- वे लोग जिन्होंने GST लागू होने से पहले ही टैक्स सेवाओं के तहत रजिस्टर किया हुआ था
- जिनके बिज़नेस का टर्नओवर 40 लाख रु. से ज़्यादा है (अगर आप उत्तर- पूर्वी राज्यों, जम्मू- कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड राज्य से हैं तो टर्नओवर न्यूनतम 10 लाख तक होना चाहिए)
- सभी ई- कॉमर्स एग्रीगेटर
- वे व्यक्ति जो ई- कॉमर्स एग्रीगेटर के ज़रिए सामान सप्लाई करते हैं
- रजिस्टर्ड टैक्सेबल व्यक्ति के अलावा वह व्यक्ति जो विदेश से डेटाबेस एक्सेस और ऑनलाइन जानकारी को भारत में किसी व्यक्ति को ट्रांसफर करता है
- वे व्यक्ति जो रिवर्स चार्ज़ मैकेनिज़्म के अंतर्गत टैक्स का भुगतान करते हैं
- इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्युटर और सप्लायर के एजेंट
GST रजिस्ट्रेशन कैसे करें? नियम व शर्तों के साथ जानें पूरी प्रक्रिया

₹
500
तक का कैशबैक पाएं लोन डिस्बर्सल पर*
31st August '26 तक वैध
*नियम एवं शर्तें लागू
इंस्टेंट बिज़नेस लोन
₹1 करोड़ तक का लोन पाएं, ब्याज दर
13% से शुरू
4.5/5
15.6L Reviews
6cr+Satisfied Customers
30+Lending Partners
₹65k Cr+Loans Disbursed
बेहतरीन लोन ऑफर्स
20+ बैंक/NBFCs से पाएं लोन ऑफर
अनसिक्योर्ड लोन पाएं
टर्म लोन और ओवरड्राफ्ट की सुविधा उपलब्ध
एक्सपर्ट से मिलेगी सलाह
पूरी गाइडेंस और सहायता
टॉप-अप की सुविधा
ज़रूरत पड़ने पर अतिरिक्त लोन राशि पाएं

