Paisabazaar app Today!
Get instant access to loans, credit cards, and financial tools — all in one place
Our Advisors are available 7 days a week, 9:30 am - 6:30 pm to assist you with the best offers or help resolve any queries.
Get instant access to loans, credit cards, and financial tools — all in one place
Scan to download on
इक्वेटेड मंथली इंस्टॉलमेंट (EMI) में किसी भी तरह की चूक का मतलब है कि आपको अपने संबंधित बैंक व एनबीएफसी को पेनल्टी चार्जे़स देना होगा। इससे न केवल आपका वित्तीय दायित्व बढ़ता है बल्कि आपके क्रेडिट स्कोर पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। क्रेडिट स्कोर कम होने की वजह से भविष्य में लोन मिलना मुश्किल हो सकता है, या फिर लोन की ब्याज दरें अधिक हो सकती है। इस लेख में आप जानेंगे कि ईएमआई भुगतान में चूक के क्या परिणाम हो सकते हैं, यह आपके क्रेडिट प्रोफाइल को किस तरह प्रभावित करता है और इसके समाधान के लिए आप क्या कदम उठा सकते हैं:
पर्सनल लोन की ईएमआई कुछ दिनों से या कई महीनों से भुगतान न करने पर कई गंभीर वित्तीय परिणाम हो सकते हैं। इसका प्रभाव किस तरह बढ़ता है, आइए समझते हैं:
अधिकांश बैंक और एनबीएफसी ड्यू डेट तक EMI भुगतान न करने पर लेट पेमेंट चार्जेस लेते हैं। ये चार्ज़ेस अलग-अलग हो सकते हैं और आपके कुल बकाया राशि को और बढ़ा सकते हैं। दरअसल, बकाया EMI पर लगातार ब्याज बढ़ता रहता है, जिससे आपके कुल लोन का बोझ भी बढ़ जाता है। वहीं, कुछ बैंक/NBFCs 3-7 दिनों की ग्रेस अवधि प्रदान करते हैं, जिसके दौरान देर से भुगतान करने पर कोई शुल्क नहीं लगता। हालांकि ग्रेस पीरियड समाप्त होने के बाद, बकाया EMI राशि पर शुल्क लिया जाता है।
पर्सनल लोन की EMI पेमेंट मिस करने पर टॉप बैंकों व एनबीएफसी द्वारा लिया जाने वाला चार्ज निम्नप्रकार है:
| पर्सनल लोन लेंडर्स | EMIs भुगतान में चूक पर लगने वाल पीनल चार्ज़ |
| SBI | अनियमितता की अवधि के लिए बकाया राशि पर अधिकतम 5% वार्षिक दर से शुल्क लागू। |
| एचडीएफसी बैंक | बकाया किस्त राशि पर 1.50% प्रति माह (18% वार्षिक) और लागू कर। यह शुल्क उन सभी खातों पर लागू होगा जहाँ EMI की देय तिथि से 7 कैलेंडर दिनों की ग्रेस अवधि बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया है। |
| एक्सिस बैंक | बकाया राशि पर लागू ब्याज दर के साथ 8% वार्षिक, (परंतु कुल ब्याज प्रति इंसटेंस 24% से अधिक नहीं होगा) |
| ICICI बैंक | बकाया EMI के भुगतान न होने तक 5% प्रति वर्ष |
| IndusInd बैंक | 5 दिनों से अधिक EMI में देरी होने पर, प्रति EMI ₹150 शुल्क लगेगा। |
| IDFC FIRST बैंक | बकाया EMIs का 2% |
| टाटा कैपिटल | बकाया राशि पर 3% प्रति माह |
| कोटक महिंद्रा बैंक | बकाया राशि पर 8% प्रति वर्ष |
पीनल रेट्स के अलावा पर्सनल लोन लेंडर डिसऑनर चार्जे़स भी लेते हैं। इनमें EMI न भरने पर लगने वाला शुल्क, चेक/NACH/SI बाउंस शुल्क शामिल होता है। यह चार्जे़स आपके बैंक खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण भुगतान असफल हो जाने पर लगता है। यह आमतौर पर एक निश्चित राशि होती है, जो हर बार EMI की ऑटोमैटिक कटौती फेल होने या पोस्ट-डेटेड चेक बाउंस होने पर ली जाती है।
अगर आपसे एक भी ईएमआई के भुगतान में चूक होती है और ग्रेस अवधि पार हो जाती है, तो इससे आपका क्रेडिट स्कोर कम हो सकता है। बैंक और वित्तीय संस्थाएं इस देरी की सूचना CIBIL (TransUnion) जैसे क्रेडिट ब्यूरो को देते हैं। जो आपकी क्रेडिट हिस्ट्री का रिकॉर्ड रखते हैं और इसके आधार पर ही क्रेडिट स्कोर कैलकुलेट करते हैं। अच्छा क्रेडिट स्कोर दिखाता है कि आपने अपने पिछले EMIs का जिम्मेदारी से भुगतान किया है वहीं, कम क्रेडिट स्कोर दिखाता है कि आपको लोन देने में जोखिम है।
किसी भी लोन को मंजूरी देने से पहले बैंक व एनबीएफसी आपकी क्रेडिट प्रोफाइल देखते हैं। अगर आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में EMI भुगतान में देरी या चूक मिलता है, तो लोन संस्थान आपको उच्च जोखिम वाला उधारकर्ता मान सकते हैं। परिणामस्वरूप आपका लोन आवेदन मंजूर तो हो सकता है लेकिन ब्याज दरें अधिक हो सकती है, जिससे आपका लोन तुलनात्मक रूप से महंगा हो सकता है। वहीं, कुछ उधारदाता जोखिम कम करने के लिए- मंजूर की गई राशि कम कर सकते हैं, लोन अवधि घटा सकते हैं या फिर अतिरिक्त दस्तावेज़ या कोलैटरल की मांग कर सकते हैं।
EMI डिफ़ॉल्ट के बाद आपका क्रेडिट स्कोर पूरी तरह से कब सुधरेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि डिफ़ॉल्ट का प्रभाव कितना गहरा था और उसके बाद आपकी वित्तीय आदतें कैसी रहीं। क्रेडिट स्कोर की रिकवरी निम्नलिखित बातों पर निर्भर करती है –
बैंक/NBFCs यह भी देखते हैं कि आप अन्य क्रेडिट जिम्मेदारियों को कितनी नियमितता और अनुशासन के साथ निभा रहे हैं – जैसे कि क्रेडिट कार्ड का भुगतान, बकाया लोन राशि और आपका क्रेडिट यूटिालाइजेशन रेश्यो (CUR) कितना है।