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इनकम टैक्स जमा करने और फिर उसका रिटर्न भरने की प्रक्रिया में पैन नंबर और TAN नंबर की जरूरत पड़ती है। दरअसल, पैन और TAN दोनों को ही इनकम टैक्स विभाग जारी करता है, लेकिन, दोनों का उपयोग अलग-अलग तरीके से टैक्स जमा करने के लिए होता है।
TAN नंबर उन सभी व्यक्तियों या संगठनों के पास होता है जिनके पास TDS काटने की ज़िम्मेदारी है। ये व्यक्ति या संगठन जब किसी को जब एक निश्चित मात्रा से अधिक रकम का भुगतान करते हैं तो उस भुगतान में से पहले ही TDS काटकर अलग कर लेते हैं।
TAN नंबर 10 अक्षरों का होता है, जिसमें पहले चार अंक अल्फाबेट होते हैं, अगले पाँच अंक डिजिट होते हैं और अंत में फिर से एक अल्फाबेट होता है।
पहले तीन अक्षर क्षेत्राधिकार का कोड होते हैं और चौथा अक्षर TAN धारक के नाम का शुरू का अक्षर होता है। TAN व्यक्ति, फर्म, कंपनी आदि को मिल सकता है। अंतिम अक्षर विभाग द्वारा खुद दिया जाता है। उदाहरण के लिए, बैंगलोर के श्री अतुल का TAN नंबर BLR A 23456 M हो सकता है ।
आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 203A के प्रावधानों के तहत, नीचे दिए गए सभी दस्तावेजों में TAN नंबर देना प्रत्येक टैक्स डिडक्टर के लिए अनिवार्य है। यदि TAN का उल्लेख नहीं किया जाता है, तो बैंक TDS/ TCS का भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे। TAN की अनुपस्थिति में TDS भी लौटाया नहीं जायेगा।
आयकर अधिनियम की धारा 203 A के प्रावधानों के अनुसार, जो टैक्स काटते या जमा करते हैं, उन्हें टैक्स कटौती/ कलेक्शन न० के आवंटन के लिए आवेदन करना होगा। यदि व्यक्ति TAN के लिए आवेदन करने में विफल रहता है या धारा के अनुसार निर्दिष्ट नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसे 10,000 रु. का भुगतान करना होगा।
आयकर कटौती/ संग्रह संख्या का आवंटन आयकर विभाग द्वारा NSDL के कर सूचना तंत्र (TIN) सुविधा केंद्र में प्राप्त आवेदन के आधार पर होता है। इसके बाद TAN NSDL द्वारा डिडक्टरओं को सूचित किया जाएगा। सभी निर्धारित दस्तावेजों में TAN नंबर की जानकारी देनी चाहिए। TAN ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों तरीकों से प्राप्त किया जा सकता है।
टैक्स कटौती और कलेक्शन अकाउंट न० प्राप्त करने के लिए आवेदक को फॉर्म 49 B भरना होगा और किसी भी NSDL TIN कार्यालय में जमा करना होगा। NSDL TIN कार्यालय का पता NSDL के साइट https://www.tin-nsdl.com से लिया जा सकता है। फॉर्म इनकम टैक्स विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकते हैं। फॉर्म की कागज़ी कॉपी TIN केंद्रों में भी उपलब्ध है।
धारा 7 की उप-धारा (1) के तहत निर्दिष्ट फॉर्म नं. INC -7 का उपयोग उन कंपनियों द्वारा किया जाना चाहिए जिन्होंने टैक्स कटौती/ कलेक्शन अकाउंट न० प्राप्त करने के लिए कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत खुद को रजिस्टर नहीं किया है।
TAN के आवंटन के लिए ऑनलाइन आवेदन NSDL-TIN वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकता है। सभी आवश्यक जानकारी और संचार पते और ईमेल आईडी के साथ सही तरीके से भरे जाने चाहिए। आवेदन पर अनिवार्य रूप से पैन नंबर देना होगा। यदि डिडक्टर के पास पुराने प्रारूप में टैक्स कटौती/ कलेक्शन अकाउंट न० है, तो उसकी जानकारी देनी चाहिए।
