Paisabazaar app Today!
Get instant access to loans, credit cards, and financial tools — all in one place
Our Advisors are available 7 days a week, 9:30 am - 6:30 pm to assist you with the best offers or help resolve any queries.
Get instant access to loans, credit cards, and financial tools — all in one place
Scan to download on
Our Advisors are available 7 days a week, 9:30 am - 6:30 pm to assist you with the best offers or help resolve any queries.
600 या 750? कितना है आपका क्रेडिट स्कोर? मुफ्त में यहाँ जानें
Let’s Get Started
The entered number doesn't seem to be correct
परक्विज़िट एक ऐसा लाभ है, जो कर्मचारी को उसके वेतन के अलावा दिया जाता है I परक्विज़िट प्रकृति के आधार पर टैक्स के योग्य या नॉन टैक्सेबल हो सकते हैं। ऐसे कई लाभ हैं, जो किसी व्यक्ति को उसकी सैलरी के अलावा दिए जाते हैं और ये भत्तों के तहत आते हैं। इन पर नियोक्ता के अकाउंट से अलग से टैक्स लगाया जाता है, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे I कंपनी के द्वारा कर्मचारियों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाएं परक्विज़िट में शामिल होती हैं और निर्धारित नियमों और शर्त्तों के अनुसार उन पर टैक्स लगता है।
परक्विज़िट को नियमित वेतन के लिए एक विशेषाधिकार प्राप्त लाभ या आकस्मिक लाभ के रूप में जाना जाता है। परक्विज़िट टैक्सेबल होते हैं तो कई बार उन पर टैक्स में छूट भी दी जाती हैI परक्विज़िट के रूप में कंपनी द्वारा कार, इंधन, ब्याज के बिना लोन, मेडिकल फैसिलिटी, क्रेडिट कार्ड आदि दिए जा सकते हैं।
परक्विज़िट को आयकर अधिनियम की धारा 17 (2) में परिभाषित किया गया है, जिसके मुताबिक–
परक्विज़िट और भत्ता के बीच कई अंतर हैं, जो इस प्रकार हैं :-
| भत्ता | परक्विज़िट |
| वेतन के अतिरिक्त समय-समय पर दी जाने वाली एक निश्चित राशि को भत्ता कहा जाता है | नियोक्ताओं द्वारा मुफ्त में सामान्य वेतन के अलावा दिए जाने वाले छोटे लाभ या भत्ते |
| भत्ता टैक्स योग्य होता है चाहे उसे वेतन के अलावा दिया हो या वेतन के बदले दिया गया हो | कर्मचारियों के लिए यह कर योग्य है I |
| उदाहरण के तौर पर परिवहन भत्ता, फोन भत्ता आदि। | उदाहरण: रेंट-फ्री घर, मुफ्त बिजली आदि I |
अलग –अलग परिस्थितियों पर लगाए जाने वाले टैक्स के आधार पर परक्विज़िट को मुख्यतः तीन भागों में बाँटा जा सकता है:-
1. टैक्सेबल परक्विज़िट
इस प्रकार की परक्विज़िट में किराया मुक्त आवास, गैस, पानी और बिजली की आपूर्ति, मेडिकल खर्चें और कर्मचारी के द्वारा रखे गए नौकर का वेतन शामिल है। टैक्सेबल परक्विज़िट में नियोक्ता द्वारा कर्मचारियों को प्रदान किए जाने वाले किसी भी अन्य फ्रिंज लाभ जैसे मुफ्त भोजन, 5,000 रुपये से अधिक के उपहार, क्लब और जिम सुविधाएं आदि भी शामिल होती हैं।
2.टैक्स में छूट प्राप्त परक्विज़िट
जिन परक्विज़िट पर टैक्स नहीं लिया जाता, उनमें कई लाभ जैसे ट्रैवल संबंधित खर्च , कंपनी द्वारा प्रदान किए गए लैपटॉप व कंप्यूटर, काम के घंटों के दौरान दिए गए रिफ्रेशेमेंट, फ्री-मेडिकल सुविधाएं, हेल्थ कल्ब, स्पोर्ट्स कल्ब, PPF और बिना ब्याज के लोन आदि दिए जाते हैं।
3. केवल कर्मचारियों के लिए टैक्सेबल परक्विज़िट
इस तरह की परक्विज़िट में कर्मचारियों के लिए कंपनी की तरफ से कार.उनके बच्चों के लिए शिक्षा सुविधाएं और घरेलू नौकर की सुविधा आदि शामिल हैं।
फाइनेंस एक्ट 2005, के अनुसार अगर कंपनी कर्मचारियों को इस तरह के लाभ प्रदान करती है, तो सरकार द्वारा परक्विज़िट पर टैक्स लगाया जाता है। ये टैक्स दिए जाने वाले लाभों का 30% होता है। परक्विसिट टैक्स का भुगतान इन लाभों को देने वाले नियोक्ता के द्वारा किया जाता है । यह एक कंपनी, एक फर्म, व्यक्तियों या व्यक्तियों के निकाय का एक संघ हो सकता है। हालांकि, एम्प्लायर कर्मचारियों की ओर से टैक्स पे करने का विकल्प चुन सकता है। परक्विज़िट गैर-मौद्रिक है इसलिए इस पर धारा 10 C के अंतर्गत टैक्स में छूट दी जाती है ।
