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चाहे ऑनलाइन शॉपिंग करनी हो या फिर किसी रेस्टोरेंट या मेडिकल बिल भरना हो, क्रेडिट कार्ड सभी तरह के खर्चों में इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन कई बार पेमेंट करते समय ट्रांजैक्शन डिक्लाइन हो जाता है। यह आम समस्या है और इसके पीछे कुछ स्पष्ट कारण होते हैं। इस लेख में हम उन 6 प्रमुख कारणों के बारे में जानेंगे जिनकी वजह से क्रेडिट कार्ड ट्रांजेक्शन फेल होता है और आप ऐसी स्थिति में क्या कदम उठा सकते हैं।
Check Pre-Approved Credit Card Offers
Check Now Check Pre-Approved Offersअपने क्रेडिट कार्ड की लिमिट से ज़्यादा का ट्रांजैक्शन करने की सुविधा को ओवरलिमिट कहा जाता है। बैंक और क्रेडिट कार्ड कंपनियां लिमिट से एक तय सीमा तक ओवरलिमिट की अनुमति देती हैं। लेकिन आप तभी इसका उपयोग कर पाएंगे जब अपने पहले कार्ड ऐप या वेबसाइट पर इसकी सहमति दी हो।
अगर आपने क्रेडिट कार्ड पर ‘ओवरलिमिट फैसिलिटी’ को इनेबल नहीं किया है, तो लिमिट से ऊपर का कोई भी ट्रांजैक्शन बैंक द्वारा रद्द कर दिया जाएगा। इस सुविधा को आप कभी भी अपने नेट बैंकिंग या मोबाइल ऐप के ज़रिए चालू या बंद कर सकते हैं।

अगर आपने ओवरलिमिट ट्रांजैक्शन की अनुमति दे रखी है तो लिमिट से ज़्यादा खर्च करने पर आपको ओवरलिमिट फीस देनी होगी। यह फीस बैंक और क्रेडिट कार्ड कंपनी के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।
लिमिट से ज़्यादा खर्च करने पर आपको पेनल्टी भरनी पड़ती है जिससे आपका बकाया बढ़ जाता है। अगर आप समय पर पूरा भुगतान नहीं करते तो बैंक इस पर भारी ब्याज लेते हैं। ब्याज ज़्यादा होने पर आप कर्ज़ के जाल में फंस सकते हैं।
क्रेडिट कार्ड की लिमिट से ज़्यादा रकम उपयोग करने का नकारात्मक प्रभाव आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है। इससे आपका क्रेडिट यूटिलाइजे़शन रेश्यो (CUR) बढ़ जाता है। इससे क्रेडिट ब्यूरो (जैसे CIBIL) को लगता है कि आप ‘क्रेडिट हंगरी’ हैं और कर्ज़ पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं। इससे आपका क्रेडिट स्कोर गिर सकता है।
अगर आप बार-बार क्रेडिट लिमिट पार करते हैं, तो बैंक आपको एक ‘जोखिम भरा ग्राहक’ मानने लगता है। ऐसा होने पर आपके नया लोन या क्रेडिट कार्ड मिलने में मुश्किल आ सकती है।
अपनी क्रेडिट कार्ड लिमिट से ज़्यादा खर्च करना न केवल आपकी जेब पर भारी पड़ता है, बल्कि आपके क्रेडिट स्कोर को भी नुकसान पहुंचाता है। इसलिए अपने खर्चों का ट्रैक रखना ज़रूरी है जिससे लिमिट पार न हो।