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आपका क्रेडिट स्कोर कितना है? 600 या 750? मुफ्त में जानें
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भारत में चार क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनी या क्रेडिट ब्यूरो जैसे- ट्रांसयूनियन सिबिल, इक्विफैक्स, एक्सपेरियन और CRIF हाईमार्क काम करते हैं। इन संस्थानों को व्यक्तियों से जुड़ी वित्तीय रिकॉर्ड इकट्ठा करने और बनाए रखने और इस डेटा के आधार पर क्रेडिट रिपोर्ट/क्रेडिट स्कोर जेनरेट करने का लाइसेंस प्राप्त है। क्रेडिट रिपोर्ट और उनके द्वारा लिए गए क्रेडिट स्कोर का उपयोग बैंकों या लोन संस्थानों द्वारा किसी व्यक्ति की वित्तीय जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जाता है। व्यक्ति भी आसानी से नए क्रेडिट कार्ड और लोन के लिए अपनी योग्यता तय करने के लिए अपने क्रेडिट स्कोर (Credit Score) को जान सकते हैं। क्रेडिट रिपोर्ट में लोन अकाउंट (क्रेडिट कार्ड और लोन) की विस्तृत जानकारी, दिवालिया होने और देर से भुगतान (यदि हो तो) के साथ एक व्यक्ति का क्रेडिट रिकॉर्ड शामिल होता है। मतलब ये रिपोर्ट बताती है कि आपने कब-कब लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन किया, आपको किस-किस बैंक या लोन संस्थान से लोन या क्रेडिट कार्ड मिला और आपने लोन या क्रेडिट कार्ड का EMI और बिल का भुगतान समय पर किया या नहीं। क्रेडिट रिपोर्ट में शामिल एक अन्य महत्वपूर्ण जानकारी उन बैंकों/NBFC की लिस्ट है जिन्होंने आपकी क्रेडिट रिपोर्ट की जांच की है। क्रेडिट रिपोर्ट (Credit Report) में पाए गए क्रेडिट हिस्ट्री डेटा का उपयोग करके क्रेडिट स्कोर कैलकुलेट किया जाता है। यह स्कोर कई कारकों जैसे- भुगतान और उधार पैटर्न, क्रेडिट कार्ड या लोन आवेदन की संख्या और क्रेडिट उपयोग से प्रभावित होता है। क्रेडिट स्कोर निकालने के लिए उपयोग किया जाने वाला फ़ॉर्मूला एक क्रेडिट ब्यूरो से दूसरे क्रेडिट ब्यूरो में भिन्न होता है, इसलिए एक व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर अलग-अलग ब्यूरो में अलग-अलग हो सकता है। क्रेडिट स्कोर लोन या क्रेडिट कार्ड आवेदन को मंज़ूरी दिलाने में प्रमुख भूमिका निभाता है। अगर आवेदक का स्कोर 900 के पास है, तो नए क्रेडिट कार्ड/ लोन के लिए स्वीकृत होने की उसकी संभावना अधिक होती है।
क्या आपका क्रेडिट स्कोर शून्य या कम है? स्टेप-अप क्रेडिट कार्ड लें और अपना स्कोर बनाएं और सुधारें
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नए लोन/क्रेडिट कार्ड पाने वालों के लिए एक अच्छा क्रेडिट स्कोर होना ज़रूरी है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि हम क्रेडिट स्कोर को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों को जानें। कुछ कारक जो किसी व्यक्ति के क्रेडिट स्कोर को प्रभावित करते हैं, वे नीचे दिए गए हैं: सभी क्रेडिट कार्ड (Credit Card) की अपनी एक क्रेडिट लिमिट होती है। आप उस