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चीन के बाद भारत दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता (कंज़्यूमर) है। भारत में, सोने से लोगों की भावनाएं जुड़ी हैं इसलिए, हर महत्वपूर्ण त्यौहार और उत्सव में सोने को शामिल किया जाता है। सोने को राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितता के दौरान एक वैकल्पिक निवेश के रूप में भी देखा जाता है। इक्विटी बाज़ारों में मौजूदा अस्थिरता और पिछले साल के मुकाबले सोने से बेहतर रिटर्न कोलकाता में सोने का भाव को बढ़ा रहा है।
| दिनांक | 22 कैरेट गोल्ड ₹/10 ग्राम | 24 कैरेट गोल्ड ₹/10 ग्राम |
| 22 मई, 2024 | ₹68,300 | ₹74,510 |
| 21 मई, 2024 | ₹68,300 | ₹74,510 |
| 20 मई, 2024 | ₹68,500 | ₹74,200 |
| 19 मई, 2024 | ₹67,850 | ₹74,020 |
| 18 मई, 2024 | ₹67,850 | ₹74,020 |
इस लेख में हम आपको बताएंगे कि भारत में आज का सोने का भाव क्या है, भारत में सोने का कीमतें तेज़ी से कैसे बदलती है, सोने की कीमत।
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सोने की कीमतें एक राज्य से दूसरे राज्य में भिन्न होती है और इन कीमतों में भिन्नता के कारण नीचे दिए गए हैं।
परिवहन लागत: परिवहन लागत विशेष राज्य में सोने की कीमत तय करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। एक राज्य से दूसरे राज्य में सोने की भौतिक आवाजाही के लिए उपयुक्त सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता होती है और यह आगे कोलकाता में सोने के भाव को बढ़ाता है।
बुलियन एसोसिएशन: विभिन्न राज्यों में विभिन्न बुलियन एसोसिएशन हैं जो सोने की कीमत तय करते हैं।
वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू होने के बाद, जुलाई 2017 से 1.2% वैट (हर राज्य में अलग होता है) और 1% उत्पाद शुल्क के बजाए 3% GST लगाया जाता है। कस्टम ड्यूटी 10% तय की गई थी लेकिन 2019 में, इसे बदलकर 12.5% कर दिया गया। ज्वैलरी के मेकिंग चार्ज पर अतिरिक्त 5% GST भी लगाया जाता है।
| GST से पहले और GST के बाद सोने की कीमतें | |||
| क्र. सं. | जानकारी | GST से पहले कीमत | GST के बाद कीमत |
| 1 | सोने की कीमत | ₹ 100 | ₹ 100 |
| 2 | कस्टम ड्यूटी | ₹ 10 (100 का 10%) | ₹12.5 (100 का 12.5%) |
| 3 | कुल (1 + 2) | ₹ 110 | ₹ 112.5 |
| 4 | एक्साइज़ ड्यूटी | 1.1 (110 का 1%) | 0 |
| 5 | कुल (3 + 4) | ₹ 111.1 | ₹ 112.5 |
| 6 | VAT | ₹ 1.3 (111.1 का 1.2%) | 0 |
| 7 | कुल (5 + 6) | ₹ 112.4 | ₹ 112.5 |
| 8 | GST | 0 | 3.37 (112.5 का 3%) |
| 9 | कुल (7 + 8) | ₹ 112.4 | ₹ 115.87 |
| 10 | मेकिंग चार्ज | ₹ 13.2 (110 का 12%) | ₹ 13.5 (112.5 का 12%) |
| 1 1 | कुल (9 + 10) | ₹ 125.6 | ₹ 129.37 |
| 12 | मेकिंग चार्ज पर GST | 0 | 0.7 (5% of1 13.5) |
| 13 | आभूषण की कुल कीमत | ₹ 125.6 | ₹ 130.07 |
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सोने की कीमतें विभिन्न आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक कारकों से प्रभावित होती हैं। कोलकाता में सोने की कीमतों को प्रभाविक करने वाले कुछ कारक नीचे दिए गए हैं:
ब्याज दर: कोलकाता में सोने की दर RBI द्वारा लाए गए वित्तीय नीति परिवर्तनों पर निर्भर करती है जो कोलकाता में सोने की वर्तमान दर को प्रभावित करती है। अगर RBI ब्याज दर बढ़ाता है, तो लोग सेविंग अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉज़िट, सरकारी बांड आदि में निवेश करने के लिए पना सोना बेचना शुरू कर देते हैं।
रूपया-डॉलर इक्वेशन: अमेरिकी डॉलर का प्रदर्शन दिल्ली और पूरे भारत में सोने की दरों को अत्यधिक प्रभावित करता है। गिरते डॉलर के कारण रूपये में सोने की कीमत बढ़ेगी और डॉलर की कीमत बढ़ने पर इसका उल्टा होगा।
