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अगर आप अपना क्रेडिट स्कोर (Credit Score) सुधारना/ बढ़ाना चाहते हैं, तो इसमें सही एप्रोच के साथ आपका समय और सब्र दोनों लगेगा। हालाँकि, कम क्रेडिट स्कोर को आसानी से बढ़ाया जा सकता है (Improve your low Credit Score) केवल आपका तरीका सही होना चाहिए। आपका क्रेडिट स्कोर कम होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे, ख़राब पेमेंट रिकॉर्ड, ज़्यादा यूटिलाईज़ेशन रेश्यो, क्रेडिट रिपोर्ट में गलत जानकारी, आदि। इस लेख में क्रेडिट स्कोर की बुनियादी जानकारी के साथ क्रेडिट स्कोर बढ़ाने (Increase Credit Score) के तरीकों के बारे में जानें:
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क्रेडिट स्कोर सुधारने के लिए निम्नलिखित कदम उठाएं (Steps to improve your credit score):
पेमेंट रिकॉर्ड सुधारने के लिए क्रेडिट कार्ड बिल और EMI का भुगतान समय पर करें, इस तरह आपका क्रेडिट स्कोर (Credit Score) भी सुधर जाएगा। क्रेडिट कार्ड बिल या लोन ईएमआई में एक भी चूक होने से आपके पेमेंट रिकॉर्ड पर ख़राब प्रभाव पड़ सकता है और इससे आपका क्रेडिट स्कोर गिर सकता है।
आप अपनी क्रेडिट लिमिट का जितना प्रतिशत उपयोग करते हैं, वही आपका क्रेडिट यूटिलाईज़ेशन रेश्यो (CUR) होता है। उदाहरण, अगर आपकी क्रेडिट लिमिट 1 लाख रु. है और आप उसमें से 50,000 खर्च करते हैं तो आपका क्रेडिट यूटिलाईज़ेशन रेश्यो 50% होगा। ये वो दूसरा सबसे महत्वपूर्ण कारक है जो आपके क्रेडिट स्कोर को प्रभावित करता है।
इसलिए सलाह दी जाती है कि आपका क्रेडिट यूटिलाईज़ेशन रेश्यो 30%-40% से ज़्यादा नहीं होना चाहिए, इससे ज़्यादा रेश्यो दर्शाता है कि क्रेडिट पर आपकी निर्भरता ज़्यादा है। क्रेडिट यूटिलाईज़ेशन रेश्यो कम करने के लिए अपने खर्च को नियंत्रित करें या अपनी क्रेडिट लिमिट को बढ़ाए, इसके लिए नए क्रेडिट कार्ड के लिए अनुरोध करें।
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लोन में सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड लोन का मिश्रण क्रेडिट मिक्स का अच्छा तरीका है। सिक्योर्ड लोन जैसे, होम लोन, कार लोन आदि व पर्सनल लोन जैसे अनसिक्योर्ड लोन का समय से भुगतान करना आपके सिबिल स्कोर को बढ़ाने में काफी मददगार होता है। ये दिखाता है कि आप हर तरह का लोन (कम समय व अधिक समयावधि वाला लोन) भुगतान करने में सक्षम हैं।
आमतौर पर होम लोन की भुगतान अवधि लंबी होती है, ऐसे में अगर आवेदक समय से उस लोन का भुगतान करते हैं तो बैंक मानता है कि आवेदक नियमित रुप से अन्य लोन का भुगतान समय से करने में सक्षम हैं। इससे क्रेडिट स्कोर मैनेटेन रहता है।
हालाँकि, क्रेडिट मिक्स का आपके क्रेडिट स्कोर पर कम प्रभाव पड़ता है और ऐसा नहीं होता है कि बैंक आपकी लोन एप्लीकेशन केवल इसलिए नामंज़ूर कर देगा कि आपका क्रेडिट मिक्स संतुलित नहीं है।
बहुत से लोगों को ये गलतफहमी है कि पुराने या उपयोग ना हो रहे क्रेडिट कार्ड बंद करने से क्रेडिट स्कोर (Credit Score) बढ़ जाएगा, जबकि ऐसा नहीं है। आपकी क्रेडिट हिस्ट्री आपके सबसे पुराने क्रेडिट अकाउंट से ही शुरू होती है और क्रेडिट हिस्ट्री जितनी पुरानी होगी बैंक को आप पर उतना ही भरोसा होगा। इसलिए, ये सलाह दी जाती है कि अपने पुराने क्रेडिट कार्ड अकाउंट को बंद ना करें।
