजीपी लोन लेने के लिए किसी विशेष डिग्री का होना ज़रूरी है?
उत्तर: अगर आवेदक 10 लाख रु. तक की लागत वाली सर्विस यूनिट और 25 लाख रु. तक की लागत वाली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए लोन लेना चाहता है, तो आवेदक का कम से कम 8 वीं पास होना ज़रूरी है।
प्रश्न. क्या शहरी क्षेत्र में रहने वाला व्यक्ति पीएमईजीपी लोन ले सकता है?
उत्तर: हां, यह लोन योजना सभी योग्य आवेदकों के लिए उपलब्ध है, चाहे वे कहीं भी रहें। हालांकि, कितनी सब्सिडी मिल सकती है, इस पर कुछ प्रतिबंध लगे हुए हैं। उदाहरण के लिए, शहरी क्षेत्रों में सामान्य वर्ग के लिए सब्सिडी 15% है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह 25% है। कमजोर वर्गों के लिए यह शहरी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 35 प्रतिशत है।
प्रश्न. पीएमईजीपी लोन के तहत मार्जिन मनी क्या है? यह मुझे कैसे फायदा पहुंचाता है?
उत्तर: मार्जिन मनी खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) से मिलने वाली सब्सिडी होती है। यह वह राशि है जो सरकार पीएमईजीपी लोन के तहत आपके बिज़नेस में योगदान करती है। यह मार्जिन मनी बैंक को दी जाती है और इसका लॉक-इन पीरियड 3 साल तक होता है।
प्रश्न. क्या बैंक मुझे मार्जिन मनी प्रदान करेगा?
उत्तर: हां, बैंक आपको लॉक-इन पीरियड के बाद मार्जिन मनी देता है, बशर्ते आपने अपने फंड का उपयोग बैंक द्वारा प्रदान किए गए दिशानिर्देशों के अनुसार किया हो।
प्रश्न. क्या लोन राशि के इस्तेमाल पर कोई दिशा-निर्देश हैं?
उत्तर: पीएमईजीपी लोन के लिए ज़रूरी है कि वर्किंग कैपिटल संबंधी खर्च मार्जिन मनी लॉक होने के बाद 3 वर्षों में कम से कम एक बार कैश क्रेडिट लिमिट के बराबर होना चाहिए। इसके अलावा, यह मंज़ूर हुई लिमिट के यूटिलाइजेशन के 75% से कम नहीं होना चाहिए।
प्रश्न. मेरे कोई वर्किंग कैपिटल संबंधी खर्च नहीं है। क्या मुझे पीएमईजीपी लोन मिल सकता है?
उत्तर: हाँ, आप ये लोन ले सकते हैं। इसके लिए रीजनल ऑफिस या बैंक शाखा के नियंत्रक से आपके खर्चों के ब्रेकअप की मंज़ूरी चाहिए होती है जिसमें वर्किंग कैपिटल संबंधी खर्च शामिल नहीं होना चाहिए।