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पर्सनल लोन अप्रूवल में क्रेडिट स्कोर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। आमतौर पर, 750 या उससे अधिक के क्रेडिट स्कोर वाले आवेदकों को लोन मिलने की अधिक संभावना होती है। ज़्यादा क्रेडिट स्कोर यह दिखाता है कि कस्टमर ने अपने पिछले लोन और कार्ड के बिल ज़िम्मेदारी से चुकाए हैं। इससे बैंक और लोन संस्थान का रिस्क कम होता है। इसलिए ऐसे आवेदकों को न सिर्फ लोन मिलने की अधिक संभावना होती है बल्कि उन्हें कम ब्याज दरों पर लोन भी ऑफर किया जाता है।
अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाए रखने के लिए समय पर अपने लोन की EMI और क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान करें, पूरी क्रेडिट लिमिट का बार-बार इस्तेमाल न करें और कम समय पर ज़्यादा लोन या कार्ड के लिए अप्लाई करने से बचें।
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क्रेडिट स्कोर के बाद आपकी इनकम वह महत्वपूर्ण कारक है जिसे लोन अप्रूवल के समय बैक/NBFC देखते हैं। बैंक/NBFC आमतौर पर सेल्फ-एंप्लॉयड व्यक्तियों के लिए न्यूनतम 3-5 लाख रुपये सालाना आय निर्धारित करते हैं। कुछ बैंक/NBFC अपनी शर्तें और भी स्पष्ट रखते हैं- जैसे इंडसइंड बैंक ने टैक्स डिडक्शन के बाद न्यूनतम नेट एनुअल इनकम ₹4.8 लाख निर्धारित की है। जबकि ICICI बैंक सेल्फ-एंप्लॉयड प्रोफेशनल्स के लिए ₹2 लाख, सेल्फ-एंप्लॉयड नॉन-प्रोफेशनल्स के लिए ₹1 लाख और प्रोफेशनल्स के लिए न्यूनतम टर्नओवर ₹15 लाख और नॉन-प्रोफेशनल्स के लिए ₹40 लाख निर्धारित है।
आप लोन का भुगतान करने में सक्षम हैं या नहीं इसे देखने के लिए बैंक आपकी भुगतान क्षमता का आकलन करते हैं। इसके लिए वे EMI/NMI रेश्यो देखते हैं यानी आपकी मासिक आय का कितना हिस्सा पहले से चल रहे लोन की EMI में जा रहा है।अगर आपकी आय का आधे से ज़्यादा हिस्सा मौजूदा लोन की ईएमआई में जा रहा है या आपके कई लोन चल रहे हैं, तो आपके एप्लीकेशन को रिजेक्ट किया जा सकता है।
अधिकांश बैंक सेल्फ-एंप्लॉयड व्यक्तियों को एक निर्धारित आयु सीमा में ही लोन देते हैं। यह सीमा एक बैंक/NBFC से दूसरे में अलग हो सकती है। उदाहरण के लिए, बैंक ऑफ बड़ौदा 21 से 65 साल की उम्र वाले आवेदकों को लोन देता है। इसी तरह, पर्सनल लोन के लिए इंडसइंड बैंक में उम्र की शर्त 25 से 65 साल है।
स्व-रोज़गार आवेदकों को लोन देते समय बैंक/लोन संस्थान देखते हैं कि आवेदक का बिज़नेस कितने समय से लगातार चल रहा है (Business Continuity) और उसका पेशेवर अनुभव या क्वालिफिकेशन कितना है।
सेल्फ-एम्प्लॉयड नॉन-प्रोफेशनल्स के लिए बैंक अक्सर कम से कम 3 साल की बिज़नेस कंटिन्युटी मांगते हैं। वहीं, सेल्फ-एम्प्लॉयड प्रोफेशनल्स के लिए लगभग 3 साल का क्वालिफिकेशन-आधारित अनुभव ज़रूरी माना जाता है। अगर बिज़नेस पिछले 2-3 साल से लगातार मुनाफे में है, तो यह बिज़नेस स्थिरता को दर्शाता है। ऐसे मामलों में आवेदक को कम ब्याज दर पर पर्सनल लोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
बैंक और NBFCs आवेदक की पहचान, आय और बिज़नेस की स्थिरता को वेरिफाई करने के लिए कुछ आवश्यक डॉक्युमेंट्स मांगते हैं। यह डॉक्यूमेंट्स बैंक/NBFC के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं, नीचे कुछ सामान्य दस्तावेज़ों के बारे में बताया गया है:-