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PAN (परमानेंट अकाउंट नंबर) 10-डिजिट का अल्फ़ान्यूमेरिक कोड है जिसमें कार्डधारक के सभी टैक्स योग्य फाइनेंस हिस्ट्री शामिल हैं। एक व्यक्ति के पास आयकर कानूनों के अनुसार केवल एक पैन हो सकता है। आयकर विभाग ने 11 लाख से अधिक डुप्लिकेट और नकली पैन कार्ड डिएक्टिवेट कर दिए हैं। हालांकि, ऐसे उदाहरण हो सकते हैं जहां एक वास्तविक पैन को डिएक्टिवेट कर दिया गया था। ऐसे मामलों में, आप फिर से पैन कार्ड को एक्टिवेट करने के लिए आवेदन कर सकते हैं लेकिन आपको पैन दोबारा एक्टिवेट करने के लिए अपने आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज़ जमा कराने होंगे।
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यदि आपका पैन आईटी विभाग द्वारा डिएक्टिवेट किया गया है, तो आपके लिए 50,000 रु. से ज़्यादा का नकद ट्रांजेक्शन करना मुश्किल होगा। आप ई-फाइलिंग वेबसाइट पर लॉग-इन नहीं कर पाएंगे या ITR फाइल नहीं कर पाएंगे। कई अन्य चीजें हैं जो आपके पैन कार्ड के डिएक्टिवेट हो जाने पर आपके लिए करना लगभग असंभव हो जाएगा। नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन करके आप फिर से पैन कार्ड को एक्टिवेट कर सकते हैं:

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अगर आपके नाम पर कई पैन कार्ड हैं या आप विदेशी हैं जो भारत में आर्थिक ट्रांजेक्शन नहीं करते हैं तो आप पैन को सरेंडर कर सकते हैं और इसे डिएक्टिवेट करवा सकते हैं। आप इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से डिएक्टिवेट कर सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया बहुत आसान और परेशानी मुक्त है। अपने पैन को ऑनलाइन डिएक्टिवेट करने
के लिए नीचे दिए गए तरीकों का पालन करें:
पैन कार्ड के डिएक्टिवेट होने के विभिन्न कारण हो सकते हैं।आयकर विभाग निम्नलिखित कारणों से पैन कार्ड को डिएक्टिवेट करता है:
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आप अपने पैन कार्ड का एक्टिवेट स्टेटस की ऑनलाइन जान सकते हैं या अगर यह आयकर विभाग द्वारा डिएक्टिवेट कर दिया गया है। NSDL पैन कार्ड स्टेटस जानने के लिए इन आसान तरीकों का पालन करें:



लोग टैक्स से बचने के लिए एक से ज़्यादा पैन कार्ड और फर्जी पैन कार्ड रखते हैं। इस तरह की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए सरकार ने पैन को आधार से जोड़ना अनिवार्य कर दिया है।
वहीं कुछ मामले ऐसे भी हैं जहां लोगों को इस बात की जानकारी नहीं होती कि अगर वे अपना मौजूदा पैन कार्ड खो देते हैं तो क्या करना चाहिए। वे मौजूदा पैन कार्ड का रि-प्रिंट प्राप्त करने के बजाय एक नए पैन के लिए आवेदन करते हैं। कार्डधारक को अतिरिक्त पैन कार्ड को डिएक्टिवेट करवाना चाहिए ताकि उसका सारा वित्तीय रिकॉर्ड उसी पैन के अंतर्गत आ जाए।
यदि मृतक के पैन को डिएक्टिवेट नहीं किया जाता है, तो कोई भी इसका उपयोग आर्थिक ट्रांजेक्शन करने और लागू टैक्स से बचने के लिए कर सकता है। आयकर विभाग किसी भी मामले में इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए मृतक कार्डधारकों के पैन कार्ड को डिएक्टिवेट कर देता है।
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आयकर विभाग पैन कार्ड को अनावश्यक रूप से डिएक्टिवेट नहीं करता है। हालांकि,कुछ पैन कार्ड गलती से डिएक्टिवेट
हो सकते हैं। आप कुछ बातों को ध्यान में रखते हुए अपने पैन को डिएक्टिवेट होने से रोक सकते हैं: