प्रत्येक वित्तीय वर्ष (Financial year) के लिए फार्म 26AS को कई भागों मे बांटा जाता है। फॉर्म 26AS में भाग A, A1 में टैक्स क्रेडिट (टैक्स अधिकारियों को) और भाग B में डिडक्टर (TDS काटने वाला) द्वारा दी गई TDS/TCS की जानकारी होती है।
फ़ार्म 26AS भाग A:
फॉर्म 26AS के भाग A में TDS की जानकारी दी जाती है। जो बैंकों द्वारा आपके निवेश (FD/RD) से ब्याज़ पर काटा जाता है। इस भाग में TDS से संबंधित जानकारियां ही होती है।
फ़ार्म 26AS भाग A1
फॉर्म 26AS का यह भाग विशेष रूप से फॉर्म 15G/15H में दी गई TDS की जानकारी के लिए है। यह भाग बैंकों आदि में किए गये ट्रांजैक्शन को दिखाता है, जहां व्यक्ति ने फॉर्म 15G/15H को जमा किया है इसलिए उन मामलों में TDS शून्य होगा क्योंकि व्यक्ति ने पहले ही संबंधित बैंक/संस्थान को फॉर्म 15G/15H जमा कर दिया है और वे इस फ़ार्म में दी गई जानकारी के आधार पर कोई टैक्स नहीं काटेंगें। यह भाग आपके ब्याज की जानकारी रखने में भी मदद करता है जिस पर टैक्स नहीं लगाया गया है।
फार्म 26AS भाग A2
फॉर्म के इस भाग में घर की संपत्ति की बिक्री के लिए लागू TDS की जानकारी होती है। फॉर्म 26AS के भाग A2 में संपत्ति बेचेने वाले की ओर से TDS दिखाया जाता है और इसे बेचने वाले के बकाया टैक्स के बदले एडजस्ट भी किया जा सकता है। एक संपत्ति की बिक्री पर लागू TDS दर फाइनेंशियल वर्ष 2019-20 के लिए 1% है।
फ़ार्म 26AS भाग B
फ़ार्म 26AS का यह भाग TDS की जानकारी रखता है। यह टैक्स एक विशेष श्रेणी (जैसे शराब, पार्किंग, टोल प्लाजा, आदि) की बिक्री के समय खरीददार से लिया जाता है। यह राशि हर तीन महीने पर सरकार को जमा की जाती है।
फ़ार्म 26 AS भाग C
फार्म 26AS भाग C में, TDS/TCS के अलावा दिये गए टैक्स की जानकारी होती है। यदि आपने एडवांस टैक्स या सैल्फ असेसमेंट टैक्स का भुगतान किया है, तो उससे संबंधित जानकारी भी यहां होती है। जब भी आप एडवांस टैक्स या सैल्फ असेसमेंट टैक्स का भुगतान सीधे बैंक में जमा करते हैं, तो उसकी जानकारी चैक क्लीयर होने के लगभग 3 दिन में अपलोड हो जाती है।
फ़ार्म 26AS भाग D
फार्म 26AS के इस भाग में टैक्स रिफंड के भुगतान की जानकारी होती है। इस भाग में आपके द्वारा फाइल किए गए रिफंड व उसके भुगतान से संबंधित सभी जानकारियां होती हैं। इससे रिफंड के भुगतान से जुड़ी जानकारियां प्राप्त करने में मदद मिलती है।
फ़ार्म 26AS भाग E
फॉर्म 26AS के भाग E में एनुअल इनफॅार्मेशन रिफंड (AIR) से जुड़ी जानकारियां होती हैं। यदि आप कुछ बड़े ट्रांजैक्शन करते हैं, जैसे संपत्ति की खरीद, म्यूचुअल फंड में निवेश आदि, तो इन ट्रांजैक्शन की जानकारी बैंकों और कम्पनियों द्वारा एनुअल इनफॅार्मेशन रिफंड (AIR) के माध्यम से इनकम टैक्स विभाग को सौंप दी जाती हैं।
फार्म 26AS क्यों महत्वपूर्ण है?
फॉर्म 26AS में TDS/TCS से जुड़ी कई मुख्य जानकारियां दी जाती हैं जैसे आपका मासिक वेतन, पेंशन, निवेश से इनकम सहित आपकी इनकम के सभी जानकारियां भी दी जाती हैं।
इसीलिये इसे एक महत्वपूर्ण फाइनेंशियल दस्तावेज माना जाता है क्योंकि इसमें सभी टैक्स-संबंधित जानकारियां दी जाती हैं। फार्म 26AS के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- यह चैक करता है कि TDS काटने वाले ने TDS की जानकारियां सही से जमा की हैं या नहीं।
- इससे यह भी चेक कर सकते हैं कि टैक्स कलेक्टर द्वारा काटे गए टैक्स को सरकार के खाते में समय पर जमा किया गया है या नहीं।
- यह आयकर रिफंड फाइल करने से पहले टैक्स क्रेडिट और इनकम कैलक्युलेशन को वैरीफाई करने में मदद करता है।
इसके अलावा, यह फ़ार्म एनुअल इनफॅार्मेशन रिफंड (AIR) भी दिखाता है, इसे विभिन्न कम्पनी/बैंक फाइल करती हैं , यदि आप कुछ बड़े ट्रांजैक्शन करते हैं, जैसे संपत्ति की खरीद, म्यूचुअल फंड में निवेश आदि, तो इन ट्रांजैक्शन की जानकारी बैंकों और कम्पनियों द्वारा एनुअल इनफॅार्मेशन रिफंड (AIR) के माध्यम से इनकम टैक्स विभाग को सौंप दी जाती हैं।
फार्म 26AS नागरिक और सरकार दोनों की सुविधा के लिये होता है। यदि टैक्स देने वाले के पास फॉर्म 26AS है तो उसे ITR के साथ TDS की कॉपी लगाने की जरूरत नहीं है। यदि किसी व्यक्ति पर कोई भी टैक्स बाकी नहीं है तो उसे टैक्स क्रेडिट फाइल करने में भी आसानी होती है।
उदाहरण के लिए श्री नारायण का वार्षिक वेतन 4.8 लाख रुपये है (प्रति माह 40,000 रुपये) और अन्य जगह से 2 लाख रुपए सालाना इनकम है और वो अपने टैक्स का भुगतान करना चाहते हैं। हालांकि, फॉर्म 16 उन्हें बताता है कि उनकी कम्पनी द्वारा वेतन से कितना टैक्स काटा गया है, लेकिन उसे इस बात का पता नहीं है कि टैक्स काटने वाले ने उसकी अन्य आय से कितना टैक्स काटा है।
इसके लिए TDS की सभी सभी जानकारी उनके फार्म 26AS में देख सकते हैं, ये फॉर्म इनकम टैक्स विभाग की वेबसाइट पर मिल जाएगा| फॉर्म में अपनी कम्पनी द्वारा काटे गए टैक्स के साथ-साथ अपने TDS की जानकारी भी ले सकते हैं। इसमें श्री नारायण के टैक्स भुगतानों का तिमाही खाता होगा, उन्हें पता चल जाएगा कि क्या उन्हें कोई टैक्स भुगतान करना है कि वह रिफंड के योग्य हैं।