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पर्सनल लोन लेते समय न केवल उसकी ब्याज दरें, फीस व चार्जेस देखना ज़रूरी है। बल्कि सही पर्सनल लोन अवधि चुनना भी उतना ही ज़रूरी है। सही पर्सनल लोन अवधि चुनने से न सिर्फ EMI भरने में सहूलियत होती है, बल्कि कुल ब्याज लागत में भी बचत कर सकते हैं।
अधिकतर बैंक व एनबीएफसी पर्सनल लोन भुगतान के लिए 5 साल तक का समय देते हैं। लेकिन कुछ लोन संस्थान 7 साल के लिए भी पर्सनल लोन देते हैं। सही लोन अवधि चुनकर आप कुल ब्याज लागत में बचत कर सकते हैं और अपने अन्य वित्तीय लक्ष्यों को भी पूरा कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं सही पर्सनल लोन अवधि चुनने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए-
पर्सनल लोन की कुल लागत में अवधि (टेन्योर) का अहम योगदान होता है। लोन की अवधि छोटी होने से EMI ज़्यादा, लेकिन ओवरऑल इंटरेस्ट कॉस्ट कम होता है। इसके उल्ट लोन अवधि लंबी होने से ईएमआई कम लेकिन कुल ब्याज लागत ज़्यादा भरना पड़ता है।
ऐसे में सही पर्सनल लोन अवधि चुनना एक चुनौती का काम बन जाता है। जिसमें अवधि कम हो ताकि ब्याज लागत में बचत हो सके और EMI भरने का बोझ भी न लगे। आप अपने अन्य वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करते हुए समय से EMI भर सके।
| संक्षेप में-
लंबी लोन अवधि = EMI कम लेकिन कुल ब्याज लागत ज़्यादा |
अपनी वर्तमान वित्तीय स्थिति का आकलन करें
आप अपनी मासिक आय का मौजूदा और नए लोन की ईएमआई पर कितना खर्च करते हैं, इसे EMI/NMI रेश्यो कहते हैं। 50-60% रेश्यो वालो को लोन मिल सकता है। लेकिन रेश्यो निर्धारित सीमा से अधिक होने पर लोन आवेदन खारिज भी हो सकता है।
इसलिए लोन लेने से पहले अपनी मासिक आय और खर्चो का आकलन करें। इससे पता चलेगा कि आप अपनी मासिक ज़रूरतों से समझौता किए बिना, कितनी EMI आसानी से चुका सकते हैं। और फिर इस आधार पर लंबी या छोटी लोन अवधि का चुनाव कर सकते हैं।
EMI और ब्याज लागत कैलकुलेट करें
पर्सनल लोन ईएमआई कैलकुलेटर की मदद से आप लोन आवेदन करने से पहले ही अलग-अलग लोन अवधि के अनुसार ईएमआई और कुल ब्याज लागत का पता लगा सकते हैं। अगर आप अधिक ईएमआई भरने में सक्षम हैं तो छोटी लोन अवधि चुनें इससे कुल ब्याज लागत में बचत करने में मदद मिलेगी।
वहीं, अगर ईएमआई अधिक होने की वजह से आपको अपने मासिक वित्तीय खर्चो से समझौता करना पड़ रहा है तो लंबी अवधि वाला पर्सनल लोन चुन सकते हैं। इस बीच अगर आपके पास अतिरिक्त पैसा आता है तो आप पर्सनल लोन का समय से पहले भी भुगतान कर सकते हैं। हालांकि इसके कुछ फीस व चार्जेस लगते हैं जो एक बैंक से दूसरे बैंक में अलग-अलग हो सकता है।
ये भी पढ़ें- पर्सनल लोन फीस व चार्जेस
निष्कर्ष
पर्सनल लोन लेते समय लोन टेन्योर चुनना सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक होता है। इसलिए इसका चुनाव करते समय अपनी मासिक खर्चे, वित्तीय लक्ष्य और नेट मंथली इनकम जैसे कारकों का ध्यान रखें। इसके आधार पर ही अपने लिए सही पर्सनल लोन अवधि चुनें और बिना किसी परेशानी के समय से ईएमआई का भुगतान करें ताकि आपकी अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री व स्कोर बन सके।