लिमिट का जितना उपयोग करते हैं, उसी के आधार पर आपका क्रेडिट यूटिलाइज़ेशन रेश्यो निकाला जाता है। उदाहरण के लिए, अगर आपके पास 1 लाख रु. की क्रेडिट लिमिट है और आप उसमें से 60,000 रु. का उपयोग करते हैं तो आपका रेश्यो 60% हुआ। यह क्रेडिट पर आपकी निर्भरता को दर्शाता है। अधिक क्रेडिट यूटिलाइज़ेशन रेश्यो (CUR) भी भुगतान का बोझ बढ़ने का संकेत देता है जिसका आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कम क्रेडिट यूटिलाइज़ेशन रेश्यो अधिक लोन योग्यता को दर्शाता है। जब भी आप लोन के लिए आवेदन करते हैं तो बैंक या लोन संस्थान क्रेडिट ब्यूरो से आपकी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करते हैं, इसे “हार्ड इन्क्वायरी” के रूप में जाना जाता है। आपके लिए कितनी बार हार्ड इन्क्वायरी हुई है इसकी जानकारी आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में दर्ज की जाती है और इस से आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ये भी पढ़ें: पर्सनल लोन के लिए कितना होना चाहिए क्रेडिट स्कोर? आपका क्रेडिट स्कोर आपके लोन भुगतान के रिकॉर्ड जैसे-EMI और क्रेडिट कार्ड बिलों से प्रभावित होता है। क्रेडिट कार्ड बिल का समय से भुगतान न होना और EMI तय समय पर न भरने से आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। क्रेडिट मिक्स, सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड क्रेडिट दोनों का मिश्रण है। मतलब आप कितने सुरक्षित या असुरक्षित लोन लेते हैं उससे आपका क्रेडिट मिक्स सामने आता है। क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन जैसे कई असुरक्षित लोन होने से आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है क्योंकि इसे अक्सर गलत फाइनेंस मैनेजमेंट माना जाता है। जैसा कि यदि आपके पास सुरक्षित लोन (जैसे ऑटो और होम लोन) अधिक हैं तो आपके क्रेडिट स्कोर के अधिक होने की संभावना है। आपके क्रेडिट कार्ड पर क्रेडिट लिमिट बढ़ाने के लिए लगातार अनुरोध करने से भी इंक्वायरी की संख्या बढ़ जाती है जो आपके क्रेडिट स्कोर पर विपरीत प्रभाव डाल सकती है। यह आपके खर्चों के मैनेजमेंट के लिए क्रेडिट पर अधिक निर्भरता को भी दर्शाता है जिससे पता चलता है कि आप पर लोन का बोझ अधिक है और बैंकों द्वारा इसकी नकारात्मक रूप से व्याख्या की जा सकती है। ये भी पढ़ें: सिबिल रिपोर्ट से जुड़ी शिकायत दर्ज करने का तरीका जानें आपके क्रेडिट स्कोर को कैलकुलेट करने के लिए आपके क्रेडिट बिहेवियर, क्रेडिट यूटिलिटी लिमिट, लोन भुगतान रिकॉर्ड आदि का उपयोग किया जाता है। क्रेडिट हिस्ट्री की अनुपस्थिति आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। यदि आपने कभी लोन नहीं लिया है या आपके पास कभी क्रेडिट कार्ड नहीं था, तो बैंक के लिए यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि आप कम या अधिक जोखिम की कैटेगरी में आते हैं या नहीं। कई बार बैंक या क्रेडिट ब्यूरो की प्रशासनिक कमी के कारण आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में गलत जानकारी आ जाती है, जैसे आपका नाम गलत लिख देना, कोई ऐसा लोन रिपोर्ट में दिखा देना जो आपने कभी लिया ही नहीं, आदि। अगर आपको अपनी रिपोर्ट में ऐसी कोई जानकारी मिलती है तो उसकी सूचना क्रेडिट ब्यूरो को दें ताकि उसमें सुधार हो सके।