परक्विजि़ट के लाभ व्यक्ति की जॉब प्रोफाइल के मुताबिक होते हैं। उदाहरण के तौर पर यदि कोई कर्मचारी सेल्स प्रोफाइल पर काम करता है तो उसे इस कार्य को करने के लिए बहुत सारा फील्ड वर्क करना होगा। इसका मतलब यह है कि कर्मचारी को काम के उद्देश्यों के लिए नियमित रूप से बहुत यात्रा करनी होगी। रोज़ाना ट्रैवल करने के लिए कर्मचारी को ईंधन, कार के रखरखाव, खाने और रहने पर बहुत पैसा खर्च करना होगा। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कर्मचारी इस तरह के खर्चों का बोझ महसूस न करे, कंपनी आमतौर पर ऐसे खर्चों की भरपाई के लिए वेतन के अलावा परक्विज़िट प्रदान करती है।
मुफ्त में हिंदी क्रेडिट रिपोर्ट हर महीने अपडेट के साथ प्राप्त करें
यहाँ क्लिक करें
आइए जानते हैं कि परक्विजि़ट पर लगने वाले टैक्स को कैलकुलेट कैसे किया जाता है-
इसे हम एक उदाहरण की मदद से समझ सकते हैं :-
मान लीजिए कि एक नियमित कर्मचारी के ‘वेतन’ के तहत ली गई आय 8 लाख रुपये है, जिसमें 90,000 रुपये शामिल हैं, जिसका भुगतान नियोक्ता द्वारा गैर-मौद्रिक परक्विज़िट के रूप में किया जाता है। आईटीए के अनुसार, परक्विज़िट टैक्स लिया जाएगा-
‘वेतन’ के तहत ली जाने वाली आय – 8 लाख रु.
शिक्षा और स्वास्थ्य उपकर सहित वेतन पर टैक्स 4% – 75,400 रु.
औसत कर रेट– 75400/8,00,000 x 100 = 9.4%
90,000 रु. पर भुगतान किया गया टैक्स= 9.24% x 90,000 अर्थात 8,316 रु.
हर महीने डिपॉज़िट की जाने वाली राशि – 8,316/12 रु., यानि 693 रु.
इसलिए, कंपनी के द्वारा कर्मचारी के वेतन पर टीडीएस के रूप में 693 रुपये का भुगतान किया जाएगा I
ये भी पढ़ें: अपना क्रेडिट स्कोर कैसे बढ़ाए, इसके लिए 9 टिप्स
अधिकतर कंपनियां अपने कर्मचारियों को आवास, गाड़ी, और स्टॉक जैसे परक्विज़िट प्रदान करती हैं जिन पर टैक्स लगाया जाता हैI इस टैक्स को कैलकुलेट कैसे किया जाता है, इसे हम एक उदाहरण द्वारा समझ सकते हैंI
कई कंपनियां अपने कर्मचारियों को आवास की सुविधा प्रदान करती हैं I आमतौर पर यह सुविधा कंपनी के द्वारा कर्मचारी को पर्क के रूप में दी जाती है । आवास की सुविधा पर टैक्स लगता है, हालांकि टैक्स इस बात पर निर्भर करेगा कि आवास की जगह किराए पर ली गई है, स्वामित्व में है या नियोक्ता द्वारा लीज पर दी गई है।
आवास की सुविधा पर टैक्स किस तरह लग सकता है, इसे हम एक टेबल के माध्यम से समझ सकते हैं:-
| आवास का प्रकार | शहर की जनसंख्या | टैक्स का प्रतिशत |
| कंपनी के
स्वामित्त्व में |
₹ 25 लाख से अधिक | 15 % |
| ₹ 10 लाख से ₹ 25 लाख के बीच | 10 % | |
| ₹ 10 लाख से कम | 7 % | |
| कंपनी के द्वारा लीज पर दिया गया I | भुगतान किया गया वास्तविक किराया या 15% जो भी कम हो | ऐपलीकेबल नहीं |
| एक होटल या गेस्ट हाउस में 15 दिनों से अधिक समय तक आवास प्रदान किया जाता है | 24 % |
इस प्रकार की परक्विज़िट पर लगने वाला टैक्स दो कारकों पर निर्भर करता है। पहला यह है कि कार कंपनी के स्वामित्त्व या लीज़ पर दी गई है या नहीं।दूसरा यह है कि क्या कार का उपयोग केवल आधिकारिक उद्देश्यों के लिए या आंशिक रूप से व्यक्तिगत उद्देश्यों के लिए और आंशिक रूप से आधिकारिक उपयोग के लिए किया जा रहा है ?दोनों ही मामलों में, टैक्स का कैलकुलेशन अलग-अलग होगा । हम टैक्स रेट को इस टेबल के आधार पर दर्शा सकते हैं :-
| कार का प्रकार | कर की दर |
| 1.6 लीटर से कम छोटी कारें | ₹ 1800/ माह |
| 1.6 लीटर से ऊपर की बड़ी कारें | ₹ 2,400 / माह |
प्रश्न 1. क्या परक्विज़िट टैक्स योग्य है?