मंहगाई: हमारी मुद्रा मंहगाई के दौरान कमज़ोर होती है और इसे ऐसी स्थितियों के दौरान देखा जाता है, लोग सोने के रूप में पैसा रखते हैं। इससे सोने की मांग बढ़ जाती है जो दिल्ली में सोने की दर को बढ़ा देता है।
भू-राजनैतिक परेशानी: हाल ही में यह देखा गया है कि कैसे चीन में कोरोनावायरस के प्रकोप के कारण सोने की कीमतों में वृद्धि हुई है, या अमेरिका और ईरान या अमेरिका–चीन व्यापार युद्ध के बीच बढ़ते तनाव। ऐसा इसलिए है क्योंकि सोने को सुरक्षा के स्रोत के रूप में देखा जाता है और ऐसे समय में, लोग इस दृष्टिकोण के साथ अपने फंड को सोने में निवेश करना शुरू करते हैं।
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सोने में निवेश करना व्यापक तौर पर लंबे समय के लिए लाभ माना गया है, आइए आपको सोने में निवेश करने के कुछ तरीकों के बारे में बताते हैं।
सोने के सिक्के: अगर आप सोना खरीदने से निवेश शुरु करना चाहते हैं तो सोने के सिक्के खरीदना सबसे अच्छा रहेगा। 5 और 10 ग्राम की कीमतों वाले ये सोने के सिक्के आप किसी भी ऑनलाइन साइट, जौहरी या MMTC आउटलेट से खरीद सकते हैं। MMTC से खरीदे हुए सोने के सिक्के वापिसी पॉलिसी के साथ मिलते हैं जिन्हें बाद में बेचा भी जा सकता है। भारत में उपलब्ध सभी सोने के सिक्के भारतीय मानक ब्यूरो हॉलमार्क के साथ बेचे जाते हैं, जिनकी 24 कैरेट की शुद्धता 99.9 प्रतिशत होती है।
गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम: यह स्कीम गोल्ड डिपॉजिट स्कीम का नया वर्जन है। इस स्कीम का उद्देश्य परिवारों और संस्थानों के पास रखे हुए सोने को इकट्ठा करना और उत्पादक उद्देश्यों के लिए इसके उपयोग को सुविधाजनक बनाना है। कोई भी व्यक्ति नामित बैंकों में इस योजना के तहत सोना जमा कर सकता है और समय-समय पर केंद्र सरकार द्वारा RBI द्वारा तय ब्याज कमा सकता है। ग्राहक डिपॉज़िट को शॉर्ट टर्म (1-3 वर्ष), मीडियम टर्म (5-7 वर्ष) और लॉन्ग टर्म (12-15) बना सकते हैं। मीडियम और लॉनिग टर्म डिपॉज़िट के लिए न्यूनतम लॉक-इन अवधि क्रमशः 3 और 5 वर्ष हैं।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड: यह भारत सरकार और RBI द्वारा ऑफर किया जाता है, यह कागज़ के रूप में सोने खरीदने का एक और तरीका है। उनका मूल्य ग्राम में दर्शाया गया है और एक व्यक्ति न्यूनतम 1 ग्राम और अधिकतम 4 किलो सोने तक के सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड खरीद सकता है। बॉन्ड के मैच्योर होने की अवधि 8 वर्ष है लेकिन इसे 5 वर्ष बाद भी बेचा जा सकता है। बता दें कि, ये बॉन्ड पूरा वर्ष उपलब्ध नहीं होते हैं। सरकार रुक-रुक कर निवेशकों को बॉन्ड खरीद के लिए उपलब्ध कराती है। बॉन्ड की अवधि ख़त्म होने तक आपको ब्याज मिलता रहेगा और बॉन्ड की अवधि पूरी होने पर आपकों सोने की तत्काल कीमत मिल जाएगी। चूंकि ये सरकारी सिक्योरिटी हैं, इसलिए निवेश करने के लिए सुरक्षित हैं।
गोल्ड ETF: कागज़ के रूप में सोना रखने का एक और तरीका, गोल्ड ETF, ये एक एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड है जिसे केवल स्टॉक एक्सचेंज में खरीदा और बेचा जा सकता है। इस प्रकार, आप फिजिकल सोना रखने की परेशानी से बचते हैं। गोल्ड ETF में शुरुआत करने के लिए, एक डीमैट अकाउंट और एक ट्रेडिंग अकाउंट होना चाहिए। एक बार जब आप अकाउंट तैयार कर लेते हैं, तो प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध गोल्ड ETF की संख्या चुनें और ऑर्डर को अपने ब्रोकर के ट्रेडिंग पोर्टल से प्राप्त करें। हालांकि, अगर आप पैसाबाज़ार और ET मनी जैसे पोर्टल्स के माध्यम से व्यापार कर रहे हैं, तो इसकी ज़रूरत नहीं है। गोल्ड ETF को खरीदने और बेचने में होने वाला खर्च फिजिकल गोल्ड को खरीदने, बेचने और रखने में होने वाले खर्च से कम है।