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इसे भी पढ़ें: अपने सिबिल स्कोर में तुरंत सुधार कैसे करें।
लाइसेंस प्राप्त क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियों (CIC) को क्रेडिट ब्यूरो के रूप में भी जाना जाता है जो व्यक्तियों से जुड़ी वित्तीय जानकारी इकट्ठा करते हैं और उस जानकारी के आधार पर क्रेडिट रिपोर्ट बनाते हैं। इन क्रेडिट रिपोर्ट्स का उपयोग किसी व्यक्ति के क्रेडिट स्कोर का मूल्यांकन करने के लिए किया जाता है, जिसका उपयोग बैंकों या लोन संस्थानों द्वारा किसी व्यक्ति को नए क्रेडिट कार्ड या लोन देते समय किया जाता है। क्रेडिट स्कोर व्यक्ति की साख तय करने में मदद करता है। भारत में 4 प्रमुख क्रेडिट ब्यूरो हैं- ट्रांसयूनियन सिबिल, इक्विफैक्स, एक्सपेरियन और क्रिफ हाईमार्क 4 क्रेडिट ब्यूरो हैं, जो क्रेडिट रिपोर्ट और क्रेडिट स्कोर जेनरेट करते हैं। जब आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में आपके क्रेडिट हिस्ट्री के संदर्भ में समान डेटा होगा, तो आपका क्रेडिट स्कोर एक क्रेडिट ब्यूरो से दूसरे में भिन्न होगा। आप अपने सिबिल स्कोर के साथ-साथ अन्य क्रेडिट ब्यूरो द्वारा दिए गए क्रेडिट स्कोर को मुफ्त में पैसाबाज़ार की वेबसाइट/ऐप पर जाकर देख सकते हैं। पैसाबाज़ार पर क्रेडिट स्कोर चेक (Check Credit Score at Paisabazaar) करने के लिए नीचे बताए गए स्टेप्स को फॉलो करें: स्टेप 1: पैसाबाज़ार की वेबसाइट/ऐप पर जाएं और होम पेज पर ‘Get Report’ बटन पर क्लिक करें स्टेप 2: इसके बाद खुलने वाले पेज पर, अपना लिंग, नाम, जन्मतिथि, PAN नंबर जैसी जानकारी भरें और अपने क्रेडिट स्कोर की जांच से जुड़े नियम और शर्तों से सहमत होने के लिए चेकबॉक्स पर क्लिक करें स्टेप 3: अपने क्रेडिट स्कोर को मुफ्त में ऑनलाइन जानने के लिए ‘Get Your Credit Score’ पर क्लिक करें।
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विभिन्न क्रेडिट ब्यूरो जैसे कि– ट्रांसयूनियन सिबिल, इक्विफैक्स, एक्सपेरियन और क्रिफ हाईमार्क क्रेडिट स्कोर जेनरेट करने के लिए क्रेडिट रिपोर्ट डेटा का उपयोग करने के लिए विभिन्न स्कोरिंग मॉडल का उपयोग करते हैं। ये स्कोरिंग मॉडल किसी व्यक्ति के क्रेडिट स्कोर को बनाते समय कई कारकों का उपयोग करते हैं। यही कारण है कि एक ही व्यक्ति का अलग-अलग क्रेडिट ब्यूरो में अलग स्कोर होगा, भले ही क्रेडिट हिस्ट्री बिल्कुल एक जैसी हो। यह केवल इसलिए होता है, क्योंकि प्रत्येक क्रेडिट ब्यूरो के पास अपना विशेष एल्गोरिथम और मेथैमेटिक फॉर्मूला होता है, जिसका उपयोग किसी व्यक्ति के क्रेडिट स्कोर को कैलकुलेट करने के लिए