उत्तर: परक्विज़िट अतिरिक्त लाभ हैं, जो एक व्यक्ति को अपने वेतन से अधिक और अलावा प्राप्त होते हैं। आप इन्हें अतिरिक्त भत्ता मान सकते हैं। फिर, परक्विज़िट प्रकार के आधार पर टैक्स योग्य या नॉन टैक्सेबल दोनों हो सकते हैं।
प्रश्न 2. टैक्स–फ्री परक्विज़िट क्या है?
उत्तर: टैक्स-फ्री परक्विज़िट में शामिल होते हैं :-
प्रश्न 3. परक्विज़िट को कैसे वर्गीकृत किया जा सकता है ?
उत्तर: परक्विज़िट की कर योग्यता के आधार पर, उन्हें निम्नलिखित भागों में वर्गीकृत किया जा सकता है :-
प्रश्न 4. परक्विज़िट पर टैक्स कैसे लगाया जाता है?
उत्तर: फाइनेंस एक्ट, 2005 के अनुसार, यदि कंपनी के द्वारा कर्मचारियों को ये भत्ते प्रदान किए जाते हैं, या उन्हें इनके लिए योग्य समझा जाता है, तो सरकार द्वारा परक्विज़िट पर टैक्स लगाया जाता है। परक्विज़िट पर दिए जाने वाले लाभों का 30% टैक्स लिया जाता है।
प्रश्न 5. क्या परक्विज़िट वेतन का हिस्सा है ?
उत्तर: परक्विज़िट को सैलरी में केवल तभी शामिल किया जाता है, जब वे अपने पूर्व, वर्त्तमान या संभावित नियोक्ता के द्वारा किसी कर्मचारी को प्रदान किया गया हो । नियोक्ता के अलावा किसी अन्य व्यक्ति से प्राप्त परक्विज़िट पर टैक्स लिया जाता है।
प्रश्न 6. क्या HRA एक परक्विज़िट है ?
उत्तर: एचआरए एक भत्ता है, जो आपके वेतन में जोड़ा जाता है और इनकम टैक्स के नियमों के अनुसार कुछ हद तक ‘टैक्स-मुक्त होता है I वहीँ, CLA को एक लाभ के रूप में माना जाता है, जो कंपनी के द्वारा एक कर्मचारी को दिया जाता है, जिस पर टैक्स लगता है।
प्रश्न 7. क्या कार की परक्विज़िट पर टैक्स लगता है ?
उत्तर: अगर कर्मचारी की सैलरी 50,000 रु. से अधिक है तो नियोक्ता द्वारा उसे परक्विजि़ट के रूप में दी गई कार पर टैक्स लगता है। कार की परक्विज़िट का मूल्य इंजन की क्षमता पर निर्भर करता है और साथ ही इस बात पर भी कि क्या नियोक्ता या कर्मचारी कार के रखरखाव के लिए भुगतान करते है या नहीं।
प्रश्न 8. परक्विज़िट के रूप में कौन नहीं शामिल होते हैं ?
उत्तर: कर्मचारियों द्वारा ली जाने वाली ट्रेनिंग या कोर्स को परक्विजिट में शामिल नहीं किया जाएगा।अगर कोई एम्प्लायर अपने कर्मचारी के लिए कोई एक्सीडेंटल बीमा लेता है, तो उसमें दी गई प्रीमियम की राशि भी परक्विज़िट में शामिल नहीं होगी I