जीएसटी के लिए कौन रजिस्ट्रेशन कर सकता है?
जीएसटी रजिस्ट्रेशन के प्रकार
जीएसटी अधिनियम के अंतर्गत, जीएसटी रजिस्ट्रेशन (GST Registration) अलग- अलग प्रकार का होता है जिनकी जानकारी नीचे दी गई है:
सामान्य टैक्सपेयर
भारत में अधिकांश बिज़नेस इसी कैटेगरी के अंतर्गत आते हैं। आपको एक सामान्य टैक्यपेयर बनने के लिए कोई डिपॉज़िट प्रदान करने की ज़रूरत नहीं है।
कैज़ुअल टैक्सेबल व्यक्ति
जो व्यक्ति दुकान या स्टॉल लगाना चाहता है, वह इस कैटेगरी को चुन सकता है। इसके लिए आपको एडवांस में कुछ राशि जमा करानी होगी जो कि स्टाल या दुकान के चालू होने के दौरान अपेक्षित जीएसटी लायबिलिटी के बराबर होनी चाहिए। इस कैटेगरी के तहत GST रजिस्ट्रेशन 3 महीनों के लिए मान्य रहेगा और बाद में इसे बढ़ाया भी जा सकता है।
कंपोज़िशन टैक्सपेयर
अगर आप जीएसटी कंपोजिशन स्कीम (GST Composition Scheme) लेना चाहते हैं तो इसके लिए अप्लाई करें। इस कैटेगरी के तहत आपको फ्लैट डिपॉज़िट करना होगा। इस कैटेगरी के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट प्राप्त नहीं किया जा सकता है।
नॉन- रेज़िडेंट टैक्सेबल व्यक्ति
यदि आप विदेश में रहते हैं, लेकिन भारत में रहने वाले व्यक्तियों को सामान सप्लाई करते हैं, तो इस प्रकार के GST रजिस्ट्रेशन का विकल्प चुनें। इसमें भी आपको जीएसटी रजिस्ट्रेशन एक्टिव होने के दौरान अपेक्षित जीएसटी लायबिलिटी के बराबर जमा राशि का भुगतान करना होगा। इस प्रकार के जीएसटी रजिस्ट्रेशन की अवधि आमतौर पर 3 महीने होती है (GST Registration Validity Period) , लेकिन इसे एक्सपायरी के प्रकार पर बढ़ाया जा सकता है।
GST रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन कैसे करें?
जीएसटी रजिस्ट्रेशन पूरा करने के लिए व्यक्तियों को नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन करना होगा।
GST Registration: ज़रूरी दस्तावेज
जीएसटी रजिस्ट्रेशन का प्रक्रिया पूरी करने के लिए ज़रूरी दस्तावेज नीचे दिए गए हैं:
ये भी पढ़ें: MSME ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें
ऑनलाइन जीएसटी रजिस्ट्रेशन फीस
यदि आप ऑनलाइन जीएसटी रजिस्ट्रेशन (GST Registration) करते हैं, तो आपसे कोई फीस नहीं ली जाएगी। एक बार संबंधित दस्तावेज अपलोड हो जाने के बाद, रजिस्ट्रेशन कंफर्म करने के लिए SMS और ईमेल के ज़रिए एप्लीकेशन रेफरेंस नंबर (ARN) भेजा जाएगा।
जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन न करने या देर से रजिस्ट्रेशन करने पर जुर्माना
यदि आप टैक्स का भुगतान नहीं करते हैं या दी जाने वाली राशि से कम राशि का भुगतान करते हैं, तो जो जुर्माना लगाया जाता है वह देय राशि का 10% होता है। हालांकि, न्यूनतम जुर्माना 10,000 रुपये का होता है।
यदि आपने जीएसटी के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है और जानबूझकर टैक्स से बचने की कोशिश कर रहे हैं, तो आपसे जुर्माने के रूप में देय टैक्स राशि का 100% वसूला जाता है।
GST रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट डाउनलोड कैसे करें?
जीएसटी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट डाउनलोड करने की प्रक्रिया नीचे दी गई है:
GST Registraion का स्टेटस कैसे चेक करें?
-
- प्रोविज़नल स्टेटस
- पेंडिंग फॉर वेरिफिकेशन स्टेटस
- वैलिडेशन अगेंस्ट एरर स्टटेस
- माइग्रेटेड स्टटेस
- कैंसल्ड स्टेटस
जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लाभ
जीएसटी रजिस्ट्रेशन के कुछ लाभ नीचे बताए गए हैं:
पैसाबाज़ार ही क्यों चुनें?



20+ पार्टनर बैंकों और NBFCs के लोन विकल्प
सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड लोन उपलब्ध
वर्किंग कैपिटल और टॉप-अप लोन की सुविधा
4 साल तक की आसान भुगतान अवधि
पैसाबाज़ार एक लोन एग्रीगेटर है और अपने पार्टनर्स की ओर से सेवाएं प्रदान करने के लिए अधिकृत है।
पर्सनल लोन की APR (एनुअल परसेंटेज रेट) लोन लेने की कुल वार्षिक लागत को दर्शाती है। इसमें न केवल ब्याज दर, बल्कि प्रोसेसिंग फीस, डॉक्यूमेंटेशन फीस और लोन जारी करने की प्रक्रिया के दौरान लिए जाने वाले अन्य सभी शुल्क भी शामिल होते हैं।
APR को प्रतिशत के रूप में दिखाया जाता है। इससे आवेदकों को उन पर्सनल लोन योजनाओं की पहचान करने में मदद मिलती है जिनमें ब्याज दर तो कम होती है, लेकिन प्रोसेसिंग फीस या अन्य शुल्क अधिक होने के कारण उनकी वास्तविक लागत ज़्यादा हो सकती है। पर्सनल लोन की APR आमतौर पर 11.29% से 35% के बीच होती है।
उदाहरण के लिए, मान लीजिए आप 10.50% प्रति वर्ष की ब्याज दर पर 5 साल के लिए 5 लाख रु. का पर्सनल लोन लेते हैं। यदि इस पर 1.5% प्रोसेसिंग शुल्क (7,500 रु.) लगाया जाता है, तो आपके पर्सनल लोन की कुल वार्षिक लागत 1,52,317 रु. होगी और इसका APR 11.16% होगा।
पता: पैसाबाज़ार मार्केटिंग एंड कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड, 135 P, सेक्टर 44, गुरुग्राम (हरियाणा) - 122001
पाएं बेस्ट बिज़नेस लोन ऑफर्स और सबसे तेज़ डिस्बर्सल!