आवेदकों को आवेदन शुल्क 63 रु. + सर्विस टैक्स का भुगतान करना होगा। भुगतान डिमांड ड्राफ्ट/ चेक/ क्रेडिट कार्ड/ डेबिट कार्ड/ नेट बैंकिंग द्वारा किया जा सकता है। केंद्र सरकार, राज्य सरकार, वैधानिक या स्वायत्त निकाय केवल चेक या डिमांड ड्राफ्ट द्वारा भुगतान कर सकते हैं।
TAN आवेदन जमा करने और प्रोसेसिंग फीस का भुगतान करने पर, एक 14-अंकीय रसीद न० प्राप्त होगा। रसीद में आवेदक की स्थिति, आवेदक का नाम, संपर्क जानकारी (पता, ईमेल आईडी और मोबाइल न०) और भुगतान जानकारी शामिल होती है। TAN नंबर मिलने पर, NSDL द्वारा आवेदक को सूचना भेज दी जाएगी।
क्रेडिट कार्ड/डेबिट कार्ड/नेट बैंकिंग द्वारा किए गए भुगतान के मामले में, आवेदन करने के 5 कार्य दिवसों के भीतर TAN मिल जाता है। कुछ मामलों में, अपेक्षित 15 दिन भी लग सकते हैं।TAN आवेदन की स्थिति का पता आसानी से ऑनलाइन लगाया जा सकता है।
यदि आप ऑफलाइन तरीके से आवेदन कर रहे हैं, तो आपको कोई दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं है। हालाँकि, यदि आवेदन ऑनलाइन किया जाता है, तो आपको TAN आवेदन के लिए सफलतापूर्वक जमा करने और प्रोसेसिंग फीस के भुगतान पर उत्पन्न रसीद पर हस्ताक्षर करने की आवश्यकता है। हस्ताक्षरित रसीद को NSDL-TIN सुविधा केंद्रों पर भेजने की आवश्यकता है। रसीद पर पता दिया होगा।
कुछ महत्वपूर्ण बातें
जो लोग भुगतान पर टैक्स की कटौती या जमा करने के लिए ज़िम्मेदार हैं, उन्हें अपने टैक्स कटौती/ कलेक्शन अकाउंट न० (TAN) को जानना आवश्यक है। इनकम टैक्स विभाग के पास “Know Your TAN’’ नामक एक ऑनलाइन सुविधा है जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति कंपनी के नाम या TAN नंबर की मदद से TAN की जानकारी प्राप्त कर सकता है। वेरिफिकेशन की प्रक्रिया आसान और सरल है।
TAN ऑनलाइन वेरिफिकेशन करने की प्रक्रिया
TAN को वेरिफिकेशन करने के लिए, आपको इनकम टैक्स विभाग की ई-फिलिंग वेबसाइट पर लॉग-ऑन करने की आवश्यकता है। लॉग-इन करने के बाद नीचे दिए गए निर्देशों का पालन करें:
यह बहुत आसान है! स्क्रीन पर आपकी TAN जानकारी दिखाई देगी। पते के साथ TAN नंबर, डिडक्ट का नाम, डिडक्टर की श्रेणी, पैन न०, स्थिति, क्षेत्र कोड, संपर्क जानकारी, रेंज कोड, AO प्रकार, AO न०, AO पता, जैसी जानकारी दिखाई देगी।
नाम से TAN का वेरिफिकेशन
TAN नंबर द्वारा TAN वेरिफिकेशन
एक डिडक्टर के पास एक कैटेगरी के लिए केवल एक टैक्स कटौती/ कलेक्शन अकाउंट न० हो सकता है। एक से अधिक TAN का होना अवैध माना जाता है। अपने TAN को वेरीफाई करने के लिए ऑनलाइन TAN रजिस्ट्रेशन करना महत्वपूर्ण है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया काफी सरल है। आपको TAN रजिस्ट्रेशन के लिए इस तरीके का पालन करना होगा।
टैक्स कटौती/ कलेक्शन अकाउंट न० (TAN) के रजिस्ट्रेशन के लिए नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए:
स्टेप 1: TAN रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन करें
स्टेप 2: TAN रजिस्ट्रेशन की पुष्टि
स्टेप 3: NSDL–TIN द्वारा पासवर्ड का आवंटन
आपको आपके ई-मेल आईडी पर NSDL-TIN की ओर से एक और मेल प्राप्त होगा जिसमें आपका यूजर आईडी और पासवर्ड शामिल होगा।
चरण 4: FVU के लिए अनुरोध
TAN रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन के फायदे