किया जाता है। कुछ प्रमुख कारक जैसे कि क्रेडिट मिक्स, क्रेडिट हिस्ट्री अवधि, क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो, हार्ड इंक्वायरी और लोन भुगतान रिकॉर्ड किसी व्यक्ति के क्रेडिट स्कोर को प्रभावित करते हैं। इनके बारे में आप लेख के शुरुआत में जाकर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। क्रेडिट स्कोर और क्रेडिट रिपोर्ट को समझना क्रेडिट स्कोर 3 अंकों की संख्या है, जो 300 से 900 के बीच होता है और किसी व्यक्ति के क्रेडिट बिहेवियर को दर्शाता है। यह 3 अंकों की संख्या प्रभावी रूप से भुगतान हिस्ट्री समेत किसी व्यक्ति की क्रेडिट हिस्ट्री को प्रस्तुत करती है। आमतौर पर अधिक क्रेडिट स्कोर, लोन या क्रेडिट कार्ड आवेदन पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। रिपोर्ट में शामिल मुख्य जानकारी निम्नलिखित हैं: बता दें कि आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में आपकी बचत, निवेश, भुगतान या यूटिलिटी बिल इत्यादि के बारे में जानकारी शामिल नहीं होती है (भारत के अलावा अन्य कई देशों में क्रेडिट रिपोर्ट के विपरीत)। हर क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनी – ट्रांसयूनियन सिबिल, इक्विफैक्स, एक्सपेरियन और सीआरआईएफ हाईमार्क विभिन्न स्कोरिंग मॉडल का उपयोग करके अपनी रिपोर्ट तैयार करती है। क्रेडिट स्कोर की लिमिट 300 और 900 के बीच होती है। 900 के करीब स्कोर को आमतौर पर एक अच्छा क्रेडिट स्कोर माना जाता है। ऐसे आवेदको को लोन या क्रेडिट कार्ड मिलने की संभावना अधिक होती है क्योंकि अच्छा क्रेडिट स्कोर जिम्मेदार क्रेडिट बिहेवियर को दर्शाता है। सामान्य क्रेडिट स्कोर लिमिट नीचे दी गई है: ये भी पढ़ें: क्रेडिट रिपोर्ट क्या है, क्यों ज़रूरी है
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आपके क्रेडिट स्कोर को सुधारने (Improve Credit Score) के कुछ तरीके नीचे दिए गए हैं:
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क्रेडिट स्कोर बैंकों को किसी व्यक्ति की क्रेडिट योग्यता तय करने और भुगतान पर डिफ़ॉल्ट के जोखिम का आकलन करने में मदद करता है। वास्तव में यह बैंकों के लिए पहली धारणा के रूप में काम करता है। क्रेडिट स्कोर जितना अधिक होगा, उतना ही लोन शर्तों पर सकारात्मक असर पड़ता है। निम्नलिखित तरीकों से क्रेडिट स्कोर पर्सनल लोन, कार लोन, होम लोन और क्रेडिट कार्ड को सुरक्षित करने की आपकी योग्यता को प्रभावित करता है: पर्सनल लोन: कम क्रेडिट स्कोर से आपका लोन आवेदन खारिज हो सकता है, जबकि अधिक क्रेडिट स्कोर आपके लोन आवेदन की समीक्षा और मंज़़ूर होने की संभावना को बढ़ाता है। अधिक क्रेडिट स्कोर कम ब्याज दर, अधिक राशि या लॉन्ग टर्म अवधि जैसी अधिक शर्तों पर पर्सनल सिक्योरिटी क्रेडिट का कारण बन सकता है। कार लोन: अधिक क्रेडिट स्कोर वाले व्यक्ति कम ब्याज दर के साथ लोन पा सकते हैं और 0% फाइनेंसिंग पर नया कार लोन प्राप्त कर सकते हैं। कम क्रेडिट स्कोर