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कई बार आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में गलत जानकारी आ जाती है, जिसका ख़राब प्रभाव आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ सकता है। इसलिए समय-समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करें और कोई भी गलत जानकारी मिलने पर क्रेडिट ब्यूरो को उसकी सूचना दें।
आप भारत में मौजूदा चार ब्यूरो में से प्रत्येक से हर तीन महीनों में एक बार मुफ्त में क्रेडिट रिपोर्ट ले सकते हैं या आप पैसाबाज़ार पर हर महीने में अपनी अपडेटेड क्रेडिट रिपोर्ट मुफ्त में देख सकते हैं।
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जब भी आप लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करते हैं, तो बैंक क्रेडिट ब्यूरो से आपकी क्रेडिट रिपोर्ट लेने के लिए अनुरोध करते हैं, इसे हार्ड-इन्क्वायरी कहा जाता है। हर बार हार्ड-इन्क्वायरी होने पर आपका क्रेडिट स्कोर कुछ पॉइंट कम हो जाता है।
इसलिए, कम समय में बार-बार लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई ना करें। ऐसे आवेदकों को बैंक व एनबीएफसी अधिक जोखिम वाला मानते हैं और लोन देना पसंद नहीं करते हैं। दरअसल आपके लिए कितनी बार हार्ड-इन्क्वायरी की गई इसकी जानकारी आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में भी दी जाती है। हार्ड-इन्क्वायरी से बचने के लिए, आप लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए सीधे अप्लाई ना करके फाइनेंशियल मार्केट पोर्टल पर जाकर लोन आवेदन करें।
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अगर आप अपना क्रेडिट स्कोर बढ़ाना चाहते हैं तो यहां कुछ अतिरिक्त तरीके बताएं गए हैं, जिन्हें फॉलो करके आप अपना क्रेडिट स्कोर बढ़ा (Improve Credit Score) सकते हैं:
क्रेडिट स्कोर 3 डिजिट का नंबर होता है, जो 300-900 के बीच होता है। इससे पता चलता है कि किसी व्यक्ति को लोन देने में कितना जोखिम है। क्रेडिट ब्यूरो के अनुसार स्कोर जितना 900 के पास होता है, उतना बेहतर माना जाता है। आमतौर पर 750 या उससे अधिक क्रेडिट स्कोर को अच्छा माना जाता है और लोन मिलने की अधिक संभावना होती है।
जिन लोगों की क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है या क्रेडिट कार्ड का बहुत कम इस्तेमाल करते हैं वह कुछ महीनों में क्रेडिट स्कोर बना सकते हैं। हालांकि जो लोग लोन या ईएमआई का समय से भुगतान नहीं करते हैं वह अपेक्षाकृत कम समय में अपना क्रेडिट स्कोर सुधार सकते हैं। वर्तमान में भारतीय ग्राहकों के लिए 4 क्रेडिट ब्यूरो ट्रांसयूनियन CIBIL, एक्सपिरियन, इक्विफैक्स और CIRF हाईमार्क क्रेडिट स्कोर जारी करते हैं।
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प्रश्न. क्या मैं अपना क्रेडिट स्कोर 3 महीनों में सुधार सकता हूं?
उत्तर: आदर्श रुप से क्रेडिट ब्यूरो द्वारा आपेक क्रेडिट रिपोर्ट में कोई बदलाव करने में 2-3 महीने का वक्त लगता है। इसलिए क्रेडिट स्कोर में कोई बदलाव देखने के लिए 3 महीने का समय थोड़ा अधिक है।
प्रश्न. 700 का क्रेडिट स्कोर बनने में कितना समय लगेगा?
उत्तर: आमतौर पर यह मौजूदा क्रेडिट स्कोर पर निर्भर करता है कि 700 या उससे अधिक स्कोर बनने में कितना समय लगेगा। सामान्य तौर पर क्रेडिट स्कोर में बदलाव के लिए कुछ महीनों का समय लगता है।
प्रश्न. मेरे क्रेडिट स्कोर में सुधार क्यों नहीं हो रहा है?
उत्तर: अगर आपने क्रेडिट स्कोर में बदलाव की प्रक्रिया आज शुरू की है, तो इसमें तुरंत सुधार नहीं होगा। कम से कम 6 माह का समय लगेगा इसलिए सही प्रोसेस के साथ धैर्य रखें।
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