प्लॉट लोन की ब्याज दरें
बैंक/ लोन संस्थान आमतौर पर फ्लोटिंग ब्याज दरों पर प्लॉट लोन (Plot Loan) प्रदान करते हैं। कई बैंक/ लोन संस्थान आवेदकों के सिबिल स्कोर, लोन राशि, मासिक आय, ऑक्युपेशन प्रोफ़ाइल (क्या काम करते हैं), नियोक्ता/ कंपनी की प्रोफ़ाइल आदि जैसे कारकों के आधार पर भी ब्याज दर निर्धारित करते हैं। प्लॉट लोन की ब्याज दरें आमतौर पर रेगुलर होम लोन की ब्याज दरों के समान या थोड़ी अधिक होती हैं।
लोन टू वैल्यू (LTV) रेश्यो
बैंक खरीदे जाने वाले प्लॉट की कीमत का जितने प्रतिशत लोन राशि के रूप मे देता है, उतना ही उसका एलटीवी रेश्यो होता है। बैंक/ लोन संस्थान आमतौर पर प्लॉट लोन के लिए 80% तक का एलटीवी रेश्यो प्रदान करते हैं। हालांकि, किसी आवेदक को कितना प्रतिशत एलटीवी रेश्यो प्रदान किया जाएगा, ये इस पर निर्भर करेगा कि बैंक/ लोन संस्थान को व्यक्ति को लोन देने मे कितना जोखिम है। जोखिम का मूल्यांकन करते समय आवेदक की क्रेडिट प्रोफाइल, भुगतान क्षमता, प्रॉपर्टी की मार्केट वैल्यू, प्लॉट किस जगह है (शहर की सीमा के भीतर या बाहर) जैसे कारकों को ध्यान में रखा जाता है।
लोन अवधि
अधिकांश बैंक/ लोन संस्थान 10 से 20 साल तक की अवधि के लिए प्लॉट लोन (Plot Loan) प्रदान करते हैं। बैंक/ लोन संस्थान आमतौर पर अपनी लोन अवधि निर्धारित करते समय आवेदक की भुगतान क्षमता को ध्यान में रखते हैं। बता दें कि आमतौर पर आपका कुल मासिक ईएमआई भुगतान (चल रहे लोन की ईएमआई और लिये जाने वाले लोन की ईएमआई मिलाकर) आपकी नेट मासिक आय के 50-60% से ज्यादा नहीं होना चाहिए। आप अपनी भुगतान क्षमता के आधार पर अपने प्लॉट लोन की अवधि और ईएमआई निर्धारित करने के लिए होम लोन ईएमआई कैलकुलेटर का उपयोग कर सकते हैं।
प्लॉट लोन पर टैक्स बेनिफिट
प्लॉट लोन की राशि और ब्याज का भुगतान करने पर उधारकर्ताओं को टैक्स डिडक्शन का लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि, ऐसे उधारकर्ता प्लॉट लोन के माध्यम से खरीदे गए प्लॉट पर घर बनाने के लिए लिए गए होम लोन का भुगतान करने पर टैक्स डिडक्शन का क्लेम कर सकते हैं।
बैलेंस ट्रांसफर की सुविधा
मौजूदा प्लॉट लोन उधारकर्ता अपने बकाया प्लॉट लोन (Plot Loan) को अन्य बैंक/ लोन संस्थानों में कम ब्याज दरों पर ट्रांसफर करने के लिए होम लोन बैलेंस ट्रांसफर सुविधा का उपयोग कर सकते हैं और इस तरह, अपनी ब्याज लागत को भी कम कर सकते हैं। हालांकि, बैलेंस ट्रांसफर की एप्लीकेशन को मंज़ूरी मुख्य रूप से नए बैंक/ लोन संस्थान द्वारा आवेदक के क्रेडिट रिस्क का मूल्यांकन करने के बाद ही दी जाएगी।
प्रोसेसिंग फीस और प्रीपेमेंट फीस
बैंक/ लोन संस्थानों आमतौर पर प्लॉट लोन राशि की 0.25% से 1.50% तक प्रोसेसिंग फीस वसूलते हैं। आरबीआई के दिशानिर्देशों के मुताबिक, बैंक/ लोन संस्थान फ्लोटिंग रेट पर लिए गए लोन पर प्रीपेमेंट फीस नहीं ले सकते हैं।
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