डिजिटल सोना: अपने स्थानीय जौहरी से सोना खरीदने के अलावा, आप पेटीएम, फ्रीचार्ज (मोबाइल वॉलेट्स) और स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा प्रस्तावित गोल्डरश के माध्यम से भी सोना खरीद सकते हैं। इसे स्वर्ण संचय योजना कहा जाता है क्योंकि आप न्यूनतम 1 रुपए तक का सोना खरीद सकते हैं और इसे रिडीम करने/ बेचने पर नकदी या सोने के सिक्के प्राप्त कर सकते हैं। डिजिटल गोल्ड में निवेश करने का एक लाभ ये है कि आपको किसी निवेश योजना की तरह तय समय पर निवेश करने की ज़रूरत नहीं है, जब भी आप निवेश करना चाहते हैं या जब भी आपके पास अतिरिक्त धन है आप जब डिजिटल गोल्ड खरीद सकते हैं। आपका निवेश भी सुरक्षित है क्योंकि डिजिटल गोल्ड MMTC-PAMP के साथ मिलकर पेश किया जाता है। बता दें कि, साथ स्वर्ण संचय योजना SIP जैसी नहीं है और इस पर आपको कोई ब्याज नहीं मिलेगा।
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सोना / सोने के गहने खरीदने से पहले कुछ खास बातों के बारे में आपको जानकारी होनी चाहिए:
अगर आप बाद में खरीदे गए सोने/ सोने के गहनों के एक्सचेंज करना चाहते हैं, तो विक्रेता से खरीद–वापस शर्तों के बारे में जाने लें
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आप किसी दुकान या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से सोना खरीद रहे हैं तो यह जानना महत्वपूर्ण है कि आपने जो सोना खरीदा है वह शुद्ध है या नहीं। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), सरकारी निकाय, सोने की शुद्धता को प्रमाणित करता है और इस प्रक्रिया को हॉलमार्किंग कहा जाता है। यह सुनिश्चित करता है कि आभूषण बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला सोना शुद्धता के अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करता है या नहीं। BIS की वेबसाइट के अनुसार, निम्नलिखित कारका हैं जिन्हें सोने की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए हॉलमार्क वाले सोने के आभूषण / सोने के सिक्कों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। आपको पता होना चाहिए कि ये जानकारी सोने पर हॉलमार्क के रूप में दी गई हैं।
वर्ष 2017 से पहले, एक कोड पत्र दिया जाता था, लेकिन अब सोने के आभूषणों पर केवल उपरोक्त कारकों को देखने की ज़रूरत है
सोने के सिक्कों के मामले में, सोने के सिक्कों की शुद्धता को मापने के दो तरीके हैं:
ध्यान दें: 15 जनवरी 2021 से ज्वैलर्स के लिए केवल 14 कैरेट, 18 कैरेट, 22 कैरेट हॉलमार्क ज्वैलरी बेचना अनिवार्य होगा।
आर्थिक इमरजेंसी के मामले में, कोलकाता में आभूषणों के बदले लोन/ ऋण प्राप्त किया जाता है और सोने के आभूषणों का उपयोग सिक्योरिटी के रूप में किया जा सकता है। बैंक सोने के आभूषणों/गहनों की शुद्धता और वजन के आधार पर, लोन राशि तय करते हैं। उधारकर्ता को सोने पर ब्याज का भुगतान करने की आवश्यकता होती है। जब तक लोन राशि वापस नहीं की जाती, तब तक बैंक गिरवी सोने को अपने पास जमा रखता है।
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प्रश्न. क्या 999 और 999.9 के बीच कोई अंतर है?
उत्तर: 999 का अर्थ है कि आपका सोना 99.90% शुद्ध है और केवल 0.1% अन्य धातु है। जबकि 999.9 का अर्थ है कि आपका सोना 99.99% शुद्ध है और 0.01% अन्य धातु है।
प्रश्न. भारत में भौतिक सोना और गोल्ड ETF दोनों में से कौन- सा अच्छा विकल्प है?
उत्तर: यह मुख्य रूप से सोना खरीदने के उद्देश्य पर निर्भर करता है। आमतौर पर कोई भी व्यक्ति निवेश करने या व्यक्तिगत उपभोग के लिए सोना खरीदता है। निवेश करने के लिए, गोल्ड ETF बेहतर है जहां कोई गोल्ड ETF की यूनिट को बेच सकता है। यहां निवेशक को पता होना चाहिए कि गोल्ड ETF के मालिक होने का मतलब यह नहीं है कि आपको डिलीवरी के समय सोने की एक ही यूनिट मिलेगी। हालांकि, अगर आप किसी को या निजी उपभोग के लिए तोहफे में देना चाहते हैं तो भौतिक सोना खरीदन सकते हैं।