भुगतान राशि को भी प्रभावित कर सकता है क्योंकि कम क्रेडिट स्कोर वाले व्यक्तियों को भुगतान राशि का भुगतान करने की आवश्यकता हो सकती है क्योंकि इससे बैंकों को भी अधिक जोखिम की संभावना होती है। होम लोन: अच्छा क्रेडिट स्कोर होम लोन हासिल करने के आपके अवसरों को बढ़ाता है और आपको बेहतर नियमों और शर्तों पर बातचीत करने में सक्षम बनाता है। क्रेडिट कार्ड: अधिक क्रेडिट स्कोर से अधिक क्रेडिट हासिल करने की आपकी संभावना बढ़ती है, आप अधिक क्रेडिट लिमिट का लाभ उठा सकते हैं और बेहतर रिवार्ड और लाभ के साथ क्रेडिट कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। अधिक क्रेडिट स्कोर वाले भी ब्याज की कम दरों और अनुकूल शर्तों पर क्रेडिट कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि क्रेडिट स्कोर केवल वो नहीं है, जिस पर बैंक किसी व्यक्ति को पैसे उधार देते समय विचार करते हैं, लेकिन यह निश्चित रूप से महत्वपूर्ण है जो लोन आवेदनों का मूल्यांकन करते समय बैंक देखते हैं। एक अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाए रखने के कई लाभ (Benefits of Good Credit Score) हैं। उनमें से कुछ नीचे दिए गए हैं: ये भी पढ़ें: जानें कम क्रेडिट स्कोर कैसे आपको प्रभावित कर सकता है? क्रेडिट स्कोर और क्रेडिट रेटिंग के बीच अंतर क्रेडिट स्कोर और क्रेडिट रेटिंग के बीच अंतर (Difference between Credit Score and Credit Rating) नीचे दिए गए हैं: यह भी उल्लेखनीय है कि CIBIL वर्तमान में सिबिल कंपनी की रिपोर्ट के रूप में जाने जाने वाले व्यवसायों के लिए एक सेवा प्रदान करता है जिसमें सिबिल रैंक शामिल है जो व्यक्तियों के लिए क्रेडिट स्कोर के समान है। हालांकि, यह भी क्रेडिट रेटिंग के समान नहीं है जो विशेष रूप से वित्तीय प्रॉडक्ट पर लागू होता है।
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प्रश्न. क्या क्रेडिट स्कोर शून्य हो सकता है? प्रश्न. होम लोन के लिए न्यूनतम क्रेडिट स्कोर क्या है? प्रश्न. क्रेडिट स्कोर (Credit Score) क्या होता है? प्रश्न. क्रेडिट स्कोर कितना होना चाहिए? प्रश्न. अलग-अलग क्रेडिट ब्यूरो में क्रेडिट स्कोर अलग-अलग क्यों होते हैं? प्रश्न. भारत में क्रेडिट स्कोर कितनी बार अपडेट किए जाते हैं?क्रेडिट स्कोर और क्रेडिट रिपोर्ट क्या है?
आपके क्रेडिट स्कोर को प्रभावित करने वाले कारक
1. क्रेडिट यूटिलाइज़ेशन रेश्यो
2. लोन इंक्वायरी/आवेदन
3. भुगतान रिकॉर्ड
4. क्रेडिट मिक्स
5. बार-बार क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाना
6. क्रेडिट हिस्ट्री की कमी
7. क्रेडिट रिपोर्ट में गलत जानकारी
क्रेडिट के प्रकार जो आपके क्रेडिट स्कोर को प्रभावित करते हैं
भारत में क्रेडिट ब्यूरो
मुफ़्त में क्रेडिट स्कोर कैसे जानें?
क्रेडिट स्कोर को कैसे कैलकुलेट करें?
अपने क्रेडिट स्कोर में सुधार कैसे करें?
क्रेडिट स्कोर आपकी योग्यता को कैसे प्रभावित करता है?
आपको एक अच्छा क्रेडिट स्कोर क्यों बनाए रखना चाहिए?
