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बैंक व एनबीएफसी आमतौर पर 10 हजार से लेकर 40 लाख रु. तक का पर्सनल लोन ऑफर करते हैं। लेकिन किसी आवेदक को कितनी पर्सनल लोन राशि मिलेगी यह उसके इनकम और मौजूदा भुगतान क्षमता पर निर्भर करता है। कुछ लोन संस्थान मल्टीप्लायर मेथर्ड के ज़रिए आवेदक की इनकम और उसे कितनी लोन राशि मिलनी चाहिए तय करते हैं।
तो कुछ बैंक व एनबीएफसी EMI/NMI रेश्यो के माध्यम से आवेदक की मासिक आय व खर्च का पता लगाते हैं। फिर निर्धारित करते हैं कि उसे कितना पर्सनल लोन अमाउंट देना चाहिए। आइए इस आर्टिकल में इन दोनों मेथर्ड के बारे में विस्तार से जानते हैं-
इस मेथर्ड में बैंक या NBFC आवेदक के नेट मंथली इनकम को एक तय गुणा (जैसे 10 से 24 गुना) से मल्टीप्लाय करते हैं और फिर पर्सनल लोन की राशि तय करते हैं।
उदाहरण से समझें- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) अधिकतम 35 लाख रु. तक या फिर आपकी NMI (नेट मंथली इनकम) के 24 गुना तक पर्सनल लोन राशि ऑफर करता है। ऐसे में अगर आप एसबीआई से पर्सन लोन लेने का सोच रहे हैं, तो 40,000 रु. के मंथली इनकम पर आपको 9.6 लाख तक का एसबीआई पर्सनल लोन मिल सकता है।
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आप अपनी नेट मंथली इनकम (NMI) का कितना हिस्सा मौजूदा और नए लोन की ईएमआई पर खर्च करते हैं इसे ही EMI/NMI रेश्यो कहते हैं। आमतौर पर बैंक व एनबीएफसी 50-60% ईएमआई/एनएमआई रेश्यो वालों को लोन देना पसंद करते हैं। लेकिन यह एक बैंक से दूसरे बैंक में अलग-अलग भी हो सकता है।
जैसे एसबीआई 65% तक EMI/NMI रेश्यो वालों को पर्सनल लोन ऑफर करता है। यानी आपके पुराने और प्रस्तावित नए लोन की ईएमआई आपकी मंथली सैलरी के 65% से अधिक नहीं होनी चाहिए।
ऐसे में अगर आप पर्सनल लोन लेने का विचार कर रहे हैं, तो अपनी भुगतान क्षमता के आधार पर उपयुक्त EMI और लोन अवधि तय करने के लिए पैसाबाज़ार की पर्सनल लोन EMI कैलकुलेटर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आप जान सकते हैं कि आपकी कुल EMI आपके नेट मंथली इनकम के 60% के अंदर रहेगी या नहीं।
अगर आपका EMI/NMI रेश्यो निर्धारित सीमा से अधिक होता है तो आप लोन की अवधि बढ़ा सकते हैं। इससे आपकी मासिक किश्त कम हो जाएगी और आपके लोन मिलने की योग्यता बढ़ जाएगी।
ये भी पढ़ें- पर्सनल लोन चाहिए? जानिए कैसे बढ़ाएं अप्रूवल की संभावनाएं
ऊपर बताए गए तरीकों से अलग-अलग बैंक व एनबीएफसी द्वारा मिलने वाली लोन राशि के बारे में पता लगाना कठिन है और समय लेने वाला है। इसलिए आप अपना समय और मेहनत दोनों बचाने के लिए ऑनलाइन पर्सनल लोन एलिजिबिलिटी कैलकुलेटर का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो कई लेंडर्स द्वारा प्रदान किया जाता है।
इस कैलकुलेटर का इस्तेमाल करने के लिए आपको बस ब्याज दर, लोन अवधि, मासिक आय और मौजूदा EMI जैसी जानकारी भरनी होती है, और फिर कैलकुलेटर बता देता है कि आप कितनी लोन राशि पाने के योग्य हैं।
इन दो फैक्टर्स के बैंक व एनबीएफसी आपकी लोन राशि निर्धारित करते हैं। लेकिन इसके अलावा लोन देने के लिए वह आपका क्रेडिट स्कोर, इनकम, पेशा और कितने साल से जॉब कर रहे हैं, जैसे कारकों पर भी ध्यान देते हैं। इसलिए पर्सनल लोन आवेदन करने से पहले अपनी ज़रूरत, बजट और इन सभी पहलुओं का सही आकलन करें। ताकि आप एक सही और संतुलित वित्तीय निर्णय ले सकें।