पंजाब नेशनल बैंक पर्सनल लोन की ब्याज दरों को प्रभावित करने वाले कुछ प्रमुख कारक नीचे दिए गए हैं:
- सिबिल स्कोर: कई बैंक/ लोन संस्थान अपनी ब्याज दरें निर्धारित करते समय अपने लोन आवेदकों के सिबिल स्कोर को चेक करते हैं। जिन आवेदकों का सिबिल स्कोर 750 और उससे अधिक होता है, वे कम क्रेडिट स्कोर वाले लोगों की तुलना में कम ब्याज दरों पर लोन प्राप्त कर सकते हैं। क्रेडिट कार्ड बिलों और ईएमआई का समय पर भुगतान करने, कम समय के भीतर कई क्रेडिट कार्ड या लोन के लिए अप्लाई न करने और अक्सर अपने क्रेडिट कार्ड की पूरी लिमिट उपयोग ना करने से आपका सिबिल स्कोर अधिक हो सकता है, और इस तरह आपके क्रेडिट कार्ड, होम लोन और पर्सनल लोन की योग्यता में भी सुधार होता है। इसके अलावा, क्रेडिट रिपोर्ट में गलतियां होने से भी आपका सिबिल स्कोर कम हो सकता है। यही वजह है कि समय- समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट को चेक करते रहें।
- इनकम: आवेदक की आय कितनी है, इससे भी बैंक/ लोन संस्थानों द्वारा ऑफर की जाने वाली ब्याज दर प्रभावित होती है। कई बैंक/ लोन संस्थान उन आवेदकों को कम ब्याज दर पर पर्सनल लोन प्रदान करते हैं जिनकी इनकम ज्यादा होती है। आय अधिक होने से पता चलता है कि आवेदक अपनी लोन ईएमआई का भुगतान समय पर कर सकता है और इससे बैंक/ लोन संस्थानों के लिए भी डिफ़ॉल्ट का ज़ोखिम कम हो जाता है।
- बैंक/ लोन संस्थान के साथ मौजूदा संबंध: कई बैंक/ लोन संस्थान उन आवेदकों को कम ब्याज दरों पर पर्सनल लोन प्रदान करते हैं जिनका बैंक में लोन/ डिपॉज़िट अकाउंट हैं। इसलिए, जो लोग कम ब्याज दरों पर पर्सनल लोन प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें हमेशा उन बैंकों/एनबीएफसी से संपर्क करना चाहिए जिनके साथ आपका अकाउंट खुला हुआ है।
- रोज़गार: आप नौकरी करती हैं या अपना बिज़नेस चलाती हैं, आपके रोज़गार के प्रकार के आधार पर बैंक/ लोन संस्थानों द्वारा ऑफर की जाने वाली ब्याज दर भी प्रभावित होती है। वे आवेदक जो प्रतिष्ठित कंपनियों/ संस्थानों में काम करती हैं और जिनकी जॉब स्टेबल है, उन्हें कम ब्याज दर पर पर्सनल लोन ऑफर किया जा सकता है।