क्रेडिट स्कोर
क्रेडिट रेटिंग
क्रेडिट स्कोर किसी व्यक्ति की क्रेडिट हिस्ट्री की 3 अंकों की संख्या है और यह लोन प्रकारों और बैंकों में किसी व्यक्ति की साख और वित्तीय स्थिति को तय करने में मदद करता है।
क्रेडिट रेटिंग शेयरों, बॉन्ड, म्यूचुअल फंड, सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉज़िट आदि जैसे वित्तीय प्रॉडक्ट से जुड़ें है। क्रेडिट रेटिंग आमतौर पर AA+, AAA, आदि जैसे अल्फ़ान्यूमेरिक संयोजन में दी जाती है।
भारत में क्रेडिट रिपोर्ट और क्रेडिट स्कोर बनाने के लिए लाइसेंस प्राप्त क्रेडिट संस्थान हैं, ट्रांसियन सिबिल, इक्विफैक्स, एक्सपेरियन और क्रिफ हाईमार्क
वित्तीय प्रॉडक्ट को क्रेडिट रेटिंग देने के लिए अधिकृत कंपनियां क्रिसिल, ICRA, ब्रिकवर्क रेटिंग्स इंडिया आदि हैं।
यह बैंकों को किसी व्यक्ति को लोन देने में शामिल जोखिम का मूल्यांकन करने में मदद करता है
यह एक निवेशक को किसी विशेष वित्तीय प्रॉडक्ट में निवेश करने में शामिल जोखिम का आकलन करने में मदद करता है
संबंधित सवाल (FAQs)
उत्तर: नहीं, क्रेडिट स्कोर कभी भी शून्य नहीं हो सकता है। हालांकि, यदि किसी व्यक्ति की कोई क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है या क्रेडिट के लिए बहुत नया है, तो उन्हें क्रेडिट स्कोर “NA” या “NH” के साथ जोड़ा जा सकता है।
उत्तर: होम लोन के लिए कोई न्यूनतम क्रेडिट स्कोर नहीं है। आपका स्कोर 900 के करीब है। अनुकूल शर्तों जैसे कि कम ब्याज दर, अधिक लोन मंज़ूरी लिमिट, आदि पर लोन मिल सकता है।
उत्तर: क्रेडिट स्कोर 300-900 के बीच 3 अंकों की संख्या होती है, जो आपके क्रेडिट बिहेवियर को दर्शाता है। इससे पता चलता है कि आपने अपने पिछले लोन या क्रेडिट कार्ड को कैसे मैनटेन किया है। आपको लोन या क्रेडिट कार्ड देना है या नहीं इसका निर्धारण करने में बैंक व एनबीएफस क्रेडिट स्कोर की मदद लेते हैं। इसलिए क्रेडिट स्कोर मैनटेन करना आवश्यक है।
उत्तर: आमौतर पर बैंक व एनबीएफसी द्वारा 900 के करीब यानी 750 या उससे अधिक क्रेडिट स्कोर को अच्छा माना जाता है। अधिक क्रेडिट स्कोर वाले आवेदकों के पास तुलनात्मक रुप से अधिक लोन ऑप्शन होते हैं। ऐसे आवेदकों को कम ब्याज दर पर अधिक लोन राशि लंबे भुगतान अवधि के साथ मिलने की संभावना होती है।
उत्तर: विभिन्न क्रेडिट ब्यूरो के क्रेडिट स्कोर अलग-अलग होते हैं क्योंकि उपयोग किए गए स्कोरिंग मॉडल में अंतर होता है। नतीजतन, भले ही क्रेडिट रिपोर्ट में डेटा बिल्कुल समान है, स्कोर में अंतर है जिसके आधार पर क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनी स्कोर को कैलकुलेट करती है।
उत्तर: क्रेडिट ब्यूरो हर 30 – 45 दिनों के बाद डेटा जमा करते हैं, जिसके बाद क्रेडिट स्कोर को क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियों (CIC) द्वारा अपडेट किया जाता है।