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लोन आवेदक को हमेशा इस बात का डर बना रहता है कि अगर उसके साथ कोई दुर्घटना हो गई तो उसके होम लोन (Home Loan) की बाकी राशि का भुगतान कौन करेगा। लोन लेने वाला व्यक्ति नहीं चाहेगा कि उसके आकस्मिक निधन के बाद परिवार को होम लोन का भुगतान करना पड़े। कब क्या हो जाए, कह नहीं सकते, यह विचार आवेदक के दिमाग में चलता रहता है, क्योंकि होम लोन की अवधि लंबी होती है जो अधिकतम 30 साल तक हो सकती है। इसलिए, यह सुझाव दिया जाता है कि आवेदकों ये बात ध्यान में रखें और उसी के मुताबिक योजना बनायें। हालांकि, अगर कोई व्यक्ति बैंकों, NBFC या हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों से होम लोन ले रहा है, तो RBI और IRDAI के नियमों के अनुसार होम बीमा योजना (Home Loan Insurance) खरीदना अनिवार्य नहीं है। होम लोन इंश्योरेंस क्या होता है? क्या होम लोन का बीमा होता है या नहीं, आदि सवालों के जवाब के लिए ये लेख पढ़े।
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होम लोन बीमा (Home Loan Insurance), जिसे होम लोन प्रोटेक्शन प्लान (HLPP) के रूप में भी जाना जाता है। यह योजना लगभग हर लोन संस्थान द्वारा ऑफर की जाती है, जिसमें बीमा कंपनी लोन लेने वाले व्यक्ति का अचानक निधन होने पर उसके शेष लोन की भरपाई करती है।
बीमा की अवधि आमतौर पर लोन अवधि के समान होती है। होम लोन बीमा का लाभ उठाने से लोन लेने वाले उधारकर्ता को राहत मिलती है कि उसके निधन के बाद भी, उसके परिवार को होम लोन चुकाने या लोन राशि का भुगतान न कर पाने के कारण घर खाली करने के लिए नहीं कहा जाएगा।
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होम लोन बीमा (Home Loan Insurance) प्रीमियम तीन मुख्य चीज़ों पर निर्भर करता है जिसमें बीमाधारक या आवेदक की आयु, लोन अवधि / लोन राशि और बीमाधारक या आवेदक की मेडिकल हिस्ट्री शामिल है। होम लोन बीमा प्रीमियम प्रॉपर्टी/ घर को अन्य लोगों द्वारा जब्त होने से बचाने में भी मदद करता है। इस प्रकार, बीमा धारक के लिए कुछ महत्वपूर्ण उद्देश्यों के लिए इसको चुनना ज़रूरी हो जाता है।
कई बार लोग होम इंश्योरेंस और होम लोन इंश्योरेंस के बीच के अंतर को समझ नहीं पाते हैं। ये दो शब्द बिल्कुल अलग हैं और अलग- अलग उद्देश्यों को पूरा करते हैं। होम इंश्योरेंस निम्नलिखित जोखिमों के खिलाफ आपके घर को कवर करता है:
इसका मतलब है कि होम इंश्योरेंस एक ऐसा बीमा है जो नुकसान की स्थिति में आपके घर की रिप्लेसमेंट कॉस्ट को कवर करता है, जबकि प्रॉपर्टी खरीदने के लिए आपके द्वारा जो लोन लिया जाता है, उसे होम लोन इंश्योरेंस कवर करता है। जिस समय आप लोन लेते हैं उस समय से यह योजना बकाया लोन राशि को कवर करती है।
ज़्यादातर बैंकों और NBFC ने होम लोन बीमा (Home Loan Insurance) को अनिवार्य कर दिया है जबकि, होम लोन बीमा लेना अनिवार्य नहीं है और यह लोन आवेदक या लोन उधारकर्ता पर निर्भर करता है।
ये भी पढ़ें: होम लोन के लिए कितना होना चाहिए क्रेडिट स्कोर?
बैंक और NBFC तीन प्रकार के होम लोन बीमा (Home Loan Insurance) ऑफर करते हैं जिसमें लेवल प्लान, हाइब्रिड प्लान और रिड्यूसिंग कवर प्लान शामिल हैं:
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प्रश्न. क्या होम लोन सुरक्षा बीमा पर टैक्स लागू होता है?
उत्तर: नहीं, ज़्यादातर मामलों में होम लोन बीमा पर टैक्स नहीं कटता है और प्रॉपर्टी भुगतान में होम लोन बीमा प्रीमियम शामिल नहीं हैं।
प्रश्न. क्या होम लोन के साथ बीमा लेना अनिवार्य है?
उत्तर: नहीं, होम लोन बीमा लेना अनिवार्य नहीं है, लेकिन यह एक अतिरिक्त लाभ की तरह है। यदि आप इसे लेते हैं, तो आप नुकसान में नहीं होंगे। अगर आपने होम लोन बीमा लिया है तो बैंक किसी भी इमरजेंसी के बावजूद आपके घर की नीलामी नहीं कर सकता है।
प्रश्न. क्या होम लोन बीमा (Home Loan Insurance) में टैक्स लाभ मिलता है?
उत्तर: हां, अगर होम लोन लेने वाला व्यक्ति प्रीमियम का भुगतान स्वयं करता है, तो उसे इनकम टैक्स सेक्शन 80 C और सेक्शन 10 (10 D) के तहत उसे टैक्स में छूट मिलेगी।